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प्रेग्नेंसी में कौन सी रोटी खानी चाहिए? गेहूं और मल्टीग्रेन आटा क्या है आपके लिए सही?

प्रेग्नेंसी में महिलाओं के मन में यह सवाल आता है कि उन्हें मल्टीग्रेन आटे की रोटी खानी चाहिए या नॉर्मल गेहूं के आटे की रोटी? आज हम इसी सवाल का जवाब जानेंगे दिल्ली की वुमन हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. बिमल प्रीत मोहन से।

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : June 18, 2026 9:35 AM IST

प्रेग्नेंसी के 9 महीने के सफर में दिमाग में कई सारी बातें घूमती हैं। खासकर खानपान को लेकर प्रेग्नेंसी में कई तरह के सवाल आते हैं। क्योंकि प्रेग्नेंसी में मां जो भी खाती है, उसका असर बच्चे के विकास पर भी पड़ता है। इसलिए खानपान में सही चीजों का चुनाव करना बहुत जरूरी होता है। प्रेग्नेंट महिलाएं सोचती हैं- मैं ऐसा क्या खाऊं जिससे मेरा बेबी हेल्दी हो? क्या मैं पनीर खाऊं? लेकिन प्रेग्नेंसी में खाने की बात में सबसे ज्यादा परेशानी बनता है आटे की रोटी खाना। बाजार में आटे के इतने तरह के आटे मौजूद होने के कारण प्रेग्नेंट महिलाएं सोचती हैं कि उन्हें पारंपरिक गेहूं के आटे की रोटी खानी चाहिए या मल्टीग्रेन आटे की रोटी खानी चाहिए? अगर आप भी प्रेग्नेंट हैं और मल्टीग्रेन या गेंहू के आटे की रोटी को लेकर कंफ्यूज हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कौन से आटे की रोटी आपके लिए और बच्चे के लिए बेहतर होती है।

गेहूं की रोटी में ग्लूटेन होता है। गेहूं की रोटी में ग्लूटेन होता है।

प्रेग्नेंसी में गेहूं के आटे की रोटी खाने के फायदे

हार्वर्ड हेल्थ की वेबसाइट पर छपी रिसर्च बताती है कि गेहूं के आटे में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, विभिन्न प्रकार के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। अगर आटा साबुत गेहूं का है, तो उसमें गेहूं का बाहरी छिलका और पौष्टिक भाग भी मौजूद रहते हैं, जिससे आटे का पोषण बढ़ जाता है।

  1. गेहूं के आटे की रोटी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करवाता है।
  2. गेहूं के आटे में बी-विटामिन्स और आयरन भी होता है। प्रेग्नेंसी में मां और गर्भ में पलने वाले बच्चे के लिए यह दोनों ही पोषक तत्व बहुत जरूरी होती हैं।

    फाइबर होने के कारण प्रेग्नेंसी में गेहूं के आटे की रोटी खाने से कब्ज की समस्या भी कम होती है।

  3. हार्वर्ड हेल्थ की रिसर्च बताती है कि गेहूं के आटे की रोटी उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होती है, जिन्हें ग्लूटेन से किसी प्रकार की एलर्जी नहीं होती है।

मल्टीग्रेन आटे की रोटी मल्टीग्रेन आटे की रोटी में कैल्शियम और विटामिन ज्यादा होता है।

प्रेग्नेंसी में मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाने के फायदे

नई दिल्ली के हौज खास स्थित कैपिटल क्लीनिक की डायरेक्टर, चीफ रेडियोलॉजिस्ट और वुमन हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. बिमलप्रीत मोहन बताती हैं कि मल्टीग्रेन आटे का मतलब है एक से अधिक अनाजों का मिश्रण। मल्टीग्रेन आटे में गेहूं के साथ-साथ जौ, बाजरा, रागी, मक्का, ओट्स, चना जैसे अनाज मिलाए जाते हैं। विभिन्न तरह के अनाजों का मिश्रण होने के कारण मल्टीग्रेन आटे में कैल्शियम और कुछ विटामिन ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं।

  1. प्रेग्नेंसी में मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाने से शरीर को ज्यादा मात्रा में फाइबर मिलता है। जिससे पेट भरा हुआ रहता है।
  2. मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाने से विभिन्न प्रकार के विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं, जो मां और बच्चे के विकास के लिए अच्छा होता है।
  3. मल्टीग्रेन आटे का ग्लाइसेमिक प्रभाव कम हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है।

प्रेग्नेंसी में किस आटे की रोटी खाएं?

American College of Obstetricians and Gynecologists की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी बताती है कि प्रेग्नेंसी में मल्टीग्रेन और गेहूं दोनों ही आटे की रोटी खाई जा सकती है । डॉ. बिमल प्रीत मोहन भी इस बात को मानती हैं कि प्रेग्नेंसी में गेहूं और मल्टीग्रेन दोनों में से किसी भी आटे की रोटी खाई जा सकती है। यह पूरी तरह से महिला पर निर्भर करता है। लेकिन  प्रेग्नेंसी में मां और गर्भ में पलने वाले शिशु के बेहतर विकास के लिए मल्टीग्रेन आटे की रोटी ज्यादा बेहतर होती है। मल्टीग्रेन आटे में बाजरा, जौ, रागी, ओट्स जैसे पौष्टिक अनाज शामिल हैं, इसलिए गेहूं की तुलना में यह ज्यादा पौष्टिक तत्वों से भरा हुआ होता है। प्रेग्नेंसी में जब महिलाओं को कैल्शियम की जरूरत ज्यादा होती है, तब मल्टीग्रेन आटे में मौजूद रागी आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।

डॉक्टर का कहना है कि प्रेग्नेंसी में मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाना उन महिलाओं के लिए बेहतर होता है, जिन्हें कब्ज और पेट दर्द की परेशानी रहती है। मल्टीग्रेन आटे में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो मल को मुलायम बनाकर मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाती है। इससे कब्ज की परेशानी कम होती है।

Disclaimer: प्रेग्नेंसी में गेहूं और मल्टीग्रेन दोनों प्रकार की रोटियां सही हैं। लेकिन गेहूं की तुलना में मल्टीग्रेन आटे की रोटी प्रेग्नेंसी में खाना ज्यादा बेहतर होता है। अगर आप भी प्रेग्नेंट हैं तो अपने खानपान में किसी प्रकार का बदलाव करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।