
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr Yuthika Bajpai
egg freezing
कैंसर ट्रीटमेंट अक्सर कई फैसलों से जुड़ी चुनौती लेकर आता है। खासकर अगर महिलाओं की बात करें तो वैसे ही कैंसर के कारण उनका शरीर कमजोर हो जाता है। कई महिलाओं के लिए कैंसर ट्रीटमेंट के बाद भविष्य में मां बनने की संभावना को लेकर चिंता एक महत्वपूर्ण भावनात्मक और चिकित्सीय मुद्दा बन जाती है। ऐसे में कई कैंसर रोगियों के लिए भविष्य की प्रजनन क्षमता से संबंधित चिंताएं भावनात्मक विषय हो सकती हैं। रीजेंसी हेल्थ, कानपुर की एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर युथिका बाजपेयी इस विषय पर कैंसर मरीजों को थोड़ी राहत देती हैं।
वह बताती हैं कि रीप्रोडक्टिव मेडिसिन में हुई प्रगति अब कई व्यक्तियों को ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले अपनी फर्टिलिटी को प्रिजर्व करने की अनुमति देती है। डॉक्टर ने इसके दो तरीके बताए हैं, पहला एग फ्रीजिंग (Egg Freezing) और दूसरा भ्रूण फ्रीजिंग (Embryo Freezing)। लेकिन महिलाएं दोनों प्रक्रियाएं एक साथ नहीं करवातीं हैं, इसलिए इनमें से किसी एक को आसान बनाने के लिए हमने डॉक्टर से कुछ सवाल किए। ताकि आपको इनमें से कोई एक विकल्प चुनने में मदद मिल सके।
एग फ्रीजिंग हो या एम्ब्रियो फ्रीजिंग, दोनों प्रक्रियाओं की शुरुआत ओवेरियन स्टिमुलेशन से होती है, जिसके बाद अंडाणु निकाले जाते हैं। अंतर इस बात में है कि क्या संरक्षित किया जाता है। भ्रूण फ्रीजिंग में, निकाले गए अंडाणुओं को फ्रीज करने से पहले शुक्राणु से फर्टिलाइज किया जाता है। एग फ्रीजिंग में, अंडों को फर्टिलाइज किए बिना फ्रीज किया जाता है, जिससे बाद में जब महिला गर्भावस्था की योजना बनाने के लिए तैयार हो, तब फर्टिलाइज किया जा सके।
डॉक्टर बताती हैं कि कैंसर के ट्रीटमेंट जैसे कीमोथेरेपी, पेल्विक रेडियोथेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और कुछ ओवेरियन सर्जरी ओवेरियन रिजर्व को कम कर सकते हैं और अंडाणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। ट्रीटमेंट से पहले अंडे या भ्रूण को संरक्षित करने से भविष्य में जैविक संतान होने की संभावना में काफी सुधार हो सकता है।
डॉक्टर का कहना है कि भ्रूण फ्रीजिंग का इस्तेमाल सालों से सफलतापूर्वक किया जा रहा है और आमतौर पर इससे गर्भावस्था और जीवित जन्म की दर थोड़ी अधिक होती है। फर्टिलाइज्ड भ्रूण आमतौर पर जमने और पिघलने की प्रक्रिया को अच्छी तरह सहन कर लेते हैं, और भ्रूण को फ्रीज करने से पहले उसकी गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जा सकता है। हालांकि, विट्रीफिकेशन तकनीक में हुई प्रगति ने एग फ्रीजिंग के रिजल्ट्स में सुधार किया है, खासतौर से युवा महिलाओं में, जिससे यह आज एक बहुत प्रभावी विकल्प बन गया है।
एक्सपर्ट के अनुसार “जिन महिलाओं का अभी कोई पार्टनर नहीं है, जो डोनर स्पर्म का इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं, या जो भविष्य में परिवार शुरू करने के विकल्पों को खुला रखना चाहती हैं, उनके लिए एग फ्रीजिंग ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देता है। यह महिलाओं को बाद में यह तय करने की आजादी देता है कि वे कब और किसके साथ परिवार शुरू करना चाहती हैं, और उन्हें कैंसर का पता चलने के समय ही एम्ब्रियो के मालिकाना हक के बारे में फैसला नहीं करना पड़ता।”
डॉक्टर बताती हैं कि एम्ब्रियो फ्रीजिंग उन मरीजों के लिए ज्यादा सही हो सकता है जिनका कोई कमिटेड पार्टनर है, जो पार्टनर या डोनर स्पर्म का इस्तेमाल करने में सहज हैं, और जिनके पास कैंसर का इलाज शुरू होने से पहले काफी समय है। ऐसे लोगों के लिए, यह लगातार अच्छे सक्सेस रेट वाला एक विकल्प है।
फर्टिलिटी को सुरक्षित रखने में सही समय बहुत अहम भूमिका निभाता है। एग और एम्ब्रियो, दोनों को फ्रीज करने के प्रोसेस में आमतौर पर फर्टिलिटी की जांच, हार्मोनल स्टिमुलेशन और एग निकालने के लिए पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 10–14 दिन या मरीज की स्थिति के अनुसार थोड़ा अधिक समय लग सकता है। चूंकि कैंसर का इलाज अक्सर तुरंत शुरू करने की जरूरत होती है, इसलिए मरीजों को बीमारी का पता चलने के बाद जल्द से जल्द अपने ऑन्कोलॉजिस्ट और फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन को सुरक्षित रखने के बारे में बात करनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस बात का कोई एक जवाब नहीं है कि एम्ब्रियो फ्रीजिंग बेहतर है या एग फ्रीजिंग। सबसे अच्छा विकल्प वही है जो आपकी मेडिकल स्थिति, समय-सीमा, निजी मूल्यों और भविष्य में परिवार शुरू करने की योजनाओं के अनुकूल हो। समय पर सलाह और ऑन्कोलॉजी व फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट के बीच बेहतर तालमेल से, कई कैंसर मरीज इलाज पूरा होने के लंबे समय बाद भी माता-पिता बनने की संभावना को सुरक्षित रख सकते हैं।