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Written By: Anshumala | Published : October 9, 2018 9:34 AM IST
A miscarriage often occurs within the first 3 months of pregnancy, before 20 weeks’ gestation. © Shutterstock
क्या आप बार-बार मिसकैरेज होने के कारण मां नहीं बन पा रही हैं? मिसकैरेज एक बार हो तो परेशानी की बात नहीं, लेकिन बार-बार ऐसा हो तो यह आपके मां बनने की इच्छाओं पर पानी फेर सकता है। गर्भावस्था के पहले 20 हफ्ते के दौरान गर्भपात का खतरा सबसे ज्यादा होता है। गर्भपात के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ ऐसे होते हैं जिन्हें टाला जा सकता है और कुछ ऐसे होते हैं जिन्हें रोकना नामुमकिन हो जाता है।
अक्सर महिलाएं मिसकैरेज होने से भावनात्मक रूप से खुद को कमजोर महसूस करने लगती हैं। ऐसे में मां बनने की उम्मीद टूट जाती है। हमेशा मिसकैरेज होने से कई तरह की शारीरिक समस्याएं भी हो सकती हैं। मिसकैरेज यूं हीं नहीं होता, इसके पीछे कई कारण होते हैं। एक से अधिक बार गर्भपात होना बहुत बड़ी समस्या हो सकती है। इससे मां बनने की कोशिश कर रही महिलाएं संक्रमण की चपेट में आ सकती हैं। जानें, किन कारणों से होता है बार-बार मिसकैरेज।
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क्रोमोजोम- गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में गर्भपात होने का कारण क्रोमोजोम की समस्या हो सकती है। क्रोमोजोम की समस्या बिना किसी वजह के भी उत्पन्न हो जाती है। यह समस्या होने पर महिला के गर्भ में भूर्ण पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता।
उम्र- कम और अधिक उम्र में गर्भधारण करने की वजह से भी कई बार गर्भपात हो जाता है। इससे गर्भ के शिशु में कुछ असामान्य गुणसूत्रों की संख्या अधिक पाई जाती है जिसके कारण गर्भपात हो जाता है। गर्भपात के बाद इस तरह के भोजन से करें परहेज
वजन अधिक होना- अधिक वजन भी कई बार गर्भपात का कारण होता है। वजन बढ़ने से परेशान महिलाओं में से अधिकतर को डायबिटीड या थायरॉइड की बिमारी होती है। इन दोनों रोगों में से किसी एक रोग से ग्रस्त महिला में यह रोग अनियंत्रित हो जाता है तो गर्भपात की सम्भावना बढ़ जाती है।
हार्मोन संबंधी समस्याएं- ऐसा कहा जाता है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर रहना बहुत जरूरी होता है लेकिन डायबिटीज, थायरॉइड और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं भी गर्भावस्था के शुरुआती दिनों के दौरान गर्भपात कारण बन सकती है। प्रेगनेंसी में फिट रहने के लिए करें एक्सरसाइज, लेकिन जरा संभलकर
यौन संचारित संक्रमण- इसकी वजह से भी गर्भपात हो सकता है। महिला को यौन संचारित संक्रमण होने पर पोलिसिस्टिक या क्लैमाइडिया नामक दो अंडाशय से संबंधित दोष उत्पन्न हो जाते हैं। ये दोनों हार्मोन्स को प्रभावित करते हैं जिससे गर्भपात होने की सम्भावना बढ़ जाती है। यदि आपका पहले भी मिसकैरेज हो चुका है, तो दूसरी बार प्रेगनेंट होने पर समय-समय पर चिकित्सक से जांच करवाती रहें। प्रेगनेंसी के दिनों में किसी बात का स्ट्रेस या तनाव न लें।