
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 1, 2021 10:37 AM IST
अगर आप डाइट में कोई नई चीज को जोड़ना या घटाना चाहते हैं तो डॉक्टर की सलाह पर ही ऐसा करें।
प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है। जब बात शुरुआती प्रेगनेंसी की होती है जिसे अंग्रेजी में अर्ली प्रेगनेंसी (Early Pregnancy) कहते हैं इस दौरान महिलाओं का हर कदम बहुत सोच समझकर होना चाहिए। इस दौरान डॉक्टर द्वारा बताई गई सारी बातों का गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। क्योंकि यही वो समय होता है जब मिसकैरेज होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। 50 प्रतिशत से ज्यादा मिसकैरेज 12 हफ्तों में ही हो जाते हैं। जबकि 10% से 20% प्रतिशत प्रेगनेंसी मिसकैरेज के साथ ही खत्म हो जाती हैं। शुरुआत में ज्यादातर मिसकैरेज इसलिए भी होते है क्योंकि कई महिलाओं को ये पता ही नहीं होता है कि वो प्रेगनेंट हैं। पेरेंट्स बनने की खबर मिलना ही सबसे बड़ी खुशी होती है लेकिन जब ये खुशी मिसकैरेज पर खत्म होती है तो बहुत दुख होता है। कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनका मिसकैरेज प्रेगनेंसी के 5वें या 7वें हफ्ते (Misscarraige In 5th Week Of Pregnancy) में ही हो जाता है। हालांकि डॉक्टर्स इतने शुरुआती वक्त को प्रेगनेंसी नहीं कहते हैं। आज हम आपको अर्ली मिसकैरेज होने के मुख्य लक्षण और कारण बता रहे हैं।
अगर आपको प्रेगनेंसी कन्फर्म होने के बा लाइट या हैवी किसी भी तरह की ब्लीडिंग होती है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर पहले आपके कुछ सवाल जवाब कर सकते हैं और उसके बाद अल्ट्रासाउंड करने को कह सकते हैं। अल्ट्रासाउंड में पता चल जाता है कि यूट्रस में बच्चा है या नहीं है। कई बार ब्लीडिंग होने का कारण मिसकैरेजनहीं बल्कि कुछ और होता है। अगर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है तो वो आपको कुछ ब्लड टेस्ट या अन्य जांच कराने को कह सकते हैं।