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प्रेगनेंसी में डॉक्टर समय समय पर कई तरह के ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करते हैं ताकि अगर बच्चे में कोई असामान्यताएं दिख रही हैं तो उनका समय पर पता लगाकर इलाज कराया जाए। आमतौर पर प्रेगनेंसी में सबसे पहला अल्ट्रासाउंड 7वें हफ्ते के आसपास होता है जो बच्चे की लोकेशन और कितने सैक (बच्चे) हैं ये देखने के लिए किया जाता है। इसके बाद दूसरा अल्ट्रासाउंड 12वें हफ्ते और फिर तीसरा अल्ट्रासाउंड अक्सर 20वें हफ्ते के आसपास होता है। यही यानि कि 20वें हफ्ते वाला अल्ट्रासाउंड (लेवल-2 स्कैन या एनोमली स्कैन) ही है जिसमें ये पता है कि बच्चे के हार्ट में इकोजेनिक इंट्राकार्डियक फोकस है। अक्सर लोग इसे हार्ट में छेद समझ लेते हैं लेकिन यह कंडीशन हार्ट में छेद जैसी दूर दूर तक नहीं है। आज हम डॉक्टर से जानेंगे कि प्रेगनेंसी की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में इकोजेनिक फोकस आने का क्या मतलब है और अगर रिपोर्ट में ये आ गया है तो इसके बाद करना चाहिए।
लेवल-2 स्कैन या एनोमली स्कैन में हार्ट में इकोजेनिक फोकस आना वाकई पेरेंट्स के लिए डराने वाला हो सकता है। जो लोग शहरों से दूर रहते हैं और इतनी अवेरनेस नहीं होती वो पेरेंट्स अक्सर इसे हार्ट में छेद समझ लेते हैं। जबकि वास्तव में इकोजेनिक फोकस कुछ और होता है। यह हार्ट में एक कैल्शियम स्पाट होता है जो अक्सर हार्ट के निचले हिस्से में दिखता है। रिपोर्ट में ये अक्सर चमकता हुआ दिखता है। यह हार्ट में कोई समस्या या खराबी बिल्कुल नहीं है। यह हार्ट की मसल्स के अंदर कैल्शियम का एक छोटा सा जमाव होता है।
यह डॉक्टर्स और रिसर्चर को भी स्पष्ट नहीं है कि कुछ बच्चों की रिपोर्ट में इकोजेनिक फोकस क्यों आता है। हां, लेकिन डॉक्टर्स यही कहते हैं कि जब हार्ट की किसी एक मसल्स के आसपास थोड़ा ज्यादा कैल्शियम जमा हो जाता है तो वो स्पाट बन जाता है। क्योंकि कैल्शियम हमारे शरीर का एक जरूरी मिनरल है जो हड्डियों और मसल्स में पाया जाता है, इसलिए अगर इन जगहों की भी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखेंगे तो वो भी ऐसे ही चमकते हुए दिखेंगे।
नहीं, इससे बच्चे को कोई खतरा नहीं होता है। बल्कि उसके हार्ट के काम करने में तरीके में भी कोई बदलाव नहीं आता है। सोनोग्राफी रिपोर्ट में जिन बच्चों में हार्ट में इकोजेनिक फोकस होता है उनका हार्ट सामान्य तरह से वैसे ही काम करता है जैसे दूसरे बच्चों का करता है। डॉक्टर्स कहते हैं कि जैसे जैसे प्रेगनेंसी आगे बढ़ती है ये अपने आप सही हो जाता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।