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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : May 12, 2019 9:09 AM IST
Mothers Day 2019 Date को आप जब मना रहे हैं तो आपको इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि एक मां का ख्याल कैसे रखते हैं। मां बनने के बाद शिशु को स्तनपान से लेकर खुद के स्वास्थ्य की परेशानी से मां को लड़ना होता है।
Mothers Day 2019 Date को आप जब मना रहे हैं तो आपको इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि एक मां का ख्याल कैसे रखते हैं। मां बनने के बाद शिशु को स्तनपान से लेकर खुद के स्वास्थ्य की परेशानी से मां को लड़ना होता है। बच्चे के स्वास्थ्य के साथ मां के लिए जरूरी पोषक तत्वों वाले फूड की जानकारी भी जरूरी होती है। मां का खनापान ऐसा होना चाहिए जो शरीर को ताकत देने के साथ बच्चे के लिए भी सेहतमंद हो। हम यहां कुछ ऐसे ही खानपान और परहेज पर बात कर रहे हैं।
Mothers day date पर आप मां के लिए बादाम, काजू, अखरोट, तिल और अलसी के बीज, खजूर, किशमिश, जीरा, मेथी के बीज, अजवाइन, सूखा अदरख, गोंद और गुड़ जरुर लाएं। मां बनने के बाद गुनगुना पानी, जीरे का पानी, सूप, मट्ठा, एगनाॅग और दूध जैसी चीजें भी ज्यादा से ज्यादा पीनी चाहिये क्योंकि यह तरल पदार्थ शरीर में ज्यादा दूध बनाने के लिये जरूरी होते हैं।
Mothers day date फल, सब्जियां, सूखे मेवे, साबूत अनाज, फली और बीज। यह चीजें काॅर्टिसोल हारमोन पर काबू रखती हैं क्योंकि यह हारमोन मानसिक तनाव को बढ़ाता है। इसलिये एसा खानपान जो शरीर में काॅर्टिसोल हारमोन को काबू करे या घटाये, मानसिक तनाव को खत्म करने में मदद करता है।
दूसरी ओर, सेरोटाॅनिन दिमाग में बनने वाला एक रसायन है जो निराशा को खत्म करने और मन बदलने में मददगार होता है। ऐसा खाना जो मिश्रित कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर होता है जैसे साबूत और चोकर वाले अनाज, फलियां, ज्यादा फाईबर वाली सब्जियां और फल- शरीर में सेरोटाॅनिन का स्तर बढ़ाते हैं, और इसका नतीजा होता है कि आप ज्यादा शांत और खुश रहती हैं।
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मछली का सेवन करना आपको खुशमिजाज रखने में बड़ा कारगर है क्योंकि मछली में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में सेरोटाॅनिन का स्तर बढ़ाता है। अखरोट, और अलसी के बीज में भी ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है पर कैफीन वाली चीजों और रिफाइन्ड चीजों को खाने से परहेज करना चाहिये।
Mothers day date खाना बनाने में अजवाईन, जीरा, लहसुन, अदरख और हींग का इस्तेमाल खाना पचाने की ताकत को बढ़ाता है। एक स्तनपान करने वाली माँ को आसानी से पचने वाला खाना खाना चाहिए जिससे शरीर को खाना पचाने के लिये ज्यादा मेहनत न करनी पड़े। दिनभर में तीन बार भरपेट खाने से अच्छा है कि थोड़ी-थोड़ी देर पर लगातार खाया जाए।
अण्डा, दूध से बनी चीजें, मुर्गा/मछली, दालें, फलियां, अनाज जैसे बाजरा, रागी, दलिया, भूरा चावल, गहरी हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, खजूर, काली किशमिश और तिल के बीज। यह चीजें ‘पी.सी.आई’ यानि प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर होती हैं।
यह तीनों पोषक तत्व आपके शिशु को हष्ट-पुष्ट और सेहतमंद रखने में मददगार होते हैं। खान-पान में इनमें से किसी की भी कमी होने पर यह न केवल शिशु बल्कि माँ बनने वाली महिला, दोनों की सेहत पर खराब असर करता है और प्रसूता में एनीमिया होने, हड्डियों की कमजोरी और शरीर की रोगप्रतिकारक ताकत के कम होने जैसे ख़तरे को बढ़ाता है।
Mothers day date को आप सिर्फ मानएं नहीं बल्कि मां को गलतियों से भी बचाएं। गर्भवती होते ही ‘ये खाना है’, ये नहीं खाना है’ इसके अलावा और कोई बात सुनने को नहीं मिलती... है न? और जब आप स्तनपान कराने वाली माँ होती हैं तो लोगों के सलाह-मशविरे खत्म होने का नाम ही नहीं लेते।