
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 30, 2023 12:55 PM IST
National Safe Motherhood Day 2023: प्रेगनेंसी महिलाओं के जीवन का एक खास फेज होता है और इस दौरान महिलाओं को अपना और अपने बच्चे के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना पड़ता है। चूंकि बच्चे का प्रारंभिक विकास गर्भ में ही होता है इसीलिए, बच्चे को स्वस्थ, अनुकूल और सही माहौल मिलना चाहिए ताकि उसका विकास अच्छी तरह हो। स्वस्थ और सुरक्षित गर्भावस्था के महत्व को समझाने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से हर साल 11 अप्रैल को नेशनल सेफ मदरहुड डे ( National Safe Motherhood Day 2023) मनाया जाता है। स्वस्थ मातृत्व के लिए प्रेगनेंसी और डिलिवरी के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, इसी से जुड़ी कुछ टिप्स पढ़ें यहां। ( Do's and don'ts for safe motherhood in Hindi.)
जैसा कि प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में हार्मोन्स के स्तर में बहुत अधिक बदलाव आते हैं और इसी वजह से एंग्जायटी और थकान जैसी समस्याएं अधिक होती हैं। इन सबके चलते लोगों का स्लीपिंग साइकिल बिगड़ सकता है और इसकी वजह से कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। इसीलए, गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त समय तक आराम करने के लिए कहा जाता है। रात में 7-8 घंटे की नींद सोने के अलावा दिन में भी थोड़ी-थोड़ी देर की झपकी या नैप जरूर लें।
प्रेगनेंसी के 9 महीनों में महसूस होने वाली कई समस्याओं से निपटने के लिए आप एक्सरसाइज की मदद ले सकती हैं। अनिद्रा, मोटापा, मांसपेशियों में दर्द, मूड स्विंग जैसी समस्याएं वर्कआउट करने से कम महसूस होती हैं। इसीलिए, प्रेगनेंट महिलाओं को रोज हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है।
डिहाइड्रेशन की वजह से प्रीटर्म लेबर (preterm labor) का रिस्क बढ़ता है। प्री-टर्म बर्थ की स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा मं पानी पीएं। दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीएं। पानी की जरूरत पूरा करने के लिए आप नारियल पानी, फलों के जूस और अन्य हेल्दी लिक्विड को भी डाइट में शामिल करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से सिरदर्द, चक्कर आने और कॉन्स्टिपेशन जैसी समस्याएं भी कम महसूस होती हैं।
प्रेगनेंसी के दौरान सिगरेट ना पीएं और तम्बाकू उत्पादों का सेवन ना करें। क्योंकि, ऐसा करने से जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है या आगे चलकर उसे पढ़ने-लिखने से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
गर्भवती महिलाओं को अल्कोहल का सेवन नहीं करना चाहिए। कई स्टडीज के अनुसार, प्रेगनेंसी में अल्कोहल पीने वाली महिलाओं के बच्चों को पढ़ने-लिखने में समस्या हो सकती है। साथ ही उन्हें व्यवहार से संबंधित परेशानियां महसूस हो सकती हैं। जबकि, उनका विकास भी धीमा हो सकता है।