क्या सच में कॉन्ट्रासेप्टिव लेने से बांझपन का खतरा बढ़ जाता है? जानें क्या पड़ता है शरीर पर असर

Garbh Nirodhak Goli ke Nuksan: हर महिला के मन में कॉन्ट्रासेप्टिव गोलियां लेते समय आता ही है कि कहीं उन्हें इससे बांझपन का खतरा न बढ़ जाए, लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है और किन्हें ज्यादा खतरा है आदि के बारे में हम इस लेख में बात करेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : January 21, 2026 12:02 PM IST

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Medically Verified By: Dr.Geeta Jain

Infertility Risk After Taking Contraceptive Pills: आपने भी कॉन्ट्रासेप्टिव गोलियों के एड जरूरी देखी होंगी, जिसमें वे इस तरीके से बताते हैं कि आपको चिंता करने की कोई जरूरत ही नहीं है। लेकिन कभी सोचा है कि आखिर एक कॉन्ट्रासेप्टिव दवा किस तरह से शरीर के अंदर काम करके गर्भधारण को रोकने में मदद करती है। खैर! जिन महिलाओं ने गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल किया है और जिन महिलओं ने आजतक नहीं किया सबके मन में यह सवाल जरूर रहता है कि आखिर कॉन्ट्रासेप्टिव दवाओं के साइड इफेक्ट क्या हैं। कुछ महिलाओं को डर लगता है कि अगर वे कॉन्ट्रासेप्टिव दवाओं का इस्तेमाल करेंगी तो बाद में उन्हें गर्भधारण करने में भी दिक्कत आने लगेगी। लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है और ऐसा होने से रोकने के लिए क्या किया जा सकता है आदि के बारे में हम आपको इस लेख में खास जानकारी देने वाले हैं।

कॉन्ट्रासेप्टिव कैसे काम करती हैं

गर्भधारण को रोकने के लिए अक्सर कॉन्ट्रासेप्टिव दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। कॉन्ट्रासेप्टिव गोलियां आमतौर पर प्रोजेस्टिन और एस्ट्रोजन हार्मोन के साथ काम करके ओवूलेशन को रोक देती हैं। इन गोलियों से सर्वाइकल म्यूकस गाढ़ा हो जाता है और शुक्राणु निषेचित अंडे तक पहुंच नहीं पाते हैं। इस प्रक्रिया की मदद से ये गोलियां प्रेगनेंसी को रोकने में मदद करती हैं।

कॉन्ट्रासेप्टिव और बांझपन का खतरा

अभी तक की गई रिसर्च में पाया है कि गर्भनिरोधक गोलियां बांझपन का कारण नहीं बनती है और वे गर्भधारण को रोकने में सिर्फ तब तक ही काम कर पाती हैं, जब तक शरीर में उनका असर रहता है। हालांकि, कुछ अध्ययनों में पाया गया कि कॉन्ट्रासेप्टिव लेने वाली महिलाओं में इनका इस्तेमाल न करने वाली महिलाओं की तुलना में ज्यादा बांझपन के मामले पाए गए। लेकिन ऐसा कई अलग-अलग कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें इन गोलियों का इस्तेमाल गलत तरीके से करना या जरूरत से ज्यादा करना भी शामिल हो सकता है।

कॉन्ट्रासेप्टिव गोलियों के साइड इफेक्ट्स

ऐसा नहीं है कि ये दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं, क्योंकि कुछ महिलाओं में इनका इस्तेमाल करने के बाद कुछ समस्याएं होने लगती हैं और ये समस्याएं तब तक रहती हैं जब तक इन गोलियों का असर उनके शरीर में रहता है। कॉन्ट्रासेप्टिव से महिलाओं को होने वाली समस्याएं कुछ इस प्रकार हैं -

  • दिन भर जी मिचलाना और कभी-कभी उल्टी भी आ जाना
  • सारा दिन हल्का-हल्का सिरदर्द रहना और कभी-कभी तेज हो जाना
  • बार-बार मूड में बदलाव (मूड स्विंग) होना लगना
  • ब्रेस्ट टेंडरनेस होना, यानी स्तनों को छूने पर हल्का या तेज दर्द होना
  • मासिक धर्म के दिनों के बगैर ही हल्का-हल्का खून आना

किन बातों का रखें ध्यान

कॉन्ट्रासेप्टिव गोली पहली बार लेने से पहले एक बार किसी अच्छी गाइनेकोलॉजिस्ट से संपर्क कर लें। अगर आपको कॉन्ट्रासेप्टिव लेने के बाद स्वास्थ्य से जुड़ी कोई ज्यादा गंभीर समस्या जैसे ज्यादा उल्टियां आना या फिर तेज सिरदर्द होना जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो डॉक्टर से इस बारे में एक बार संपर्क करें। अगर आपको लगता है कि कॉन्ट्रासेप्टिव से बांझपन का खतरा बढ़ जाएगा तो आप इस बारे में भी एक बार डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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