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Written By: Anshumala | Published : April 23, 2018 6:40 PM IST
आईवीएफ तकनीक के आने से उन दंपतियों के लिए औलाद का सुख पाना आसान हो गया है, जो किसी न किसी समस्या के कारण मां-बाप नहीं बन पाते थे। चूंकि, यह तकनीक थोड़ी महंगी है, इसलिए अब कई दंपति एक ही बार में दो बच्चों का सुख पा लेना चाहते हैं। इंदिरा आईवीएफ हास्पिटल, दिल्ली के आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अरविंद वैद कहते हैं कि मेरे पास ऐसे कई दंपति आते हैं, जो एक ही बार में जुड़वा बच्चे का सुख पा लेना चाहते हैं। ऐसे में आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान अब दो या दो से अधिक भ्रूण गर्भ में प्रत्यारोपित किया जाना आम हो चला है।
डॉ. अरविंद वैद कहते हैं कि आईवीएफ की मांग आजकल इसलिए है, क्योंकि ज्यादातर लोग यह सोच रखते हैं कि एक बच्चे का जन्म हो या दो, खर्च तो बराबर ही आना है। चूंकि, आईवीएफ तकनीक बेहद खर्चीली है, इसलिए अधिकांश दंपति चाहते हैं कि एक बार में ही उनका परिवार पूरा हो जाए। वहीं, कुछ दंपति बार-बार इस तकनीक को अपनाने से बचते हैं, इसलिए वे चाहते हैं कि एक बार के खर्चे में ही वे दो बच्चों के मां-बाप बन जाएं। इसका मतलब यह नहीं है कि दंपति एक से ज्यादा बच्चे के लिए दबाव डालते हैं। हां, इसके लिए वे अपनी इच्छा जरूर जाहिर करते हैं, खासकर कामकाजी महिलाएं, क्योंकि वे चाहती हैं कि एक बार में ही उनका परिवार पूरा हो जाए, उसके बाद वे अपने करियर पर ध्यान दे सकें।
बुनियादी तौर पर आईवीएफ के जरिए आप और आपके डॉक्टर इस बात का निर्धारण कर सकते हैं कि आपके गर्भ में कितने भ्रूण को हस्तांतरित किया जाए। यहां यह जानना जरूरी है कि अगर आप केवल एक ही भ्रूण को हस्तांतरित करवाते हैं, तो आपको जुड़वा या एक साथ तीन बच्चे होना असंभव है। यहां तक कि एक भ्रूण हस्तांतरित करवाने से सफल गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है, क्योंकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आपका भ्रूण यूटेराइन लाइनिंग यानी बच्चेदानी के भीतर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित हो ही जाएगा। यही कारण है कि कई महिलाएं, जो बार-बार गर्भ धारण नहीं कर सकती हैं, वे एक साथ एक से ज्यादा भ्रूण प्रत्यारोपित करवाती हैं। आईवीएफ की सफलता कई बातों पर निर्भर करती है जैैसे- मां बनने महिला की उम्र, उसकी सेहत और भ्रूण की जीवन क्षमता। एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि आईवीएफ प्रकिया के दौरान कई भ्रूण गर्भ में स्थानांतरित किया जाना और उन्हें प्रत्यारोपित किया जाना एक स्व-नियंत्रित प्रक्रिया है, जिसे न ही बदला जा सकता है और न ही उसमें हस्तक्षेप किया जा सकता है।
चित्रस्रोत-Shutterstock.