World Hypertension Day 2020: प्रेग्नेंसी में हाइपरटेंशन के कारण, समस्याएं और बचने के उपाय

प्रेग्नेंसी या गर्भावस्था में हाइपरटेंशन होने के कारण (Hypertension in Pregnancy in hindi) प्लेसेंटा में खून का प्रवाह कम हो जाता है। प्लेसेंटा में खून सही से ना पहुंचने से गर्भ में पल रहे शिशु को कम ऑक्सीजन मिलती है। इससे उसके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। जानें, गर्भावस्था में हाइपरटेंशन के कारण, जटिलताएं और बचने के उपाय

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Written By: Anshumala | Updated : May 17, 2020 12:18 PM IST

High BP in Pregnancy : अधिकतर महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दिनों में उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन (Hypertension in Pregnancy) की समस्या शुरू हो जाती है। इससे मां और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरा बढ़ जाता है। आज की अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या शुरू हो जाती है। प्रेग्नेंसी या गर्भावस्था में हाइपरटेंशन होने के कारण (Hypertension in Pregnancy in hindi) प्लेसेंटा में खून का प्रवाह कम हो जाता है। प्लेसेंटा में खून सही से ना पहुंचने से गर्भ में पल रहे शिशु को कम ऑक्सीजन मिलती है। इससे उसके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इससे शिशु का विकास धीमी गति से होता है। जन्म के समय बच्चे का वजन बहुत कम होने के साथ ही प्रीमेच्योर डिलीवरी की संभावना बढ़ सकती है।

प्रेग्नेंसी में हाइपरटेंशन से होने वाली समस्याएं

प्रेग्नेंसी के दिनों में हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के कारण (High BP in Pregnancy) हृदय संबंधी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेंशन को नजरअंदाज करना ठीक नहीं। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य, खान-पान का अधिक ख्याल रखना जरूरी होता है।

गर्भावस्था में हाइपरटेंशन के कारण

गर्भावस्था में हाइपरटेंशन के कारण निम्न हो सकते हैं-

थकान (Causes of High BP in Pregnancy)

मोटापा

एल्कोहल का सेवन

स्मोकिंग

पहला गर्भाधारण

40 की उम्र

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गर्भावस्था में हाइपरटेंशन के प्रकार

क्रोनिक हाइपरटेंशन (Chronic Hypertension)

महिलाओं को अगर पहले से ही हाइपरटेंशन (High BP in Pregnancy) की बीमारी होती है, तो यह गर्भावस्था के दौरान भी बनी रहती है। इसे क्रोनिक हाइपरटेंशन कहते हैं।

जेस्टेशनल हाइपरटेंशन (Gestational Hypertension)

गर्भावस्था का 20वां सप्ताह खत्म हो जाने के बाद बहुत सारी महिलाओं को जेस्टेशनल हाइपरटेंशन की समस्या हो जाती है। हालांकि, यह समस्या डिलीवरी के बाद खत्म हो जाती है।

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प्रेग्नेंसी में हाइपरटेंशन से बचने के उपाय

गर्भावस्था में हाइपरटेंशन से बचने (Tips to avoid hypertension in pregnancy) के लिए तनाव, चिंता से दूर रहने की कोशिश करें।

प्रेग्नेंसी के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ से बार-बार जांच कराना जरूरी है।

ब्लड प्रेशर की जांच करना अनिवार्य होता है। उच्च रक्तचाप आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

हमेशा हेल्दी फूड्स ही खाएं। तैलीय, मसालेदार, जंक फूड्स का सेवन कम करें।

स्मोकिंग और एल्कोहल से दूर रहें।

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