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गर्भ‍वती महिलाओं के लिए खास मानसून टिप्स

मानसून में गर्भवती महिलायें कैसे रखेंगे खुद को स्वस्थ।

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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 4, 2017 6:08 PM IST

गर्मी के मौसम में तेज धूप से जब इंसान बेहाल हो जाते हैं उस वक्त मानसून की फुहार का आनंद सभी उठाना चाहते हैं लेकिन यही फुहार गर्भवती महिलाओं को भारी पड़ सकता है क्योंकि मानसून अपने साथ कई प्रकार के संक्रमण भी लाता है। पढ़े- किचन के कोने-कोने छिपा है मानसून की बीमारियों का उपचार

यह मौसम मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए प्रतिकूल परिस्थिति उत्पन्न कर सकता है। नर्चर आईवीएफ सेंटर में महिला रोग एवं इनफर्टिलिटी उपचार विशेषज्ञ डॉ. अर्चना धवन बजाज का कहना है कि इस मौसम में वातावरण में नमी की वजह से कीटाणु ज्यादा सक्रिय रहते  हैं, जिसकी वजह से डेंगू, मलेरिया, जुकाम, फ्लू, बुखार, त्वचा संक्रमण, फंगस संक्रमण, खाद्य संक्रमण और पानी से होने वाले संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस मौसम में हैजा और लेप्टोसिरोसिस आदि गंभीर बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। पढ़े- मानसून में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीज़ें

डॉ. अर्चना के मुताबिक, लेप्टोसिरोसिस, एक जीवाणु के द्वारा पनपता है जो इंसान या जानवर किसी के भी द्वारा गर्भवती महिला के गर्भ तक पहुंच सकता है। लेप्टोसिरोसिस संक्रमण गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए जानलेवा भी हो सकता है।

इसके अतिरिक्त पेट संक्रमण, डिहाइड्रेशन आदि भी पानी से होने वाले रोगों में से एक हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को इस मौसम में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। अगर इन छोटी-छोटी बातों का वे ध्यान रखेंगी तो बिना किसी मुश्किल के वे मानसून का पूरा आनंद भी उठा पायेंगी और स्वस्थ भी रह पायेंगी।

मानसून में गर्भवती महिला की सुरक्षा के लिए ध्यान रखने योग्य बातें :

-साफ व कीटाणु मुक्त पानी पीएं, स्वच्छ भोजन खाएं। मानसून में आम तौर पर गर्भवती महिलायें कम पानी पीती हैं,  इस गलती को न दोहरायें और कम-से-कम 2 से 2.5 लीटर पानी ज़रूर पियें।

-गर्भधारण के बाद हानिकारक (जंक) खाद्य और पैकेजिंग वाले खाने से दूर रहें।

-तरल पदार्थों के साथ-साथ आवश्यक सप्लीमेंट भी लें।

-गर्भवती महिलाओं उबला हुआ या फिल्टर पानी ही पियें।

-खाना बनाने से पहले सब्जियों को साफ पानी से धो लें, भाप में पकी हुई सब्जि़याँ खाना ही अच्छा विकल्प होता है।

-गर्भावस्था में विटामिन-सी का सेवन अधिक करना चाहिए।

-गर्मियों में गर्भवती महिलाओं को सिंथेटिक के कपड़े नहीं पहनने चाहिए, क्योंकि सिथेंटिक से बहुत पसीना आता है और गर्मी भी लगती है।

-देर तक कटे हुए फल न खायें।

- मानसून में इमली, चटनी या अचार खाने से बचें क्योंकि इनसे शरीर में जल की मात्रा बढ़ती है।

- कड़वे सब्ज़ियों और हर्ब जैसे- करेला,  मेथी, तुलसी, हल्दी को अपने डायट शामिल करें, इससे संक्रमण का खतरा कु्छ हद तक कम हो जाता है।

- मौसमी फलों को अपने डायट में शामिल करना न भूलें।

-बाहर का खाना खाने के बजाय घर का बना खाना खायें, इससे शरीर का इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है।

-गर्भवती महिलाओं को नमक या चीनी जैसे सफेद चीजों को अत्यधिक मात्रा में खाने से बचना चाहिए। 

स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत:  shutterstock


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