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Hip Pain During Pregnancy : गर्भावस्था के दौरान कूल्हे का दर्द काफी आम है, मुख्य रूप से दूसरी या फिर तीसरी तिमाही में कूल्हों का दर्द काफी ज्यादा होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान कूल्हों में दर्द होने के पीछे की कई वजह हो सकती हैं, जिसमें हार्मोनल परिवर्तन, वजन बढ़ना और पॉश्चर में परिवर्तन होना इत्यादि शामिल है। इसे कम करने के लिए आप कुछ सामान्य उपायों की मदद ले सकते हैं। आइए जानते हैं गाजियाबाद स्थित अनाय मैटरनिटी क्लीनिक की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर नीरा सिंह से जानते हैं प्रेग्नेंसी के दौरान कूल्हों में क्यों होता है दर्द और इसे कम करने के क्या हैं उपाय?
प्रेग्नेंसी में महिलाओं को कई तरह की परेशानियां होती हैं, जिसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द होना शामिल है। गर्भावस्था में कूल्हे का दर्द होना काफी सामान्य माना जाता है। 2018 के एक अध्ययन से पता चलता है कि लगभग 32% गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान कूल्हों में दर्द होता है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (एसीओजी) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान शरीर में उत्पन्न होने वाले हार्मोन जोड़ों को आराम देते हैं, जिससे वे अधिक गतिशील हो जाते हैं। ऐसे में कभी-कभी दर्द होने लगता है। ऐसे में कई बार महिलाओं को उठने और बैठने में तकलीफ होती है।
गर्भावस्था के दौरान कूल्हों में दर्द होना काफी ज्यादा सामान्य है, इसके कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं। जैसे-
हालांकि, कूल्हे का दर्द गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी के पहली तिमाही में हो सकता है। लेकिन दूसरी और तीसरी तिमाही में इसके विकसित होने की संभावना सबसे अधिक होती है।
बता दें कि रिलैक्सिन एक हार्मोन है, जो मस्कुलोस्केलेटल प्रणाली के विभिन्न भागों में परिवर्तन का कारण बनता है। मस्कुलोस्केलेटल प्रणाली में हड्डियां, स्नायुबंधन ( ligaments) और अन्य संयोजी ऊतक शामिल होते हैं।
डॉक्टर का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान कूल्हों में दर्द की शिकायत होने पर आप कुछ दवाओं के साथ-साथ घर पर भी कुछ आसान से उपायों को अपनाकर कम कर सकते हैं, जैसे-
गर्म सिंकाई : कूल्हों पर गर्म सिंकाई करने से काफी रिलैक्स महसूस होता है। इससे दर्द कम होने की संभावना होती है।
पेल्विक बेल्ट : पेल्विक बेल्ट की मदद से कूल्हों के दर्द को कम करने में काफी हद तक मदद मिल सकती है।
नींद की स्थिति : कई बार गर्भावस्था के दौरान करवटें गलत लेने की वजह से कूल्हों में दर्द हो सकता है। ऐसे में सोने के दौरान अपनी स्थिति को सही करने की कोशिश करें।
एक्सरसाइज : प्रेग्नेंसी में एक्सरसाइज करने के लिए मना किया जाता है। हालांकि, कुछ हल्के-फुल्के एक्सरसाइज की मदद से आप कूल्हों के दर्द को कम कर सकते हैं।
स्ट्रेचिंग : हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग की मदद से आप कूल्हों में होने वाले दर्द को कम कर सकते हैं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।