Molar Pregnancy: मिसकैरेज का कारण बन सकती मोलर प्रेगनेंसी, जानिए इस गंभीर समस्‍या का कारण और उपचार

Molar Pregnancy: प्रेगनेंसी के दौरान आपको बहुत सी समस्याओं से गुजरना पड़ता है जिनमें से एक है मोलर प्रेगनेंसी। आज हम इसके बारे में जानेंगे और यह पता करेंगे कि आप इस स्थिति से किस प्रकार बच सकती हैं!

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Written By: Atul Modi | Published : June 15, 2021 10:13 PM IST

एक नॉर्मल प्रेगनेंसी के दौरान आपके टिश्यू का विकास होता है और वह प्लेसेंटा में तब्दील हो जाते हैं जिस कारण पेट में आपके बच्चे को खाना मिल पाता है। लेकिन मोलर प्रेगनेंसी (Molar Pregnancy) के दौरान प्लेसेंटा नही बन पाती है और टिश्यू की एब्नॉर्मल ग्रोथ हो जाती है जिसे हम मोल कहते हैं। बिना प्लेसेंटा के बच्चे का भरण पोषण नहीं हो पाता है इसलिए प्रेगनेंसी की शुरुआत में ही आपके मिसकैरेज होने के चांस बढ़ जाते हैं। इस प्रकार की प्रेगनेंसी का पता डॉक्टर 8 से 12 हफ्तों के बीच लगा लेते हैं और फिर आपके डॉक्टर आपका एचसीएच लेवल चेक करते हैं जो कि इस प्रकार की प्रेगनेंसी के दौरान हाई मिलता है। तो आइए जानते हैं मोलर प्रेगनेंसी के बारे में।

मोलर प्रेगनेंसी के दो प्रकार

कंप्लीट मोलर प्रेगनेंसी : इस प्रकार की मोलर प्रेगनेंसी में एक भी टिश्यू प्लेसेंटा में नहीं बदल पाता है और सारे के सारे मोल बन जाते हैं।

पार्शियल मोलर प्रेगनेंसी : इस प्रकार की प्रेगनेंसी में कुछ नोर्मल प्लेसेंटल टिश्यू भी बन जाते हैं तो कुछ मोलर टिश्यू भी बन जाते है। लेकिन इस केस में भी उतने प्लासेंटल टिश्यू नहीं बन पाते हैं कि बच्चे को बचाया जा सके। इसलिए इसमें भी आपका मिसकैरेज हो सकता है।

मोलर प्रेगनेंसी के कुछ मुख्य लक्षण

इस प्रकार की प्रेगनेंसी के कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार होते हैं:

  • वेजाइनल ब्लीडिंग
  • पेल्विक पेन
  • गंभीर रूप से जी घबराना
  • उल्टियां आना
  • हाई ब्लड प्रेशर हो जाना
  • ओवेरियन सिस्ट

इन लक्षणों को मिसकैरिज के लक्षणों के रूप में भी समझा जाता है।

मोलर प्रेगनेंसी का उपचार

इस प्रकार की प्रेगनेंसी का उपचार एक सर्जरी होती है जिसे डी एंड सी कहा जाता है। इसके दौरान आपके डॉक्टर एक डिवाइस को आपके सर्विक्स के अंदर डालते है जो आपके यूटरस तक पहुंचता है और मोलर टिश्यू को अलग कर देता है।

बहुत कम केसों में ऐसा भी होता है कि इस सर्जरी के बाद मोलर टिश्यू वापिस आ जाते हैं और एक ट्यूमर के रूप में बढ़ने लगते हैं जिन्हें किमो थेरेपी द्वारा ठीक किया जाता है।

मोलर प्रेगनेंसी के रिस्क

हर हजार में से एक महिला को मोलर प्रेगनेंसी का रिस्क रहता है। लेकिन अगर आपको यह एक बार हो जाती है तो आपके दुबारा इस प्रकार की प्रेगनेंसी होने के चांस सो महिलाओं में से एक हो जाते हैं।

उम्र भी इस रिस्क को प्रभावित करती है। 20 साल से कम उम्र वाली महिलाओं को और, 40 साल से ऊपर की महिलाओं को मोलर प्रेगनेंसी होने का रिस्क अधिक होता है।

मोलर प्रेगनेंसी के कितने दिनों बाद आप दुबारा प्रेगनेंट हो सकती हैं?

अगर आपको एक बार मोलर प्रेगनेंसी हो जाती है तो आपको दुबारा इस प्रेगनेंसी के रिस्क से बचने के लिए दुबारा प्रेगनेंट होने के लिए कम से कम एक साल का इंतजार करना पड़ेगा। अगर किसी महिला को मोलर प्रेगनेंसी है तो उसे ठीक किया जा सकता है और उस महिला के भविष्य में बढ़िया प्रेगनेंसी के चांस और अधिक बढ़ जाते हैं।

वैसे तो मोलर प्रेगनेंसी से बचाव करने का कोई खास तरीका नहीं होता है लेकिन आपको अपनी डॉक्टर द्वारा सुझाई टिप्स का पालन करना होता है ताकि आपकी अगली प्रेगनेंसी ठीक से जा सके। और अगर आपको यह हो जाती है तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं हैं क्योंकि आप इससे पूरी तरह ठीक हो सकती हैं।

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