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Kaise Jane Bachhe Ko Maa Ka Dudh Mil Rha Hai: मां बनने और बच्चे को स्तनपान कराने का सुख अलग ही होता है, लेकिन वे महिलाएं जो पहली बार मां बनती हैं उनके लिए यह बहुत चिंताजनक होता है। बच्चे का बार-बार रोना उन्हें पेरशान कर देता है और जब बात दूध पिलाने की आती है तो वे समझ नहीं पाती हैं कि बच्चे का पेट भरा है या नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि वैसे तो हर 2 घंटे में बच्चे को दूध पिलाया जाता है, लेकिन कुछ केस में बच्चे को जल्दी या देरी से भूख लग सकती है।
ऐसे में मांओं का बस एक ही सवाल रहता है कि 'मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे शिशु को पर्याप्त दूध मिल रहा है?' या 'उसका पेट भर रहा है या नहीं?' इस विषय पर हमने गाइनेकोलॉजिस्ट और ऑब्सटेट्रिशियन डॉ. रुजुल झावेरी से बात ही और मांओं के इस सवाल को उनके सामने रखा। उन्होंने क्या जवाब दिया, आइए आपको बताते हैं।
डॉक्टर ने बताया कि 'जब आपका शिशु भूखा हो तो ध्यान दें कि उसकी मुट्ठियां कसी हुई हैं या नहीं। यह दर्शाता है कि शिशु दूध पीने के लिए तैयार है। जब आप अपने शिशु को स्तनपान कराएंगी, तो आपको निगलने की आवाजें सुनाई देंगी और उसका हाथ ढीला होकर खुलने लगेंगे।'
डॉक्टर ने बताया कि ब्रेस्टफीडिंग से जुड़े कुछ अन्य संकेत भी हैं जिनपर मांओं को ध्यान देना चाहिए। वे यह दर्शाते हैं कि आपके शिशु ने पर्याप्त दूध पी लिया है या नहीं।शिशु स्तन पर संतुष्ट और आराम महसूस करता है- जिसे 'दूध पिया हुआ' भी कहा जाता है।
अगर आपको लगता है कि आपका शिशु दिन के कुछ खास समय (आमतौर पर दिन के अंत में) में बार-बार दूध पीना चाहता है, तो जान लें कि यह सामान्य है। चाहे आप नवजात शिशु को स्तनपान करा रही हों या बोतल से दूध पिला रही हों, इस तरह की क्लस्टर फीडिंग हो सकती है। हालांकि यह स्तनपान करने वाले शिशुओं में ज्यादा देखा जाता है।
नवजात शिशु को स्तनपान कराते समय, खासकर अगर आप पहली बार माता-पिता बने हैं तो स्तनपान के कार्यक्रम को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है और साथ ही यह भी कि 'क्या मेरे बच्चे को पर्याप्त दूध मिल रहा है?’ नवजात शिशु की देखभाल करना कठिन काम है, लेकिन सिर्फ इसलिए कि आपका शिशु क्लस्टर फीडिंग कर रहा है, इसका मतलब यह नहीं कि आप हर बार पर्याप्त दूध नहीं बना पा रहे हैं।
हां, महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान और प्रेगनेंसी के बाद भी जब वे ब्रेस्टफीडिंग करा रही हों उस दौरान देसी घी का सेवन जरूर करना चाहिए। देसी घी से हेल्दी फैट्स और विटामिन डी प्राप्त होता है जो महिलाओं की हड्डियों को मजबूत करता है।
बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को हल्का और सुपाच्य भोजन खाना चाहिए। प्रोटीन और डाइटरी फाइबर वाले फूड्स का सेवन अधिक करें। इसके साथ ही विटामिन डी के लिए दूध और अन्य डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन जरूर करें।
शुरुआत में थोड़ी तकलीफ हो सकती है। लेकिन, कुछ समय बाद स्तनपान करवाते समय दर्द का अनुभव नहीं होता है।
जी हां, अगर बच्चा सही तरीके से स्तनपान करता है, तो उसका स्तनपान से ही पेट भर जाता है। साथ ही, उसे सभी जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाते हैं।