Written by Ashu Kumar Das|Updated : December 17, 2025 2:18 PM IST
How Air Pollution Can Affect Your Pregnancy Tips to Prevent : दिल्ली का प्रदूषण आम लोगों से ज्यादा प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए हानिकारक है। प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक कण, धुआं, जहरीली गैसें और सूक्ष्म कण (PM2.5, PM10) सिर्फ प्रेग्नेंट महिला ही नहीं, बल्कि गर्भ में पलने वाले शिशु के विकास को भी बाधित कर सकते हैं। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 से ज्यादा हो चुकी है, तो हम आपको बताने जा रहे हैं वायु प्रदूषण के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए, ताकि मां और बच्चे दोनों सुरक्षित रहें (Pradushan Mein Pregnant Mahila ko Kin Baato ka Dhyan Rakhna Chaiye)।
वायु प्रदूषण प्रेग्नेंसी में क्यों खतरनाक है?- Why is air pollution dangerous during pregnancy?
जयपुर स्थित सीके बिड़ला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डायरेक्टर डॉ. सी.पी. दाधीच (Dr. C. P. Dadhich Director - Obstetrics & Gynaecology, CK Birla Hospitals, Jaipur) का कहना है कि प्रदूषित हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और बारीक धूल कण होते हैं।ये सांस के जरिए प्रेग्नेंट महिलाओं के शरीर में प्रवेश कर जाता है। जिससे ये मां और गर्भ में पलने वाले शिशु के लिए हानिकारक को ह सकता है।
वायु प्रदूषण में प्रेग्नेंट महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए-
इन दिनों जब दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण सूचकांक 500 से ज्यादा हो चुका है, तो प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा समय तक घर के बाहर घूमने से बचना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाएं लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहती हैं, तो प्रदूषण के छोटे कण सीधे फेफड़ों में जाकर ऑक्सीजन की मात्रा कम कर सकती है, जिससे बच्चे तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और गर्भपात का खतरा हो सकता है।
डॉक्टर बताते हैं कि कई बार महिलाएं सोचती हैं कि वो प्रदूषित हवा में थोड़ा समय बिता ही लेंगी तो क्या ही हो जाएगा। लेकिन ये सोच बहुत ज्यादा गलत है। प्रेग्नेंट महिलाओं को बिना N95 या अच्छे क्वालिटी के मास्क के बाहर जाने से बचना चाहिए।
वायु प्रदूषितइलाकों में प्रेग्नेंट महिलाओं को ट्रैफिक जाम, कंस्ट्रक्शन साइट,फैक्ट्री या इंडस्ट्रियल एरिया या कूड़ा जलने वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। इन जगहों की हवा में मौजूद टॉक्सिक तत्व बच्चे के अंगों के विकास को प्रभावित कर सकते हैं।
10 में से 7 महिलाएं आज भी ये बात मानती हैं कि बाहर का प्रदूषण रोकने के लिए घर पूरी तरह बंद रखना सही है। लेकिन ये चीज पूरी तरह से गलत है। प्रेग्नेंट महिलाएं घर एयरटाइट में रहेंगी तो उन्हें घबराहट, लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। साथ ही, किचन का प्रदूषण भी प्रेग्नेंट महिला को बीमार कर सकता है।
प्रदूषण के छोटे कणों के कारण अक्सर सर्दी, खांसी और एलर्जी की परेशानी होती है। ये परेशानी प्रेग्नेंट महिलाओं में ज्यादा हो सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान अगर आपको ज्यादा खांसी और एलर्जी की परेशानी हो रही है, तो बिना किसी डॉक्टर के सलाह के दवा का सेवन न करें। कुछ दवाइयां गर्भ में बच्चे के विकास पर नेगेटिव असर डाल सकती हैं।
वायु प्रदूषण के दौरान महिलाओं को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
प्रदूषित हवा के प्रभाव से बचने के लिए महिलाओं को घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना चाहिए।
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