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Written By: Anshumala | Updated : February 7, 2021 6:27 PM IST
प्रेग्नेंसी में कैस्टर ऑयल के सेवन के फायदे-नुकसान।
Castor Oil in Pregnancy in Hindi: प्रेग्नेंसी के पूरे नौ महीने एक गर्भवती महिला (Pregnant women) को सबसे ज्यादा अपने खानपान का ध्यान रखना होता है। कुछ भी खाने-पीने से पहले एक बार यह सोच लेना चाहिए कि उसका असर आपके और आपके गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर क्या होगा। आप खाना पकाने के लिए कई तरह के तेल (Oils) का यूज करती होंगी, जैसे सरसों, नारियल, जैतून आदि। इसके अलावा कुछ महिलाएं अरंडी का तेल या कैस्टर ऑयल (Castor oil in hindi) का भी अधिक सेवन करना पसंद करती हैं। पर, ये जानना भी जरूरी हो जाता है कि कैस्टर ऑयल का सेवन प्रेग्नेंसी (Pregnancy me arandi ke tel ka sewan) में करना सुरक्षित है या नहीं? बेशक, अरंडी के तेल के कई फायदे (Benefits of castor oil) होते हैं। यह बालों और त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ कई बीमारियों के होने की संभावनाओं को भी कम करता है। कब्ज का यह रामबाण इलाज करता है। कैस्टर ऑयल में एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेट्री तत्व मौजूद होते हैं। जानें, कैस्टर ऑयल का सेवन गर्भावस्था में सुरक्षित है या नहीं (Castor oil benefits in pregnancy)...
1 एक स्टडी के अनुसार, जब आप 9वें महीने में कैस्टर ऑयल का सेवन (Castor Oil in Pregnancy in Hindi) करती हैं, तो इससे डिलीवरी होने की संभावना जल्दी बढ़ जाती है। कहने का मतलब है कि जब आप इस तेल का सेवन करती हैं, तो आपको एक से दूसरे दिन ही डिलीवरी का दर्द शुरू हो सकता है। यह डिलीवरी की तय डेट से पहले ही प्रसव के खतरे को बढ़ा देता है।
2 यदि आप समय से पहले बच्चे को जन्म देना चाहती हैं और उसके लिए अरंडी का सेवन कर रही हैं, तो इसके कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इससे यूटरस को नुकसान हो सकता है, एम्बिलिकल कॉर्ड बाहर आ सकता है।
जैसा कि हम बता चुके हैं कि प्रेग्नेंसी में अरंडी के तेल का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन कुछ तरीकों से आप इसका उपयोग कर सकती हैं। आप प्रसव के बाद कमर, पेट पर हुए स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए कैस्टर तेल का इस्तेमाल कर सकती हैं।
आप नौवें महीने में कैस्टर ऑयल (Arandi ka tel) का यूज करें। ऐसा इसलिए क्योंकि 9वें महीने में शिशु पूरी तरह से डेवलप हो चुका होता है। आखिरी महीने में नॉर्मल डिलीवरी होने को सही माना जाता है। इसके लिए आप इस तेल में भोजन पका सकती हैं। इसे पानी में मिलाकर भी पी सकती हैं। पानी में मिलाकर नहीं पीना पसंद है, तो किसी जूस में आधा चम्मच कैस्टर ऑयल डालकर पी सकती हैं। इस तेल के सेवन के बाद पानी अधिक पिएं। दरअसल, कैस्टर ऑयल एक तरह का लैक्सेटिव (Laxative) होता है, जो शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है।
1 यदि आप इसका अधिक सेवन करती हैं, तो आपको प्रसव के दौरान अधिक दर्द होगा।
2 समय से पहले बच्चे को जन्म देना का रिस्क बढ़ सकता है।
3 इसके अधिक सेवन से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। लूज मोशन की समस्या बढ़ सकती है।
4 शरीर में इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस हो सकता है।
5 कहा जाता है कि यह डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क की उत्पादन क्षमता को भी प्रभावित करता है।
6 यदि आप गर्भावस्था के दिनों में कैस्टर ऑयल का सेवन अधिक करती हैं, तो मिसकैरेज (Misscarriage) होने की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में बेहतर है कि आप प्रेग्नेंसी में कैस्टर ऑयल के अधिक सेवन से परहेज करें। एक बार अपनी डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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