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Iodine Deficiency in Pregnancy: प्रेग्नेंसी में आयोडीन की कमी से हो सकती हैं ये बीमारियां

A growing body of evidence suggests that pregnancy is a risk factor for severe COVID-19. © Shutterstock.

कई प्रेग्नेंट महिलाओं को आयोडीन की कमी हो जाती है। आयोडीन शिशु के संपूर्ण विकास के लिए भी जरूरी पोषक तत्व है। इससे प्रेग्नेंसी में ऊर्जा लेवल बढ़ती है। जानें, प्रेग्नेंसी के दौरान आयोडीन की कमी होना क्यों नुकसानदायक हो सकता है।

Written by Anshumala |Updated : June 1, 2020 4:34 PM IST

Iodine Deficiency during Pregnancy: प्रेग्नेंसी में खानपान पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। हेल्दी डायट के सेवन से आपके साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी सही तरीके से होता है। शरीर में पोषण की कमी होना गर्भवती महिलाओं (Pregnant lady) के लिए ठीक नहीं है। खासकर, आयोडीन और आयरन की कमी (Iodine Deficiency during Pregnancy) तो बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, कई प्रेग्नेंट महिलाओं को आयोडीन की कमी हो जाती है, जिसे आप आयोडीन और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को डायट में शामिल करके दूर कर सकती हैं। आयोडीन शिशु के संपूर्ण विकास के लिए भी जरूरी पोषक तत्व है। इससे प्रेग्नेंसी में ऊर्जा लेवल बढ़ती है। जानें, प्रेग्नेंसी के दौरान आयोडीन की कमी होना क्यों नुकसानदायक हो सकता है।

शरीर में आयोडीन की कमी के सामान्य जोखिम

क्रेटिनिस्म (Cretinism)

आयोडीन की कमी होने से प्रेग्नेंसी में क्रेटिनिस्म (Cretinism) नाम की बीमारी हो जाती है। यह बहुत कॉमन साइड एफेक्ट है, जो गर्भावस्था में होती है। इस समस्या के होने पर शिशु के मस्तिष्क का विकास सही तरीके से नहीं होता है। इससे बच्चे को जन्म के बाद हमेशा के लिए कोई ना कोई मानसिक बीमारी हो सकती है।

रुक जाता है बच्चे का विकास

आयोडीन की कमी होने से बच्चे का विकास रुक जाता है। गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की कमी होने से जन्म के बाद बच्चे का शारीरिक विकास तेजी से नहीं होगा। इससे बच्चे की मानसिक और शारीरिक विकास दोनों ही रुक सकती है। यह समस्या शिशु के गर्भ में होने से ही शुरू हो जाती है।

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गोइटर रोग

आप यदि प्रेग्नेंसी के दौरान आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करेंगी, तो नवजात शिशु में गोइटर (goiter) हो सकता है। यह शिशु के लिए बेहद खतरनाक है। इससे बच्चा कोई भी काम सामान्य रूप से नहीं कर पाएगा। उसके कार्य करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को आयोडीन की कमी को दूर करने के लिए डायट में नमक के साथ-साथ रोस्‍टेड आलू, दूध, मुनक्‍का, दही, ब्राउन राइस, सी फूड, लहसुन आदि शामिल करना चाहिए।

गर्भपात

आयोडीन की कमी होने से गर्भपात (Miscarriage) होने का खतरा बढ़ जाता है। गर्भपात आपको तनाव और अवसाद की तरफ ले जा सकता है। बार-बार मिसकैरेज होना सही भी नहीं है। आप प्रेग्नेंट हैं, तो आयोडीन की कमी दूर करने के लिए हेल्दी और आयोडीन से भरपूर डायट लेना शुरू कर दें।

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