क्या प्रेगनेंट महिला को हल्दी का दूध पीना चाहिए?

क्या हल्दी दूध का कोई साइड-इफेक्ट होता है?

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Written By: Editorial Team | Published : October 24, 2017 4:20 PM IST

ज्यादातर भारतीय घरों में हल्दी दूध पीने की परंपरा होती है। क्योंकि दादी-नानी के जमाने से हल्दी दूध पीने का चलन चल रहा है। क्योंकि ये माना जाता है कि हल्दी दूध पीने से हजम शक्ति बढ़ती है, नींद अच्छी आती है, जो लोग अर्थराइटिस के शिकार है उनके जोड़ों में दर्द होता है उससे आराम मिलता है। यहां तक कि कुछ लोगो का मानना है कि प्रेगनेंट महिलाओं को हल्दी दूध पीना चाहिए। लेकिन सच बात तो ये है कि प्रेगनेंसी में कुछ खाने या पीने से पहले सौ बार सोचनी पड़ती है या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कुछ भी खाने से पहले उससे होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में सोच लेने की ज़रूरत होती है।

साधारण तौर पर प्रेगनेंसी के समय ये कहा जाता है कि हर्बल दवाएं या सप्लीमेंट के अपने गुण होते हैं जो प्रेगनेंट महिला के लिए फायदेमंद है कि नहीं ये अभी भी साबित नहीं हुआ है। ऐसे बहुत सारी घटनायें घट चुकी है जब गर्भवती महिलाएं हर्बल और नैचुरल चीजें बिना सोचे समझे लेती हैं। क्योंकि इसका सीधा असर शिशु के सेहत पर पड़ता है। वैसे तो हल्दी मसालों में सबसे महत्वपूर्ण मसाला है और इसके बहुत सारे उपचारात्मक और रोगनिवारक गुण होते हैं। एक चुटकी हल्दी का शरीर पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है। लेकिन क्या ये सब प्रेगनेंट अवस्था में भी होता है, चलिये एक्सपर्ट की राय जानते हैं।

अगर आप मां बनने वाली है और अपनी पुरानी आदत के अनुसार हल्दी दूध पीना चाहती हैं तो डॉक्टर या सर्टिफाइड डायटिशियन से बात करें। इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने डॉ. कविता लक्ष्मी ऐश्वर्यान, कंसल्टेंट ऑब्सट्रेसियन और गायनाकॉलोजिस्ट, मदरहुड हॉस्पिटल, बैंगलुरू से बात की क्या इसका कोई असर प्रेगनेंट महिला पर पड़ता है? उनका कहना है कि वैसे तो हल्दी दूध का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और इस बारे में कोई प्रमाण भी नहीं मिला है। हल्दी खरीदने के पहले पैकेजिंग पर ध्यान दे क्योंकि अगर इसमें कोई मिलावट हो यानि लेड या मेटल हो तो वह भ्रूण के लिए मुश्किल नुकसानदेह साबित होता है। पैकेज पर हर्बल और नैचुरल लिखा हुआ हल्दी न ही खरीदे तो अच्छा है।

2010 के एक अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑब्स्ट्रेसियन एंड गायनाकॉलोजिस्ट के अनुसार प्रेगनेंसी के दौरान हर्बल और नैचुरल सप्लीमेंट्स लेने से शिशु के जन्म के समय प्रॉबल्म हो सकता है।

इसलिए  एक चुटकी हल्दी का दूध का ही सेवन प्रेगनेंसी के समय करें। अगर संभव हो तो ऑर्गनिक हल्दी लें। अगर आपको प्रॉबल्म न हो तो एक गिलास सादा दूध पीना ही अच्छा होता है जिससे कैल्शियम और प्रोटीन की आपूर्ती हो सके।

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अनुवादक: Mousumi Dutta

चित्र स्रोत: Shutterstock.

संदर्भ

Louik, C., Gardiner, P., Kelley, K., & Mitchell, A. A. (2010). Use of herbal treatments in pregnancy. American journal of obstetrics and gynecology, 202(5), 439-e1.

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