
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : March 1, 2023 2:07 PM IST
Pregnancy care in climate change: बदलते मौसम में बीमार पड़ना एक आम बात है, इस दौरान होने वाली बीमारी सीरियस तो नहीं होती है लेकिन थोड़ा परेशान कर देने वाली हो सकती है। हालांकि, बदलते मौसम के दौरान कुछ चीजों का ध्यान रखकर हम इस मौसम में बीमार पड़ने से बच सकते हैं। लेकिन आम लोगों की तुलना में गर्भवती महिलाओं को बदलते मौसम के दौरान बीमार पड़ने का खतरा ज्यादा रहता है और कई बार वे इस दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़ सकती हैं। इस बारे में हमने डॉक्टर डॉक्टर प्रसंग भारद्वाज से बात की और उन्होंने बताया कि बदलता मौसम किस प्रकार गर्भवती महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और किस प्रकार इससे बचाव किया जा सकता है। डॉक्टर प्रसंग भारद्वाज जनरल फिजिशियन हैं और हेमाटोलॉजी, ओंकोलॉजी और कोविड स्पेश्लिटी डिपार्टमेंट के साथ काम कर चुके हैं। चलिए जानते बदलते मौसम से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है और कैसे वे सुरक्षित रह सकती हैं।
डॉक्टर प्रसंग के अनुसार गर्भवती महिलाओं की प्रतिरक्षा प्रणाली में कुछ बदलाव आ जाते हैं या किसी कारण से इम्यून सिस्टम सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता है। ऐसा आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक बदलाव के कारण होता है, जिनमें हार्मोन लेवल में बदलाव और शारीरिक कार्य प्रक्रिया में बदलाव आदि शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं के शरीर में एक और प्रमुख बदलाव आता है और वह है बॉडी एक्टिविटी कम हो जाना और इसका सीधा असर उनके इम्यून सिस्टम पर पड़ता है।
आगे डॉक्टर ने यह भी बताया कि यह बात भी नोट करने की है कि गर्भवती महिलाओं का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से प्रभावित नहीं होता है। इसलिए ऐसे कई तरीके हैं जिनके दौरान महिलाओं का शरीर बदलते मौसम में होने वाले संक्रमण व अन्य रोगों से बच सकता है।
डॉक्टर प्रसंग ने बताया कि वातावरण के कुछ कारक हैं, जो महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जैसे वायु प्रदूषण और तापमान ज्यादा गर्म या ठंडा होना आदि। ये कारक न सिर्फ गर्भवती महिलाओं के शरीर को प्रभावित करते हैं, बल्कि इससे गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी प्रभाव पड़ता है। तापमान ज्यादा कम होने या बढ़ जाने के कारण माता का शरीर तापमान को रेग्युलेट नहीं कर पाता है और इस कारण से गर्भ में पल रहे भ्रूण के विकसित होने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। डॉक्टर के अनुसार बहुत ज्यादा ठंड या गर्म तापमान के संपर्क में आना भी गर्भावस्था से जुड़ी कई जटिलताएं पैदा कर सकता है जिनमें समय से पहले जन्म, बच्चे का वजन सामान्य से कम होना और यहां तक की मृत बच्चा पैदा होने जैसे गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
डॉक्टर प्रसंग भारद्वाज के अनुसार गर्भवती महिलाओं को बदलते मौसम में अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है और ऐसा करके ही वे गर्भ में पल रहे बच्चे को हेल्दी रख पाएंगी। जितना हो सके गर्भवती महिलाओं को वायु प्रदूषण के संपर्क में नहीं आना चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान जो भी वैक्सीन लगने हैं, उन्हें समय रहते लगवाते रहें और उचित साफ-सफाई का ध्यान रखें। यदि आपको हेल्थ से जुड़ी किसी भी प्रकार की कोई समस्या महसूस होती है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में बात करें। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्फेक्शन जैसी स्थितियों को इलाज जितना जल्दी शुरू किया जाए वह उतना ही आसान रहता है।