क्‍या राम मंदिर मुहूर्त के शुभ समय वाले दिन ही डिलीवरी करवाना सही है, जानिए क्‍या है एक्‍सपर्ट की राय

पिछले कई सालों में यह ट्रेंड बढ़ा है, कि अगर आप नए माता-पिता बनने जा रहे हैं तो अपने बच्चे की डिलिवरी को मनचाही डेट पर सिजेरियन सेक्शन द्वारा शेड्यूल करवा लिया जाये। ऐसे ही राम मंदिर के उद्घाटन वाले दिन भी कुछ लोग अपने बच्चे का स्वागत करने को आतुर हैं।

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Written By: Atul Modi | Updated : January 21, 2024 7:01 AM IST

फिल्हाल इस साल का सबसे शुभ मुहूर्त राम मंदिर के उद्घाटन यानी प्राण प्रतिष्‍ठा वाले दिन यानी 22 जनवरी को ही माना जा रहा है, इस दिन के लिए शेड्यूल की गई सिजेरियन डिलिवरी की संख्या काफी बढ़ चुकी है। उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण में कर्नाटक तक इन मुहूर्त वाली डिलीवरी की संख्या में डॉक्टरों को एक बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है।

ऐसा लोग इसलिए करवा रहे हैं ताकि उनका बच्चा भी उसी दिन दुनिया में आए जिस दिन भगवान श्री राम अयोध्या में आ रहे हैं। ऐसा करने के लिए बहुत सारे लोग सी सेक्शन का सहारा ले रहे हैं जिससे कि उसी तारीख और समय पर उनका बच्चा पैदा हो सके।

लोग ऐसा मान रहे हैं कि इस शुभ मुहूर्त में पैदा होने वाले बच्चे को लंबी उम्र, अच्छा स्वास्थ्य और गृहस्थ जीवन में तरक्की और अच्छा करियर जैसे लाभ प्राप्त हो सकते हैं।

क्‍या है एक्‍सपर्ट की राय

बहुत सारे परिवार यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनका बच्चा भगवान श्री राम के जैसे गुणों के साथ ही पैदा हो। गाइनेकोलॉजिस्ट और इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, लीलावती और पीडी हिंदुजा अस्पताल में डॉक्टर रिश्मा पाई ढिल्लन, कई गाइनेकोलॉजिस्ट में से एक हैं, जो सी सेक्शन डिलीवरी राम मंदिर वाले मुहूर्त के साथ ही हो, वाले कॉल्स अटेंड कर रही हैं।

नए मां बाप की यह मांग तो समझ आती है लेकिन डॉक्टर सी सेक्शन के बारे में चेताती हुई कहती हैं कि केवल एक परफेक्ट मोमेंट पर बच्चा पैदा हो इसके लिए सी सेक्शन का चुनाव करना सही नहीं है। केवल शुभ मुहूर्त के कारण ही कोई भी डॉक्टर बच्चे को समय से पहले पैदा करने का रिस्क नहीं लेना चाहेगा।

हमारे पास बहुत सारी ऐसी रिक्वेस्ट आई हैं लेकिन जब तक नई मां अपनी ड्यू डेट के नजदीक नहीं आ जाती या फिर उन्हें सच में सी सेक्शन की जरूरत नहीं होती तब तक हम उनके साथ ऐसा नहीं कर सकते।

कब डिलिवरी करवाना सही है?

22 जनवरी को डिलिवरी करवाने के लिए डॉक्टर के पास बहुत सारी कॉल्स आई हैं। डॉक्टर बताती हैं कि आम तौर पर 37 से 40 हफ्तों का समय डिलीवरी के लिए सही माना जाता है। 37वें हफ्ते में बच्चा पूरी तरह विकसित हो जाता है और सी सेक्शन केवल तब ही किया जाता है जब बच्चे और मां के लिए एक बहुत सख्त क्राइटेरिया सेट किया गया हो।

ब्रीच बेबी या ट्विंस के केस में सिजेरियन किया जाता है या फिर जब मां डायबिटिक हो या उसे ब्लड प्रेशर की समस्या हो तब भी ऐसा किए जाने की संभावना होती है। कई बार पेल्विस काफी संकुचित होता है तब नॉर्मल डिलीवरी करना ठीक नहीं होता ।

इसके कारण बच्चे को कई दिक्कत हो सकती है जैसे बच्चे में ब्लड फ्लो कम हो जाना या फिर बेबी के आस पास का फ्ल्यूड ड्राई हो जाना जिस कारण सिजेरियन की अनुमति दी जाती है। अगर पैरेंट्स ज्योतिष विद्या के अनुसार किसी जरूरी तारीख को बच्चा पैदा करना चाहते हैं तो इस केस में भी सिजेरियन की अनुमति दी जा सकती है।

डॉक्टर ने मां और पिता को खुला दिमाग रखने की सलाह दी है। किसी भी समय बच्चे का जन्म होना शुभ है, चाहे वो कोई भी तारीख हो। अगर यह तारीख आपके लिए सुरक्षित, जरूरी और आसान है तो ही मैं इस शुभ तारीख को सिजेरियन डिलिवरी की अनुमति दे सकती हूं।