
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 14, 2026 4:08 PM IST
Test For Egg Count In Ovary: एक पुरानी कहावत है कि एक जीवन को इस दुनिया में लाने की शक्ति सिर्फ महिला में होती है और उसके अलावा यह काम खुद भगवान भी आकर नहीं कर सकते हैं। अब इसे महिलाओं की शक्ति समझ लें या सौभाग्य या फिर दोनों। गर्भधारण महिलाओं के जीवन का एक बेहद जरूरी समय होता है, जिसमें उनके शरीर में कई मानसिक और शारीरिक बदलाव आते हैं। थकान, चिड़चिड़ापन और अन्य कई परेशानियों का सामना भी उन्हें करना पड़ता है। यही कारण है कि महिलाएं कई बार अपने करियर के चक्कर में कंसीव करने में जानबूझकर देरी करती रहती हैं। हालांकि, उनके दिमाग में एक डर बना रहता है कि कहीं वे ज्यादा देर तो नहीं कर रही हैं? कहीं उन्हें बाद में गर्भधारण करने में परेशानी आई तो? अगर आप भी एक वर्किंग वुमन हैं या फिर किसी अन्य कारण से अभी कंसीव नहीं करना चाहती हैं, तो आपके पास कुछ जरूरी जानकारियां होनी चाहिए और इस लेख में हम आपको वे जरूरी जानकारी देने वाले हैं।
आज तक भी ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि एक महिला अपने अंडाशय में अंडों की सीमित मात्रा के साथ ही जन्म लेती है। उम्र के साथ-साथ ओवरी में एग्स की संख्या भी कम होती रहती है और जितनी उम्र बढ़ती है अंडों के घटने की गति भी तेज होती रहती है। उदाहरण के लिए आमतौर पर 30 की उम्र के बाद महिलाओं की ओवरी में अंडे घटने लग जाते हैं और 40 की उम्र आते-आते घटने की गति और तेज हो जाती है। हालांकि, अंडों के कम होने की गति उम्र के साथ-साथ उनके जेनेटिक, लाइफस्टाइल या शरीर में अंदरूनी किसी बीमारी पर भी निर्भर करता है।
एक सामान्य व स्वस्थ महिला के अंडाशय में लगभग 10 से 20 लाख अंडे होते हैं और उम्र के साथ-साथ आखिर में आते-आते इनकी संख्या घटकर 3 से 5 लाख रह जाती है। जब एक महिला मेनोपॉज की उम्र तक पहुंचती है, तब तक उसकी ओवरी में एग्स की संख्या घटकर लगभग 1 हजार या उससे भी कम रह जाती है।
यह बात सच है कि उम्र के साथ-साथ किसी महिला की प्रजनन क्षमता में कमी होने लगती है और यह शरीर की एजिंग प्रोसेस का एक हिस्सा है। उम्र के साथ-साथ ओवरी के अंडे कम होना भी इसी प्रोसेस का एक हिस्सा है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि एक महिला के शरीर की प्रजनन क्षमता लगातार कम होने के कारण उम्र के साथ-साथ उनमें इनफर्टिलिटी का खतरा भी बढ़ता रहता है।
अच्छी बात है कि एक महिला अपने अंडाशय में कितने अंडे बचे हुए हैं, उसका पता लगा सकती हैं और उसके लिए टेस्ट उपलब्ध हैं। एग्स की संख्या का पता लगाने के लिए आमतौर पर एंटी-मुलेरियन टेस्ट (AMH Test) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन टेस्ट (FSH Test) कराए जाते हैं। हालांकि, ये टेस्ट कराने के लिए फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है।
ये सभी टेस्ट उन महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी हो सकती हो सकते हैं, जो करियर या किसी अन्य वजह से थोड़ा लेट कंसीव करना चाहती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये टेस्ट कराकर महिलाएं अपनी ओवरी में एग रिजर्व का पता लगा सकती हैं, जिससे डॉक्टर की मदद से उन्हें यह अंदाजा मिल सकता है कि वे आगे कितने साल तक कंसीव कर सकती हैं या फिर आने वाले समय में उनके लिए इनफर्टिलिटी का खतरा कितना होगा।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।