Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Travelling during pregnancy: प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपना बहुत अधिक ध्यान तो रखना ही पड़ता है साथ ही कई तरह के काम पहले से अधिक सावधानी से करना पड़ता है। उठने-बैठने और चलते समय भी उन्हें सावधानियां बरतनी पड़ती हैं और खान-पान से जुड़े कई नियम भी फॉलो करने पड़ते हैं। इसी तरह महिलाओं प्रेगनेंसी के दौरान यात्रा करने से पहले भी कई बातों पर गौर करने और डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत होती है। आइए जानें गर्भावस्था में यात्रा करनी चाहिए या नहीं और यात्रा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। (Travelling during pregnancy in Hindi)
डॉक्टरों के अनुसार प्रेगनेंसी का दूसरा ट्राईमेस्टर यानि दूसरी तिमाही का समय यात्रा करने के लिहाज से सुरक्षित होता है। लेकिन, अगर किसी महिला को प्रेगनेंसी के दौरान बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है या कई तरह की कॉम्प्लिकेशन्स हैं तो आपको सफर करने से मना भी किया जा सकता है। ऐसे में अगर कोई महिला ट्रैवल करना चाहती है तो उसे अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
पहली तिमाही में मिसकैरीज या गर्भपात का रिस्क अधिक होता है। इसी तरह तीसरी तिमाही में भी कई तरह की परेशानियां महिलाओं को महसूस हो सकती हैं। ऐसे में दूसरी तिमाही यानि 3-6 महीने के बीच का समय यात्रा के लिहाज से बेहतर माना जाता है।
दूसरी तिमाही में गर्भवती महिलाओं को थकान कम महसूस होती है। इसी तरह सुबह उठने के बाद होनेवाली परेशानियां जैसे सिरदर्द, उल्टी और मॉर्निंग सिकनेस दूसरे ट्राईमेस्टर में कम महसूस होती हैं या पूरी तरह से बंद हो जाती हैं। इससे आपका मूड भी अच्छा होता है और आप बेहतर महसूस करती हैं। इसी तरह उल्टी और मतली जैसी परेशानियां कम होने के कारण आप यात्रा के दौरान आसानी से अपना खाना भी खा सकती हैं।