नार्मल डिलीवरी के बाद स्टिचेस कि देखभाल कैसे करें? 5 बातों का ध्यान रखना है बहुत ज्यादा जरूरी

Tanko Ki DekhBhal Kaise Kare: डिलीवरी के बाद हर महिला की एक ही समस्या होती है और वो स्टिचिस के पेन। इस दौरान थोड़ा दर्द सहने के साथ आपको लेख में बताई कुछ जरूरी बातों का भी ध्यान रखना होगा।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 9, 2025 8:22 AM IST

Tanko Ki DekhBhal Kaise Kare: नवजात शिशु को जन्म देना एक अलग ही एक्सपियरेंस है, लेकिन ये प्रक्रिया महिलाओं शारीरिक रूप से थका देने वाली होती है। सामान्य नॉर्मल बर्थ के बाद, ज्यादातर महिलाओं को प्राकृतिक रूप से हुए घाव या एपिसियोटोमी (योनि के मुहाने पर किया जाने वाला चीरा) के कारण टांके आते हैं. हालांकि, वैसे तो यह रिकवरी का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन डिलीवरी और फिर स्टिचिस लगने के बाद की देखभाल जरूरी है, ताकि संक्रमण न हो, असहजता कम हो और टांके जल्दी भर पाएं।

हम आपको कोई भी गलत जानकारी नहीं देना चाहते इसलिए हमेशा स्पेशलिस्ट की सलाह आप तक पहुंचाते हैं। इसलिए आज हमने इस विषय पर आर्टेमिल हॉस्पिटल की ऑप्स्टेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट की हेड यूनिट है डॉक्टर नीधी राजोतिया से बाल कि और जाना कि नॉर्मल डिलीवरी के बाद टांकों की देखभाल कैसे की जाती है और किन बातों का ध्यान रखा जाता है। (Normal Delivary Ke Baad Stiches Ki Care Kaise Kare)

1. साफ-सफाई का ध्यान रखें (Practice Good Hygiene)

गायनेकोलॉजिस्ट ने कुछ बिंदू शेयर करते हुए बताया कि आप अपने शरीर और स्टिचिस की सफाई कैसे रख सकते हैं-

  • टांकों वाली जगह को साफ़ रखना संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।
  • शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद टांकों वाली जगह को हल्के गुनगुने पानी से धीरे-धीरे धोएं।
  • एक स्क्वीज (पेरी) बॉटल से बिना हाथ लगाए टांकों वाली जगह साफ हो जाएगी।
  • टांकों वाली जगह को साफ, मुलायम तौलिए से थपथपाकर सुखाएं, रगड़ें नहीं।
  • जब तक डॉक्टर न कहें, तब तक नॉर्मल साबुन या वजाइना धोने वाले उत्पादों का इस्तेमाल करने से बचें।

प्रो टिप: हवादार सूती अंडरवियर पहनें और नमी जमा होने से बचाने के लिए उन्हें नियमित रूप से बदलें।

2. सैनिटरी पैड नियमित रूप से बदलें

  • डॉक्टर ने बताया कि लोचिया यानी कि बच्चे के जन्म के बाद होने वाला रक्तस्राव, कई हफ्तों तक रह सकता है, इसलिए प्रोपर मेंसुरल हाइजीन की सही तरह सफाई जरूरी है।
  • मुलायम, ज्यादा सोखने वाले मैटरनिटी पैड का इस्तेमाल करें, खासकर शुरुआती कुछ दिनों में।
  • हर 3-4 घंटे में बदलें या अगर ज्यादा भर जाए तो पहले ही बदल लें।
  • जब तक डॉक्टर पूरी तरह से अनुमति न दें, आमतौर पर बच्चे के जन्म के 6 हफ्ते बाद, तब तक टैम्पोन का इस्तेमाल करने से बचें।

3. कब्ज और जोर लगाने से बचें

  • टांकों के बाद शौच करना डरावना लग सकता है, लेकिन घबराएं नहीं - आपका शरीर इसके लिए बना है। फिर भी, अनावश्यक रूप से जोर लगाने से बचें।
  • ज्यादा फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे- फल, हरी सब्ज़ियां, साबुत अनाज खाएं।
  • रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं।
  • जरूरत पड़ने पर, आपका डॉक्टर हल्की स्टूल सॉफ्टनर लिख सकता है।
  • जब आपको वॉशरूम जाने की जरूरत हो तो तुरंत जाएं, रोक कर न रखें।

4. सिट्ज बाथ से टांकों वाली जगह को आराम दें

  • गुनगुने सिट्ज बाथ पेरिनियल एरिया को ठीक करने के लिए नई मां के सबसे अच्छे दोस्त हैं।
  • पेरिनियल एरिया के ऊपर गुनगुने पानी वाले टब या बेसिन में बैठें।
  • दिन में 2-3 बार इस प्रक्रिया को 10-15 मिनट के लिए दोहराएं।
  • आप एंटीसेप्टिक या डॉक्टर द्वारा बताई गई हीलिंग सॉल्यूशन का इस्तेमाल कर सकती हैं (जब तक आपके डॉक्टर ने मंज़ूरी न दी हो, तब तक घरेलू उपचार न करें)।

5. टांकों वाली जगह को सहारा दें और दबाव कम करें

डिलीवरी के बाद घूमना-फिरना मुश्किल होता है, ऐसे में टांकों पर होने वाले दर्द और दबाव को रोकने के लिए आप ये चीजें करें-

  • डोनट कुशन पर बैठें।
  • लंबे समय तक बैठने से बचें - बारी-बारी से चलें और लेटें।
  • ढीले, आरामदायक कपड़े पहनें जो टांकों से न रगड़ें।
  • अगर जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह पर दर्द निवारक दवा लें।