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एंटी न्यूक्लियर एंटीबॉडी (Anti Nuclear Antibody Test) जिसे शॉट में एएनए कहते हैं, एक प्रकार का ब्लड टेस्ट है। ये टेस्ट ये पता लगाने के लिए कराया जाता है कि कहीं शरीर का इम्युन सिस्टम अपनी ही हेल्दी सेल्स को नुकसान तो नहीं पहुंचा रहा? ये टेस्ट अक्सर ऑटोइम्यून बीमारियों (Autoimmune Diseases) का पता लगाने वाले टेस्ट के ग्रुप का एक हिस्सा है। आसान भाषा में ऐसे समझते हैं कि शरीर की एंटीबॉडीज का काम होता है वायरस या फिर इंफेक्शन से लड़कर शरीर को स्वस्थ रखना। लेकिन जब किसी व्यक्ति का एंटी न्यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट पॉजिटिव आता है तो उस व्यक्ति का इम्युन सिस्टम उसके हेल्दी सेल्स को नुकसान पहुंचा रहा होता है। हालांकि ये 24 घंटे नहीं हो रहा होता, बल्कि किसी खास स्थिति में हो सकता है। जैसे, अगर किसी महिला का एएनए टेस्ट पॉजिटिव आता है तो उसका मिसकैरेज होना तय है। क्योंकि जैसे ही महिला कंसीव करती है उसका इम्युन सिस्टम ब्लड को गाढ़ा कर देता है जिसके चलते शरीर में क्लॉट बनने लगते हैं और प्लेसेंटा तक सही मात्रा में ब्लड सप्लाई नहीं हो पाती और मिसकैरेज हो जाता है। लेकिन अगर पॉजिटिव ANA वाली कंसीव नहीं कर रही है तो उसे कोई परेशानी नहीं होगी। आइए डॉक्टर से इसे डिटेल में समझते हैं।
अगर आप एक महिला हैं और कंसीव करना चाहती हैं लेकिन ANA पॉजिटिव आने के कारण आप परेशान हो रही हैं या पहले मिसकैरेज हो चुका है तो थोड़ा रुकिए और लंबी सांस लीजिए। रिपोर्ट पॉजिटिव तो आई है लेकिन आपको पहले रिपोर्ट में लिखी Titre रेंज और Pattern को भी समझना चाहिए। ताकि आपको ये पता चल पाए कि आपके लिए बेस्ट ट्रीटमेंट क्या है।
Titre (1:40, 1:160, 1:320): अपनी रिपोर्ट में चेक कीजिए की क्या वेल्यू लिखी है।क्योंकि टाइटर वेल्यू से ही पता चलता है कि शरीर में एंटीबॉडी की मात्रा कितनी ज्यादा है।
Titre 1:40: इसके आसपास की रेंज को अक्सर कम खतरनाक माना जाता है और डॉक्टर इसे Low Positive कहते हैं। हालांकि मिसकैरेज के चांस यहां भी हो सकते हैं।
Titre 1:160, 1:320: इस रेंज को डॉक्टर काफी गंभीरता से लेते हैं। रिपोर्ट में आई रेंज को पढ़कर डॉक्टर देखते हैं कि एंटीबॉडी सेल के अंदर किस तरह से फैली हुई है। अलग-अलग पैटर्न अलग-अलग बीमारियों की ओर इशारा करते हैं।
अगर आपका 1 से ज्यादा बार मिसकैरेज हो चुका है और कारण पता नहीं चल पा रहा तो सबसे पहले महिला को अपना एंटी न्यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट कराना चाहिए। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तो आपको सबसे पहले अपनी पीरियड्स साइकिल का रिकॉर्ड रखना होगा। अगर पीरियडस का रिकॉर्ड नहीं है तो प्रेगनेंसी को बचा पाना बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पॉजिटिव एएनए वाली महिलाओं को कंसीव करते ही ब्लड थिनर के इंजेक्शन लगने होते हैं। ये इंजेक्शन उसी समय से शुरू हो जाते हैं जिस समय पता चलता है कि कंसीव हो गया है। अगर देरी हुई तो शरीर का इम्युन सिस्टम अपनी ही सेंस के विपरित काम करने लगता है जिससे ब्लड गाढ़ा हो जाता है बच्चे तक सही ब्लड सप्लाई न होने के कारण मिसकैरेज हो जाता है।
इंजेक्शन कितने और कौन से लगेंगे ये रिपोर्ट में आई Titre वेल्यू से पता चलता है। अगर Titre वेल्यू कम भी है। यानि अगर वेल्यू 1:40 के आसपास भी है तब भी सप्ताह में 2 से 3 ब्लड थिनर के इंजेक्शन लग सकते हैं। अगर हाई रिस्क प्रेगनेंसी है तो डॉक्टर साथ में कुछ अलग ट्रीटमेंट भी बता सकते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।