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Written By: Anshumala | Published : April 11, 2019 4:29 PM IST
सफर के दौरान कैसे करें सेफ ट्रैवलिंग, जानें कुछ जरूरी बातें। © Shutterstock.
प्रेगनेंट महिलाओं को हर समय अपना खास ख्याल रखना चाहिए, फिर चाहे वो कहीं घूमने ही क्यों न जा रही हों। यात्रा के दौरान जरा सी भी लापरवाही आपको मुश्किल में डाल सकता है। उन महिलाओं को ट्रैवल करते समय खास ख्याल रखना चाहिए, जिन्हें किसी तरह की कॉम्प्लिकेशन है। गायनोकोलॉजिस्ट व आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. श्वेता गोस्वामी का कहना है कि प्रेगनेंट महिलाएं कहीं भी घूमने जाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें। ऐसा नहीं कि प्रेगनेंसी के दौरान ट्रैवलिंग नहीं करना चाहिए। हां, सबसे सेफ ट्रेन से कहीं घूमने जाना होता है। फिर भी, ट्रैवल के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
क्या हो सकती है परेशानी
– प्रेगनेंसी में ट्रैवल उन्हें नहीं करना चाहिए जिन्हें प्रेगनेंसी से संबंधित कोई समस्या हो। पहले तीन महीने और नौवें महीने में भी घूमने जाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये समय हाई रिस्क वाला होता है। बेड रेस्ट की सलाह दी गई है, तो भूलकर भी बाहर ना जाएं। कई बार ट्रैवलिंग के दौरान सफर लंबा होता है, सड़कें खराब होती हैं, सफर के दौरान मेडिकल सुविधा की कमी आदि बातें प्रेगनेंसी पर नकारात्मक असर करती हैं।
– आप घर पर होती हैं, तो नियमित एक्सरसाइज करती होंगी, एक प्रॉपर डायट रूटीन फॉलो करती होंगी, पर जब आप कहीं ट्रैवल करने जाती हैं, तो ये सब रूटीन गड़बड़ हो जाता है। ऐसे में शरीर में प्रॉपर पौष्टिक तत्व ना जाने से आपके शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी हो सकती है। ट्रैवलिंग के दौरान स्वस्थ रहना है, तो अपने खानपान का जरूर ध्यान रखें। सही प्रकार से आराम करें। खूब सारे फ्लूइड्स तथा लाइट एक्ससाइज भी होटल के कमरे में करें।
– गर्भावस्था में भी आपको उल्टी की समस्या हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन्स बढ़ जाते हैं जो जी मिचलाने के लक्षणों से लड़ने की शरीर की क्षमता को कम कर देते हैं।
– प्रेगनेंसी के शुरुआती तीन महीने में कहीं भी यात्रा करने से बचें वरना मिसकैरिज का खतरा बढ़ जाता है।
सेफ ट्रैवलिंग यूं करें
– शरीर में पानी की कमी न होने दें। फ्लाइट से कहीं यात्रा करती हैं, तो नमी का स्तर कम होने के कारण डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ सकती है। पैर फैलाकर ही बैठें।
- कार में सीट बेल्ट पेट के नीचे बांधें। कार की अगली सीट पर बैठें और स्वच्छ हवा के लिए खिड़की खुली रखें। ब्लड प्रेशर सामान्य रखने, ऐंठन और सूजन से बचने के लिए पैरों को फैलाते और हिलाते डुलाते रहें। समुद्री यात्रा पर भी आपको उल्टी आने का एहसास हो सकता है। कई बार मॉर्निंग सिकनेस बढ़ जाती है। जहाज पर कोई डॉक्टर है या मेडिकल सुविधा है या नहीं, इसके बारे में पता कर लें।
– प्रेग्नेंसी के सेकेंड ट्राइमेस्टर को प्रेगनेंट महिलाओं के लिए ट्रैवल करने के लिए सेफ माना गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन तीन महीनों में मॉर्निंग सिकनेस, थकान, सुस्ती, उल्टी जैसी शिकायतें कम होती हैं।
– उन जगहों पर जाने से बचें, जहां किसी संक्रमित बीमारी का प्रकोप फैला हुआ हो।
– प्रेगनेंसी में हवाई यात्रा सुरक्षित नहीं होती लेकिन किन्हीं कारणों से यदि आपको हवाई यात्रा करनी पड़े तो आपको गर्भावस्था के 14 से 28 सप्ताहों के बीच में ही यात्रा करनी चाहिए। उससे पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना कभी न भूलें।
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