
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 29, 2026 1:19 PM IST
Medically Verified By: Dr. Anusha Rao P
Image credit : ChatGPT
Pregnancy Mood Swings: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। मुख्य रूप से हार्मोनल बदलाव, नींद की कमी, थकान और तनाव की वजह से मूड स्विंग्स होना काफी सामान्य माना जाता है। कई बार महिलाएं छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन या गुस्सा महसूस करने लगती हैं।
यशोदा हॉस्पिटल की कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेक्लॉजिस्ट डॉ. अनुषा राव पी का कहना है कि प्रेग्नेंसी में कभी-कभी गुस्सा या इरिटेशन महसूस होना आम बात है, लेकिन अगर गुस्सा बहुत ज्यादा होने लगे, रिश्तों पर असर डालने लगे या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डॉक्टर कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स तेजी से बदलते हैं। इसका सीधा असर भावनाओं और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे-
डॉक्टर कहती हैं कि अगर गुस्सा या उदासी थोड़ी देर के लिए हो और आराम, अच्छी नींद या परिवार के सपोर्ट से ठीक हो जाए, तो यह सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर ये भावनाएं लगातार बनी रहें या समय के साथ बढ़ने लगें, तो मदद लेना जरूरी हो सकता है।
गुस्से के अलावा अगर आपको अन्य संकेत दिख रहे हैं, तो इसे इग्नोर करने से बचें, जैसे-
डॉक्टर कहती हैं कि मूड को ट्रैक करना बहुत ही जरूरी होता है। इसके लिए आप अपने पास एक मूड डेयरी रखें। इसमें आप अपने रिएक्शन को नोट कर सकते हैं, जैसे-
इससे डॉक्टर को आपकी स्थिति बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
डॉक्टर कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना। इसके लिए आप कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं, जैसे-
कुछ मामलों में डॉक्टर थेरेपी या सुरक्षित दवाइयों की सलाह भी दे सकते हैं।
Disclaimer : प्रेग्नेंसी में मूड स्विंग्स और हल्का गुस्सा आम हो सकता है, लेकिन अगर भावनाएं बहुत ज्यादा बढ़ जाएं या मानसिक तनाव लगातार बना रहे, तो समय रहते डॉक्टर की मदद लेना जरूरी है। डॉक्टर का कहना है कि सही सपोर्ट और देखभाल मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।