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मेरे बच्चे को जन्म देने के बाद जो हुआ उनमें से केवल दो चीज़ें मुझें याद हैं- पहली, जब मैंने अपनी बच्ची को गोद में लिया, अपना दूध पिलाया तो मैं अपने आंसू रोक नहीं पायी। यह एक खुशी का ऐसा लम्हा था, जब मैंने आखिरकार उस चेहरे को देखा जिसकी कल्पना मैं पिछले 9 महीनों से कर रही थी। इसके अलावा जो दूसरी बात मुझे याद है, वह है कि किस तरह मेरी कलाइयों में बहुत अधिक दर्द हो रहा था। यह दर्द इतना गम्भीर था कि मुझे अपने छोटे बच्चे को उठाते हुए भी बहुत तकलीफ हो रही थी। बच्चे के बारे में बात करते हुए लोगों के बीच में मैं उसे अपने पास रखने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मैं यह सब डॉक्टर को बता नहीं पायी। दर्द बहुत ज़्यादा था जो कुछ घंटों तक महसूस होता रहा। उसके बाद मुझे अस्पताल से छुट्टी मिल गयी और घर से पहले भी मैं डॉक्टर को बता नहीं पाई। फिर जब मैं घर आयी और अपनी मां से दर्द के बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि मैं बहुत कमज़ोर हूं और शायद इसीलिए मुझे इतना अधिक दर्द हो रहा था। काफी समय बाद, मुझे पता चला कि कि प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं को बहुत अधिक दर्द महसूस होता है और हैरानगी की बात है कि इसके बारे में ज़्यादा बात नहीं की जाती।
शरीर के निचले हिस्से में दर्द
गर्भावस्था के दौरान एक महिला का शरीर अपना आकार बदलता है, जिससे बच्चे को विभिन्न पोषक तत्व मिल सके। “बच्चे के जन्म के बाद मेरे शरीर में विटामिन डी की इतनी अधिक कमी हो गयी थी 5 मिनट से अधिक समय तक खड़े रहने से मुझे दर्द होने लगता था। मेरे शरीर में गम्भीर दर्द महसूस होता था, विशेषकर जोड़ों में। विटामिन डी की गोलियां और इंजेक्शन लेने के बाद यह समस्या ठीक होने लगी।,” यह कहना है मेरी जैसी ही एक मां का। यही नहीं, वैजाइनल डिलिवरी के बाद वैजाइना में दर्द भी एक आम बात है। बर्थ कनाल से एक बच्चे का गुज़रने से वैजाइना पर काफी दबाव पड़ता है। बहुत सी मांओं को बच्चे के जन्म के बाद कुछ दिनों तक सुई की तेज़ चुभन या टीस मारने वाला दर्द महसूस होता है। एक और समस्या जो अक्सर बहुत-सी महिलाएं महसूस करती हैं, वह है पैरों में चोट या दर्द। यह अक्सर बैठने और बच्चे को दूध पिलाते समय महसूस होता है, जब आपके पैरों को बहुत देर तक हवा में लटकाना पड़ता है। मैं ऐसा करने से बचती थी, और हमेशा अपने पैर ऊपर रखती थी या पैरों को सपोर्ट करनेवाली किसी आरामदायक कुर्सी पर बैठ जाती थी।
शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द
एक महिला जो दो बच्चों की मां है, उन्होंने मुझे बताया कि दूसरे बच्चे के जन्म के 2 महीनों बाद तक उन्हें बहुत अधिक सिरदर्द होता था। डॉक्टर से बात करने पर डॉक्टर ने कहा कि, महिलाओं को प्रसव या डिलिवरी के दौरान रीढ़ की हड्डी में दी जाने वाली स्पाइनल ऐनिस्थीश़ (spinal anaesthesia) की वजह से यह दर्द महसूस होता है। इसके अलावा, कंधों और बाहों के ऊपरी हिस्सों में महसूस होनेवाला दर्द भी काफी आम है जो बच्चों गोद में लेने और बार-बार दूध पिलाने की वजह से होता है। इसीलिए एक अच्छी और मुद्रा में बैठकर ब्रेस्टफीड करने से आपको मदद होती है। भारीभरकम ब्रेस्ट्स और बच्चे द्वारा चूसने की वजह से निप्पल्स में दर्द हो सकता है। एक अच्छी निप्पल क्रीम लगाएं और बहुत अधिक दर्द होने पर हॉट वॉटर बैग का इस्तेमाल करें।
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अनुवादक-Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत-Shutterstock