दिल्ली सरकार ने गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पूरक पोषण आहार में किया परिवर्तन, देखें टेक होम राशन की लिस्ट

दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, पूरक पोषण आहार की सूची में संशोधन किया गया है, जिसके परिणाम स्वरूप विभिन्न श्रेणी के लाभार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार, टीएचआर (टेक होम राशन) की मौजूदा प्रणाली के तहत पंजीरी और पौष्टिक लड्डू के स्थान पर गेहूं का दलिया, कच्चा काला चना, भुना हुआ काला चना, गुड़, मिश्री उपलब्ध करवाया जा रहा है।

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Written By: Anshumala | Updated : August 24, 2020 12:22 PM IST

Mishri Benefits in Pregnancy: दिल्ली सरकार ने बच्चों, गर्भवती (Pregnant women) व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वितरित किए जाने वाले पूरक पोषण आहार (Nutritional supplements) की सूची में परिवर्तन करने का नीतिगत निर्णय लिया है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि महिलाओं को पहले के मुकाबले अधिक पोषक और साफ-सुथरा भोजन मुहैया (Pregnancy diet) कराया जा सके।

दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, पूरक पोषण आहार की सूची में संशोधन किया गया है, जिसके परिणाम स्वरूप विभिन्न श्रेणी के लाभार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार, टीएचआर (टेक होम राशन) की मौजूदा प्रणाली के तहत पंजीरी (panjiri) और पौष्टिक लड्डू के स्थान पर गेहूं का दलिया, कच्चा काला चना, गुड़ और भुना हुआ काला चना उपलब्ध करवाया जा रहा है। सभी आंगनवाड़ी केंद्रों ने अपने-अपने क्षेत्र में इस सामग्री को संबंधित लाभार्थियों के घर तक पहुंचाया। इस योजना से राजधानी में लगभग पांच लाख लाभार्थियों को लाभ मिला है।

गुड़ की जगह मिश्री होगी वितरित

इस निर्णय के तहत अगले वर्ष ग्रीष्मकाल के समय मई, जून और जुलाई में गुड़ के स्थान पर मिश्री का वितरण किया जाएगा। यह निर्णय गर्मी के मौसम में आहार वितरण सामग्री में गुड़ के पिघलने के तथ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे गुड़ के पिघलने की स्थिति में कुछ समय बाद बैक्टीरिया से संक्रमित होने की संभावना समाप्त हो गई है। अब गुड़ के स्थान पर मिश्री (Is mishri good for pregnancy) की व्यवस्था करने से एक सूखा और स्वस्थ विकल्प उपलब्ध हो गया है।

प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं खाएं पंजीरी

कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष मार्च के पहले सप्ताह में दिल्ली के आगंनवाड़ी केंद्रों के कार्य को अस्थाई रूप से रोक दिया गया था। फिर 19 मार्च से पंजीकृत लाभार्थियों जिसमें बच्चे, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं शामिल हैं, को राजधानी में पूरक पोषण आहार, पंजीरी, पौष्टिक लड्डू की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य दोबारा आरंभ कर दिया गया।

हर लाभार्थी के लिए पंजीरी, पौष्टिक लड्डू की मात्रा समान रूप से निश्चित की गई है। इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी के लिए 140 ग्राम पंजीरी, 110 ग्राम लड्डू में 500 कैलोरी और 12.15 ग्राम प्रोटीन निहित था। हालांकि, अब इस व्यवस्था में परिवर्तन किया जा रहा है इसके स्थान पर पैकेट बंद सूखा भोजन मुहैया कराया जाएगा।

प्रेग्नेंसी में मिश्री खाने के फायदे (Mishri Benefits in Pregnancy)

चीनी की तुलना में मिश्री अधिक स्वादिष्ट और हेल्दी होती है। प्रेगनेंसी में महिलाओं को मिश्री खाने से कई लाभ (pregnancy me mishri khane ke fayde) होते हैं। इससे पाचन क्रिया मजबूत रहती है। मिश्री एक अच्छा माउथ फ्रेशनर का भी काम करती है। गर्भावस्था के दौरान नारियल के साथ मिश्री मिलाकर खा सकती हैं। चाहें तो इसे सौंफ के साथ भी खाया जा सकता है। प्रेग्नेंसी में आप नारियल का लड्डू चीनी की बजाय मिश्री डालकर बनाएं और इसका सेवन करें। बहुत पौष्टिक होगा आपके और आपके बच्चे के लिए भी।

प्रेग्नेंसी में गुड़ खाने के फायदे (Jaggery Benefits during Pregnancy)

1 आयरन, कैल्शियम और फॉस्‍फोरस आदि से भरपूर गुड़ प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए काफी हेल्दी (pregnancy me gud khane ke fayde) होता है। इसके सेवन से शरीर में खून कमी दूर होती है। पाचन संबंधी समस्‍याएं जैसे कब्ज नहीं होती। हड्डियों को मजबूती मिलती है। गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी सबसे ज्यादा कॉमन है। ऐसे में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए गुड़ का सेवन करना जरूरी है। इससे बच्चे का वजन और सेहत भी सही बना रहता है।

2 गुड़ में मिनरल और पोटैशियम होता है, जो शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते हैं। पोटैशियम सही मात्रा में होने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस सही रहता है। इससे गर्भावस्था के दौरान सूजन और असमय होने वाले शारीरिक दर्द से बचाव होता है।

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