गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी दर्शाते हैं ये 4 संकेत, जानें कोरोना काल में आयरन की कमी मां और बच्चे के लिए कितनी खतरनाक

अधिकांश मां बनने वाली महिलाएं आयरन की कमी से पीड़ित होती हैं, जो आगे चलकर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं इसलिए गर्भावस्था के दौरान शरीर में हीमोग्लेबिन का स्तर हमेशा सही होना बहुत जरूरी है। अगर आप भी गर्भवती हैं और चाहती हैं कि आपकी शरीर में खून की कमी न हो तो इस लेख में हम आपको शरीर में हीमोग्लोबिन का हेल्दी स्तर बनाए रखने के सुझाव के साथ-साथ आयरन की कमी के कुछ लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : October 17, 2020 10:31 AM IST

मौजूदा वक्त में जब पूरी दुनिया ही महामारी से जूझने के लिए मजबूर है तब ऐसी मुश्किल भरी घड़ी में कमजोर इम्यूनिटी वाले और क्रॉनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को संक्रमण की चपेट में आने का सबसे अधिक खतरा है। वहीं इन दिनों में गर्भवती महिलाओं अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है क्योंकि गर्भधारण करने के बाद उन्हें अपने शरीर में बहुत सारे बदलावों और असुविधाओं से जूझना पड़ता है और कोरोनोवायरस महामारी ने इस स्थिति को और बदतर बना दिया है। अधिकांश मां बनने वाली महिलाएं आयरन की कमी से पीड़ित होती हैं, जो आगे चलकर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं इसलिए गर्भावस्था के दौरान शरीर में हीमोग्लेबिन का स्तर हमेशा सही होना बहुत जरूरी है। अगर आप भी गर्भवती हैं और चाहती हैं कि आपकी शरीर में खून की कमी न हो तो इस लेख में हम आपको शरीर में हीमोग्लोबिन का हेल्दी स्तर बनाए रखने के सुझाव के साथ-साथ आयरन की कमी के कुछ लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिनपर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। तो आइए जानते हैं गर्भवती महिलाओं में खून की कमी के लक्षण।

गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी के लक्षण

त्वचा का पीलापन

आंखों के आसपास काले घेरे के साथ-साथ स्किन का पीला पड़ना शरीर में आयरन की कमी का एक महत्वपूर्ण संकेत है।

अत्यधिक थकान

हालांकि गर्भवती महिलाओं को अक्सर थकान का अनुभव हो सकता है, अगर यह नीचे दिए गए लक्षणों के साथ है, तो आपको अपने हीमोग्लोबिन के स्तर की जांच अवश्य करवानी चाहिए।

कमजोर नाखून

एनीमिया का और आम लक्षण है नाखूनों का कमजोर होना। पीले नाखून, जो अक्सर टूट जाते हैं, शरीर में आयरन की कमी का एक लक्षण है। सिरदर्द और चक्कर आना, चक्कर आने के साथ तेज सिरदर्द होना भी शरीर में कम हीमोग्लोबिन के स्तर की ओर इशारा करता है।

कम भूख लगना

खाने की इच्छा कम हो जाना, अक्सर सूजन या मतली भी एनीमिया का लक्षण हो सकता है। यह लक्षण गर्भावस्था के दौरान आम हो सकता है, यही कारण है कि आपको अपने आयरन लेवल पर भी कड़ी नजर रखनी चाहिए।

शरीर में आयरन के स्तर को बनाए रखने के लिए टिप्स

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल का हेल्दी स्तर 12 के रूप में वर्गीकृत किया है जबकि इसका न्यूनतम स्तर 10 होना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए शरीर में आयरन के स्तर को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें न केवल खुद के लिए बल्कि अपने अंदर विकसित होने वाले नए जीवन के लिए भी निर्भर रहना पड़ता है।

अनार, केला, सेब, संतरा और स्ट्रॉबेरी जैसे फल शरीर में आयरन के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान अपने हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाने के लिए आपको नियमित रूप से पालक, सूखे खुबानी, चुकंदर, खजूर, गुड़ और दाल का सेवन करना चाहिए।

महामारी के दौरान बढ़ा जोखिम

कम हीमोग्लोबिन का स्तर एनीमिया की ओर इशारा करता है, जिससे गर्भवती महिलाओं को निपटना बहुत मुश्किल हो सकता है। एनीमिया आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कम कर देता है और आपके प्रति बीमारियों या संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में जब दुनिया कोरोना से त्रस्त है तब जरूरत है कि आपको अपनी इम्यूनिटी स्तर को ऊंचा रखना आवश्यक है।

गर्भवती महिलाओं को खुद को और अपने शिशु को सुरक्षित रखने के लिए इस दौरान अपनी डाइट और जीवनशैली की आदतों के बारे में दोगुना सतर्क रहना चाहिए। विभिन्न सब्जियों से भरपूर आहार का सेवन करें, आवश्यक सप्लीमेंट के साथ कम हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ा सकते हैं और बच्चे को पोषण देने के लिए ऊर्जा भी दे सकते हैं।

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