क्या प्रेग्नेंसी में आम खाने से बढ़ जाती है शुगर? जानें कितनी मात्रा में खाना है सही

आम स्वाद में काफी मीठा होता है, इसलिए कई प्रेग्नेंट महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि क्या इसका सेवन वे कर सकती हैं? इसकी जानकारी के लिए हमने डायटीशियन से बातचीत की है। आइए जानते हैं-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : June 12, 2026 9:23 AM IST

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Medically Verified By: Swetha. A

Mango In Pregnancy : गर्मियों में आम खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं के मन में यह सवाल आता है कि क्या आम खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकती है। मुख्य रूप से उन महिलाओं के लिए यह चिंता और भी ज्यादा होती है, जिन्हें प्रेग्नेंसी में डायबिटीज का खतरा हो या पहले से ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या हो।

इस बारे में हैदराबाद में यशोदा हॉस्पिटल की डिप्टी चीफ डायटीशियन स्वेथा ए का कहना है कि आम पोषक तत्वों से भरपूर फल है और सामान्य प्रेग्नेंसी में इसे सीमित मात्रा में खाना सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा सेवन ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा सकता है।

आम में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?

आम में विटामिन A, विटामिन C, फोलेट, फाइबर और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व भ्रूण के विकास और मां की इम्यूनिटी के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मुख्य रूप से प्रेग्नेंसी में फोलेट  काफी फायदेमंद माना जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, फोलेट गर्भ में पल रहे शिशु के न्यूरल ट्यूब के विकास में अहम भूमिका निभाता है।

क्या आम खाने से शुगर बढ़ती है?

आम में नैचुरल शुगर फ्रक्टोज, ग्लूकोज और सुक्रोज मौजूद होती है। इसलिए अधिक मात्रा में खाने पर यह ब्लड ग्लूकोज को बढ़ा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर गर्भवती महिला को आम से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए।

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, फलों का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए, तो वे हेल्डी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। लेकिन डायबिटीज या जेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं को अपने कार्बोहाइड्रेट के सेवन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है।

कितनी मात्रा में आम खाना सही है?

डायटीशियन स्वेथा के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान प्रतिदिन लगभग 100 ग्राम यानी एक छोटा आम खाना पर्याप्त माना जा सकता है। बेहतर होगा कि इसे एक बार में पूरा खाने के बजाय दो हिस्सों में बांटकर खाया जाए।

उदाहरण के लिए आप आधा आम सुबह के नाश्ते के बाद और आधा आम शाम के स्नैक के रूप में ले सकते हैं। इससे शरीर को एक साथ ज्यादा शुगर नहीं मिलती और ब्लड ग्लूकोज में अचानक वृद्धि का जोखिम कम हो सकता है।

आम खाने का सही समय क्या है?

एक्सपर्ट का कहना है कि आम को दिन के समय खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है। रात में या डिनर के बाद आम खाने से अतिरिक्त कैलोरी और शुगर शरीर में जमा हो सकती है। साथ ही आम को आइसक्रीम, मीठे शेक या अतिरिक्त चीनी के साथ खाने से बचना चाहिए। डॉक्टर्स जेस्टेशनल डायबिटीज में संतुलित कार्बोहाइड्रेट सेवन और पोर्सन कंट्रोल  की सलाह देते हैं।

किन महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए?

कुछ स्थितियों में महिलाओं को आम खाने से बचने की जरूरत होती है, जैसे-

  • जेस्टेशनल डायबिटीज
  • अनियंत्रित ब्लड शुगर
  • मोटापे का अधिक जोखिम
  • प्रीडायबिटीज, इत्यादि।

अगर आपको इनमें से कोई परेशानी है, तो आम को अपने डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लेना बेहतर होगा।

Disclaimer : प्रेग्नेंसी में आम को पूरी तरह से न खाने की सलाह नहीं दी जाती है। सीमित मात्रा में खाया गया आम मां और शिशु दोनों के लिए कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान कर सकता है। हालांकि, इसकी प्राकृतिक शर्करा को देखते हुए मात्रा और समय का ध्यान रखना जरूरी है।

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