प्रेगनेंसी में डिप्रेशन व एंग्जायटी, जानें गर्भावस्था में मानसिक रोग होने के कारण व इनके उपाय

प्रेगनेंसी के दौरान कुछ महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों के लक्षण देखे जा सकते हैं, जो गर्भावस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। जानें गर्भावस्था में होने वाली मानसिक समस्याओं के बारे में।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : January 19, 2024 2:08 PM IST

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के बदलाव देखने को मिलते हैं और ये बदलाव सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य में ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी देखने को मिल सकते हैं। गर्भवती महिलाएं कई बार इन समस्याओं से जुड़े लक्षणों को इग्नोर कर देती हैं और इसे कारण उन्हें अन्य कई समस्याओं का सामना करना पड़ जाता है। देखा गया है कि गर्भवती महिलाओं को होने वाली शारीरिक समस्याओं पर अक्सर ध्यान देते हैं, लेकिन मानसिक समस्याओं को अक्सर इग्नोर कर देते हैे। बहुत ही लोग इस बारे में जानते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को शरीर में डिप्रेशन व एंग्जायटी यानी चिंता के लक्षण देखने को मिल सकते हैं। चलिए जानते हैं प्रेगनेंसी के दौरान डिप्रेशन व एंग्जायटी की समस्याएं क्यों होने लगती है।

प्रेगनेंसी में मानसिक समस्याओं का कारण

गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिलाओं को कई मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और उसके पीछे अक्सर कई अलग-अलग कारण होते हैं। गर्भावस्था के दौरान मानसिक समस्याएं होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण हार्मोनल इंबैलेंस है। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन लेवल में उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं, जिससे उनका मेंटल स्टेट भी प्रभावित रहता है। ऐसे में कई बार चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, चिंता व अन्य मानसिक स्वास्थ्य के लक्षण देखने को मिल सकते हैं।

हालांकि, इसके अलावा भी कई अन्य कारण हो सकते हैं, जिसमें कुछ सामान्य भी होते हैं जैसे पहली प्रेग्नेंसी को लेकर चिंता रहना। वहीं कुछ मामलों में प्रेगनेंसी के दौरान परिवार में सपोर्ट न मिलना आदि भी कुछ स्थितियां है, जिनके कारण प्रेगनेंट महिला को चिंता व डिप्रेशन जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

मानसिक समस्याओं का गर्भावस्था पर प्रभाव

किसी गर्भवती महिलाओं को अगर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी समस्या हो रही है, तो उसका सीधा प्रभाव उनकी गर्भावस्था पर भी पड़ता है। रिसर्च के मुताबिक अगर गर्भावस्था के दौरान महिला ज्यादा चिंता व डिप्रेशन की समस्या हो रही है, तो बच्चे में भी यही लक्षण देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जायटी व डिप्रेशन अक्सर पोस्टपार्टम डिप्रेशन का कारण बन जाता है, जिसके कारण महिला जन्म के बाद अपने बच्चे की ठीक से देखभाल भी नहीं कर पाती हैं।

प्रेगनेंसी में चिंता व डिप्रेशन का इलाज

अगर किसी गर्भवति महिला को ऐसी कोई भी समस्या हो रही है, तो उसका जल्द से जल्द इलाज करना बहुत ज्यादा जरूरी माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि लंबे समय तक ऐसी समस्या रहना गर्भवास्था को प्रभावित करने लग सकती है। डॉक्टर इन स्थितियों का इलाज इसके कारण के अनुसार ही करते हैं। प्रेंगनेंसी होने के कारण इनका इलाज करने के लिए दवाएं कम से कम ही दी जाती है और थेरेपी व फैमिली सपोर्ट आदि से इन मानसिक समस्याओं का इलाज किया जाता है।