क्या ड्रिंक और स्मोकिंग करने से महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ता है? क्या कहता है साइंस?

Smoking And Drinking Effects on Pregnancy: जीवनशैली की छोटी-छोटी आदतों का असर स्वास्थ्य पर पड़ता ही है। स्मोकिंग और ड्रिंक करने वाली महिलाओं के मन में अक्सर प्रेग्नेंसी से जुड़ी कुछ आशंकाएं होती हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में बात करेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : January 20, 2026 1:23 PM IST

Bad Lifestyle Pregnancy Risk: आज की तेज रफ्तार जिंदगी और बदलती दुनिया में ड्रिंक और स्मोकिंग को बिल्कुल आम सा मान लिया गया है। कई लोग तो इसे तनाव कम करने या सोशल लाइफ का एक अहम हिस्सा तक मानने लगे हैं। खासतौर से शहरी महिलाओं में ड्रिंकिंग और स्मोकिंग का चलन तेजी से बढ़ चला है। लेकिन अब फर्टिलिटी को लेकर सवाल उठ रहा है और महिलाएं इंटरनेट पर सर्च कर रही हैं कि क्या शराब और धूम्रपान महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ाते हैं? साइंस इस बारे में क्या कहता है? कई शोध बताते हैं कि इन आदतों का महिलाओं पर सिर्फ फेफड़ों या लिवर तक असर नहीं होता, बल्कि यह महिलाओं की प्रजनन क्षमता को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। कैसे? आइए जानते हैं।

हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सिगरेट में मौजूद निकोटिन और अन्य टॉक्सिक केमिकल्स महिलाओं के हार्मोनल सिस्टम के लिए खतरनाक होते हैं। दरअसल इससे एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर काफी हद तक प्रभावित करता है, जो ओवुलेशन के लिए जरूरी होता है। ऐसे में जब हार्मोनल असंतुलन होता है तो पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और गर्भधारण में समस्या होती है।

एग्स की गुणवत्ता होती है कमजोर

साइंस के फैक्ट बताते हैं कि महिलाओं में स्मोकिंग और अत्यधिक शराब का सेवन करने से अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर रूप से असर होता है। अध्ययन बताते हैं कि महिलाओं के पास एग्स सीमित संख्या में होते हैं और धूम्रपान इन्हें समय से पहले ही नष्ट करने का काम करता है। इससे कम उम्र में ही फर्टिलिटी घट जाती है और कई केसों में तो समय से पहले मेनोपॉज का खतरा भी बढ़ जाता है।

ओवुलेशन पर गहरा असर

जैसा ही अब आप समझ गए हैं कि अधिक मात्रा में शराब पीने से ओवुलेशन प्रभावित हो सकता है। तो वहीं रिसर्च भी बताती है कि नियमित ड्रिंक करने वाली महिलाओं में ओवुलेशन की प्रक्रिया ठीक ढंग से नहीं हो पाती है, जिससे गर्भधारण की संभावना काफी कम हो जाती है। इसके अलावा, शराब लिवर पर भी गंभीर रूप से असर डालती है, जिससे हार्मोन मेटाबॉलिज्म गड़बड़ा जाता है।

गर्भधारण में जटिलताएं

जो महिलाएं नियमित रूप से स्मोकिंग या ड्रिंक करती हैं, उनमें न सिर्फ गर्भधारण में समस्या होती है, बल्कि गर्भपात, एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी और समय से पहले डिलीवरी का खतरा भी कई गुना अधित होता है। साइंस इस बात से भी अगाह करता है कि इन आदतों से फर्टिलिटी ट्रीटमेंट जैसे आईवीएफ की सफलता दर भी कई गुना अधिक कम हो जाती है। अगर कोई महिला गर्भधारण करना चाहती है, तो उसे कम से कम 2 महीने पहले ही स्मोकिंग व ड्रिंकिंग बंद कर देनी चाहिए।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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