Miscarriage At 5 Weeks: प्रेगनेंसी के 5वें हफ्ते में मिसकैरेज होने पर इस तरह होती है ब्‍लीडिंग, बिना देर किए मिलें डॉक्‍टर से

कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनका मिसकैरेज प्रेगनेंसी के 5वें या 7वें हफ्ते (Misscarraige In 5th Week Of Pregnancy) में ही हो जाता है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 1, 2021 10:37 AM IST

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपना खास ध्‍यान रखने की जरूरत पड़ती है। जब बात शुरुआती प्रेगनेंसी की होती है जिसे अंग्रेजी में अर्ली प्रेगनेंसी (Early Pregnancy) कहते हैं इस दौरान महिलाओं का हर कदम बहुत सोच समझकर होना चाहिए। इस दौरान डॉक्‍टर द्वारा बताई गई सारी बातों का गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। क्‍योंकि यही वो समय होता है जब मिसकैरेज होने का सबसे ज्‍यादा खतरा रहता है। 50 प्रतिशत से ज्‍यादा मिसकैरेज 12 हफ्तों में ही हो जाते हैं। जबकि 10% से 20% प्रतिशत प्रेगनेंसी मिसकैरेज के साथ ही खत्‍म हो जाती हैं। शुरुआत में ज्‍यादातर मिसकैरेज इसलिए भी होते है क्‍योंकि कई महिलाओं को ये पता ही नहीं होता है कि वो प्रेगनेंट हैं। पेरेंट्स बनने की खबर मिलना ही सबसे बड़ी खुशी होती है लेकिन जब ये खुशी मिसकैरेज पर खत्‍म होती है तो बहुत दुख होता है। कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनका मिसकैरेज प्रेगनेंसी के 5वें या 7वें हफ्ते (Misscarraige In 5th Week Of Pregnancy) में ही हो जाता है। हालांकि डॉक्‍टर्स इतने शुरुआती वक्‍त को प्रेगनेंसी नहीं कहते हैं। आज हम आपको अर्ली मिसकैरेज होने के मुख्‍य लक्षण और कारण बता रहे हैं।

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शुरुआती मिसकैरेज के लक्षण

  • वजाइना से हल्‍का ब्‍लड आना या हैवी ब्‍लीडिंग होना
  • मिसकैरेज के वक्‍त जब ब्‍लीडिंग होती है तो ये हल्‍की से डार्क
  • पेट के निचले हिस्‍से में दर्द होना
  • जो लक्षण आपको पीरियड्स आते वक्‍त दिखते हैं उन्‍हें आप महसूस कर सकते हैं
  • वजाइना से भूरे, हरे या काले रंग का तरल पदार्थ निकलना

शुरुआती मिसकैरेज के क्‍या कारण हो सकते हैं

  • बच्‍चे को गलत क्रोमोजोन मिलना या क्रोमोजोन की संख्‍या सही न होना
  • यूट्रस के साइज का छोटा या बड़ा होना
  • भ्रूण को मां की तरफ से सही मात्रा में खून न मिलना
  • एग या स्‍पर्म के मिलने पर कुछ प्रॉब्‍लम होना
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्‍या होना
  • गर्भाशय में रसोली का बनना

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अर्ली मिसकैरेज से बचने के लिए क्‍या करें

  • डॉक्‍टर द्वारा दी गई मल्‍टीविटामिंस लेना न भूलें
  • स्‍मोकिंग, शराब के सेवन और अन्‍य ड्रग्‍स से दूर रहें
  • कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में करें
  • अगर आप डाइट में कोई नई चीज को जोड़ना या घटाना चाहते हैं तो डॉक्‍टर की सलाह पर ही ऐसा करें।

प्रेगनेंसी में ब्‍लीडिंग होने पर क्‍या करें?

अगर आपको प्रेगनेंसी कन्‍फर्म होने के बा लाइट या हैवी किसी भी तरह की ब्‍लीडिंग होती है तो तुरंत अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें। डॉक्‍टर पहले आपके कुछ सवाल जवाब कर सकते हैं और उसके बाद अल्‍ट्रासाउंड करने को कह सकते हैं। अल्‍ट्रासाउंड में पता चल जाता है कि यूट्रस में बच्‍चा है या नहीं है। कई बार ब्‍लीडिंग होने का कारण मिसकैरेजनहीं बल्कि कुछ और होता है। अगर डॉक्‍टर अल्‍ट्रासाउंड की रिपोर्ट से संतुष्‍ट नहीं है तो वो आपको कुछ ब्‍लड टेस्‍ट या अन्‍य जांच कराने को कह सकते हैं।

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