गर्भ में बच्चे की स्लो ग्रोथ का कारण हो सकती है IUGR, डॉक्टर से जानें इस कंडीशन के कारण और बचाव

भारत में हर साल लगभग 10 लाख प्रेगनेंट महिलाओं में आईयूजीआर (Intrauterine Growth Restriction) की स्थिति देखी जाती है। इस समस्या के कारण बच्चों का वजन और आकार अन्य बच्चों की तुलना में कम होता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 26, 2025 12:26 AM IST

What Is IUGR During Pregnancy- प्रेगनेंसी के 9 महीनों में मां और बच्चे दोनों की हेल्थ पर पूरी नजर रखी जाती है। डॉक्टरों द्वारा भी बच्चे के विकास (Baby's growth during pregnancy) को समझने के लिए समय-समय पर अलग-अलग तरह के टेस्ट करने की सलाह दी जाती है। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को आईयूजीआर (Intrauterine Growth Restriction ) की कंडीशन से भी गुजरना पड़ सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास ठीक तरीके से नहीं हो पता। अगर इस कंडीशन पर ध्यान नहीं दिया जाता तो इसके गम्भीर परिणाम हो सकते हैं। आईयूजीआर वाली प्रेगनेसी में बच्चे का जन्म के समय वजन बहुत कम हो सकता है। वहीं, संमय से पहले बच्चे के जन्म या प्री-टर्म बर्थ का खतरा (Risk of pre-term birth) भी बढ़ जाता है। आईयूजीआर (IUGR) की कंडीशन को आमतौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन, एक्सपर्ट के अनुसार प्रेगनेंसी के दौरान इसके मामलों में लगातार 40-50 % बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसीलिए, इसकी अनदेखी करना ठीक नहीं।

नोएडा के मदरहुड हॉस्पिटल में गायनेकोलॉजिस्ट और ऑब्सटेट्रिशियन, डॉ. मंजू गुप्ता ( Dr. Manju Gupta - Senior Consultant - Obstetrician & Gynaecologist, Motherhood Hospitals, Noida) बता रही हैं कि प्रेगनेंसी में आईयूजीआर क्यों होता है और क्या हैं इससे बचाव के उपाय। पढ़ें विस्तार से-

आईयूजीआर के कारण क्या हैं?

  • प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में कुपोषण या न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी
  • तनाव और नींद की कमी
  • हार्मोनल इम्बैलेंस
  • प्लेसेंटा से जुड़ी समस्याएं
  • प्रेगनेंसी में हाइपरटेंशन
  • डायबिटीज की बीमारी या जेस्टेशनल डायबिटीज
  • प्रदूषण
  • अनुवांशिक कारण

आईयूजीआर का डायग्नोसिस कैसे होता है?

आमतौर पर प्रेगनेंसी के दौरान रूटीन चेकअप के दौरान जब बच्चे की ग्रोथ में कोई गड़बड़ी पायी जाती है, तब डॉक्टरों द्वारा आईयूजीआर से जुड़े टेस्ट करने की सलाह देते हैं। अल्ट्रासाउंड, डॉपलर स्कैन और बच्चे के हार्ट की मॉनिटरिंग जैसे टेस्ट किए जा सकते हैं। इसके साथ ही कुछ दवाएं भी प्रेगनेंट महिला को दी जा सकती हैं।

आईयूजीआर से बचाव के उपाय क्या हैं?

प्रेगनेंसी में पोषक तत्वों की कमी या न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी आईयूजीआ का एक बड़ा कारण हो सकता है। इसीलिए, अपनी डाइट पर पूरा ध्यान दें।

आयरन, प्रोटीन, विटामिंस और हेल्दी फैट्स से भरपूर फूड्स का सेवन करें।

रोजाना 7-8 घंटें की नींद सोएं।

डॉक्टर द्वारा बतायी गयी सभी बातों का ध्यान रखें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।