
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 13, 2020 10:21 AM IST
फिर मां बनने वाली हैं करीना कपूर खान, दूसरी बार प्रेग्नेंट हों तो इन 5 बातों को कतई न करें इग्नोर
बॉलीवुड एक्ट्रेस और पटौदी खानदान की बहू करीना कपूर खान फिर से मां बनने वाली हैं। यानि कि एक्टर सैफ अली खान और करीना के घर जल्दी किलकारी गूजेंगी और तैमूर भाई बन जाएंगे। सैफ और करीना ने खुद इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। उनका कहना है कि जल्द ही उनके घर में एक नया सदस्य आने वाला है। फैन्स के प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया। अब करीना प्रेग्नेंट हैं तो जाहिर की बात है कि उनकी डाइट और लाइफस्टाइल बदल जाएगा। जब कोई महिला दूसरी बात गर्भवती होती है तो उसे एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है। आज हम इस लेख में दूसरी बार मां बनने वाली महिलाओं को कुछ जरूरी जानकारी दे रहे हैं।
1. प्रेग्नेंट होने के लिए महिला का सही वजन होना भी जरूरी है। अगर आपका वजन कम है तो डाक्टर से बीएमआई बढ़ाने के सुरक्षित उपायों के बारे में बात करें और गंभीरता से उन पर अमल करें।
2. गर्भधारण से पहले किसी महिला रोग विशेषज्ञ से मिलें और अपनी मेडिकल हिस्ट्री पर बात करें। यदि आपको कुछ शारीरिक प्रॉब्लम है तो उसे छिपाने के बजाय डॉक्टर को खुलकर बताएं।
प्रेगनेंसी में मोटापे से हो सकता है बच्चे का विकास बाधित,।
3. अगर आप के परिवार में डाउन सिंड्रोम, थैलेसीमिया की हिस्ट्री रही है तो डॉक्टर को बताने में झिझके नहीं।
4. प्रेग्नेंट होने से पहले पूरी सावधानी के साथ एचआईवी, हैपेटाइटिस बी सिफिलिस आदि टेस्ट जरूर करवा लें। ताकि अगर कोई समस्या हो तो उसका समय रहते इलाज हो जाए और शिशु संक्रमण का शिकार न हो।
5. अगर आप को मूत्रमार्ग संक्रमण होने की जरा भी संभावना हो तो पेशाब की पूरी जांच जरूर करा लें।
1. वैसे तो प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना आम बात है। लेकिन यह देखा गया है कि जब कोई महिला दूसरी बार मां बनती है तो वजन तेजी से या समय से पहले ही बढ़ने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एक महिला के शरीर की मांसपेशियों में पहली प्रेग्नेंसी के बाद खिंचाव आ जाता है तो इसलिए दूसरी प्रेग्नेंसी के बाद ज्यादा खिंचाव होना स्वभाविक होता है।
2. दूसरी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को काफी ऐंठन और स्पॉटिंग का अनुभव भी होता है। फर्टिलाइजेशन के 6 से 12 दिन के अंदर आप ये अनुभव कर सकती हैं। जब भ्रूण गर्भाशय की दीवार से जुड़ा होता है तो फर्टिलाइजेशन उस अवधि के दौरान ही होता है।
3. इस बार आप पहली प्रेग्नेंसी की तुलना में अधिक थकान का सामना भी कर सकती हैं। इसका कारण शरीर में प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाना होता है। प्रोजेस्टेरोन का प्रभाव गर्भधारण के एक महीने बाद दिखता है इसलिए इस बार गर्भाधारण के एक सप्ताह के बाद आपको थकान महसूस हो सकती है।
अगर आप दूसरी बार गर्भधारण करने की सोच रही हैं तो जरूरी है कि आप ये भी जानें कि आपको पहले बच्चे के कितने समय बाद गर्भधारण की कोशिश करनी चाहिए, ताकि बच्चा स्वस्थ और सेहतमंद रहें। दूसरी बार मां बनने के लिए आपको पहली प्रेग्नेंसी के बाद 18 से 23 महीने का समय लेना चाहिए ताकि आपका शरीर पहले प्रसव से रिकवर कर सके। आप यदि पहली और दूसरी गर्भावस्था में 18-23 महीने का अंतर रखती हैं तो आपके पास अपनी खोइ उर्जा को पुन: प्राप्त करने का समय होगा।