Hypertension से पीड़ित प्रेगनेंट महिलाएं इन बातों का रखें विशेष ध्यान

जानिए गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर को कैसे कंट्रोल किया जाता है!

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Written By: Editorial Team | Published : October 5, 2017 1:15 PM IST

गर्भावस्था में महिलाओं को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इन दिनों महिलाएं बड़ी संख्या में 30 साल की उम्र में ही डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी लाइफस्टाइल डिजीज का शिकार हो रही हैं। बहुत-सी महिलाएं इस उम्र में गर्भावस्था की योजना बनाती हैं लेकिन उन्हें इन बीमारियों के कारण परेशानी हो सकती है। हाइपरटेंशन एक  साइलेंट किलर बीमारी है जिससे महिला को यह पता नहीं लग पाता कि वो इसकी चपेट में है। इस बीमारी के साथ गर्भवती होना असंभव नहीं है लेकिन आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है।

धारणा

हाइपरटेंशन एक ऐसी स्थिति है जहां आपका ब्लड प्रेशर 140/90 एमएम एचजी या उससे अधिक होता है। हालांकि ये रीडिंग किसी की फर्टिलिटी या कंसीव करने की क्षमता को सामान्य रूप से प्रभावित नहीं करती है। इसके लिए आप दवाएं ले सकती हैं।

गर्भावस्था

अगर कोई महिला हाइपरटेंशन से पीड़ित और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए दवाएं ले रही है, तो उसे गर्भावस्था के दौरान अपने गाइनोकोलोजिस्ट से बात करनी चाहिए क्योंकि कुछ दवाएं जटिलताओं का कारण बन सकती हैं। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान डॉक्टरों द्वारा दी गई सलाह का पालन करना जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान क्रोनिक हाइपरटेंशन समयपूर्व प्रसव, भ्रूण के विकास में बाधा, भ्रूण की मौत और सीजेरियन डिलीवरी जैसे दुष्प्रभाव का कारण बन सकता है। क्रोनिक हाइपरटेंशन तब होता है जब एक महिला हाइपरटेंशन वाली दवाओं से पहले गर्भावस्था या गर्भावस्था के पहले 20 हफ्तों के भीतर इसे विकसित करती है।

140/90 एमएम एचजी जैसे हल्के हाइपरटेंशन वाली महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान प्रीक्लैम्पसिया से पीड़ित होने का 20 प्रतिशत जोखिम होता है, जबकि 160/110 एमएम एचजी जैसे गंभीर हाइपरटेंशन वाली महिलाओं को प्रीक्लम्पसिया का 50 फीसदी तक का खतरा है।

दवाएं

गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेंशन का इलाज करने वाली दवा की पहली पंक्ति में अल्फा और बीटा ब्लॉकर्स लेना है। निफाइडिपिन (कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स) का उपयोग एक अतिरिक्त सेकेंड-लाइन एजेंट के रूप में किया जा सकता है अगर बीटा ब्लॉकर्स की सहायता से ब्लड प्रेशर पर्याप्त रूप से नियंत्रित नहीं हो रहा है। गर्भावस्था के दौरान गोलियां लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

जटिलताएं

गर्भावस्था के दौरान अनियंत्रित हाइपरटेंशन मां और बच्चे दोनों के लिए समस्या पैदा कर सकता है इससे प्रीक्लेम्पसिया हो सकती है जिससे गर्भ में वृद्धि को रोकना पड़ सकता है और बाद में मां में हृदय की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

हाइपरटेंशन को मैनेज करना

ज्यादातर मामलों में, उच्च रक्तचाप को दवाओं और जीवन शैली में बदलाव के साथ मैनेज किया जा सकता है - जैसे वजन को नियंत्रित करना, नमक का सेवन सीमित करना और हल्का व्यायाम करना इसके अलावा रोजाना फोलिक एसिड लेना आवश्यक है।

लेबर और डिलीवरी

बच्चे के विकास और विकास का ट्रैक रखने के लिए एक भ्रूण की निगरानी की जाती है। यदि हाइपरटेंशन के कारण भ्रूण को कोई परेशानी हो सकती है, तो आपातकालीन शल्यक्रिया की योजना बनाई जाती है। डिलीवरी के बाद अक्सर, रक्तचाप पूर्व-गर्भावस्था की स्थिति में सामान्य वापस आ जाता है। हालांकि अगर संख्या नियंत्रण में नहीं होती है, तो आपके डॉक्टर आपको दवाओं की सलाह दे सकते हैं।

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अनुवादक – Usman Khan

चित्र स्रोत - Shutterstock

सन्दर्भ- Carson, M. P., & Chen, K. K. (2014). Hypertension in a woman planning a pregnancy. Canadian Medical Association Journal, 186(2), 129-130. 

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