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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:10 PM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
आम तौर पर प्रेगनेंसी के दौरान माँ के वज़न बढ़ने से लोग ये सोचकर खुश होते हैं कि बच्चा भी हेल्दी और हृष्ट पुष्ट जन्म लेगा। लेकिन लोग इस बात से अनजान होते हैं कि भविष्य में यही हेल्दी दिखने वाला मोटापा अभिशाप का रूप धारण कर लेता है। इसलिए गर्भावस्था के समय अपने वज़न का ख्याल रखने के साथ-साथ अपना हेल्थ चेकअप भी करवायें। क्योंकि अगर आप डाइबिटीज़ के शिकार है तो उसका असर बच्चे पर भी पड़ सकता है। पढ़े- क्या प्रेगनेंसी के दौरान कच्चे फल और सब्ज़ी खाना सेफ है?
जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान मोटापे और मधुमेह की शिकार होती हैं, ऐसी महिलाओं की संतान में अधिक वजन और मोटापे की संभावना होती है। एक अमेरिकी अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। अमेरिका के पोर्टलैंड स्थित केसर परमानेंट सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च में इस अध्ययन की मुख्य लेखिका डॉ. टेरेसा हिलियर ने बताया, 'गर्भावस्था के समय जब महिलाओं में शर्करा और वजन बढ़ने लगता है, तो इस दौरान संतान के चयापचय में बदलाव होता है, जो बचपन में मोटापे का शिकार होने की निशानी है।' पढ़े- प्रेगनेंसी के दौरान इन 10 चीजों को भूलकर भी न खायें!
इस शोध के लिए अमेरिका के तीन राज्यों की 24,000 महिलाओं और उनके बच्चों पर अध्ययन किया गया। जन्म के दौरान सभी बच्चे सामान्य वजन के थे। इन बच्चों का शोधार्थियों ने 10 साल की उम्र तक आकलन किया। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान मधुमेह की शिकायत हुई थी, उनके बच्चों में 10 साल की उम्र तक मोटापा ग्रस्त होने की 30 प्रतिशत संभावना पाई गई। वहीं जिन महिलाओं का वजन गर्भावस्था के दौरान 40 पाउंड तक बढ़ा था, उनके बच्चों में अधिक मोटापे का 16 प्रतिशत जोखिम पाया गया।
चित्र स्रोत: Shutterstock