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क्या मां की नींद का असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है? जानें क्या कहते हैं सीनियर कंसल्टेंट नियोनेटोलॉजिस्ट

प्रेग्नेंसी में पर्याप्त नींद लेना बहुत ही जरूरी होता है। अगर आप सही तरीके से नींद नहीं लेते हैं, तो इससे न सिर्फ आपकेे स्वास्थ्य पर बल्कि बच्चे के स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 7, 2026 8:44 AM IST

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, जिनका सीधा असर उसकी नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है। लेकिन क्या यह नींद भ्रूण को भी प्रभावित करती है? डॉक्टर का कहना है कि इसका सीधा जवाब है, हां। मां की नींद का सीधा और महत्वपूर्ण प्रभाव बच्चे के विकास पर पड़ता है।

यशोदा हॉस्पिटल के नियोनेटोलॉजी एंड क्लीनिकल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर और एचओडी डॉक्टर तेजोप्रताप ओलेटी का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान मां की नींद बहुत ही जरूरी होती है। क्योंकि यह ब्लड फ्लो, ऑक्सीजन सप्लाई और हार्मोनल संतुलन को कंट्रोल करती है, जो भ्रूण के विकास के लिए जरूरी हैं।

नींद और भ्रूण का संबंध कैसे काम करता है?

प्रेग्नेंसी में जब महिला पर्याप्त और गहरी नींद लेती है, तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे गर्भाशय तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही मात्रा में पहुंचते हैं, जिससे भ्रूण का विकास सुचारु रूप से होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान लगातार खराब नींद तनाव हार्मोन को बढ़ा सकती है, जो भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है।

खराब नींद के संभावित रिस्क क्या हैं?

रिसर्च का कहना है कि अगर प्रेग्नेंट महिला लंबे समय तक खराब नींद लेती है या नींद से जुड़ी समस्याओं जैसे स्लीप एपनिया से जूझती है, तो कुछ जोखिम बढ़ सकते हैं, जैसे-

  • भ्रूण का विकास धीमा होना
  • समय से पहले डिलीवरी
  • बच्चे का कम वजन के साथ जन्म, इत्यादि।

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (ACOG) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में विशेषकर दूसरी और तीसरी तिमाही में बाईं ओर करवट लेकर सोना सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इससे गर्भाशय में रक्त प्रवाह बेहतर रहता है।

कब सतर्क होना जरूरी है?

अगर प्रेग्नेंट महिला को शरीर में किसी तरह के बदलाव दिखे, तो उन्हें फौरन सतर्क रहने की जरूरत होती है, जैसे-

  • रात में बार-बार नींद टूटना
  • जोर से खर्राटे आना
  • सुबह उठकर भी थकान महसूस होना
  • सांस लेने में दिक्कत या बेचैनी, इत्यादि।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, गर्भावस्था में नींद संबंधी विकारों को नजरअंदाज करने से मातृ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

प्रेग्नेंसी में अच्छी नींद के लिए क्या करें?

अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान अच्छी नींद चाहते हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान दे सकते हैं, जैसे-

  1. बाईं करवट सोने की आदत डालें।
  2. सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करें
  3. हल्का भोजन लें और देर रात भारी खाना न खाएं।
  4. नियमित समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं
  5. डॉक्टर की सलाह से ही किसी स्लीप सप्लीमेंट का उपयोग करें

Disclaimer : मां की नींद सिर्फ उसकी सेहत के लिए ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के सही विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। अच्छी और नियमित नींद एक स्वस्थ गर्भावस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर नींद लगातार प्रभावित हो रही हो, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें और समय पर विशेषज्ञ से सलाह लें।