how to increase breast milk: दूध नहीं बनने पर महिलाएं चबाएं हलीम के बीज, दूध बनने के साथ पूरी होगी खून की कमी

क्या आप हाल-फिलहाल में मां बनी हैं? अगर हां तो शायद आपको ब्रेस्ट मिल्क संबंधी कई समस्याएं आ रही होंगी। ऐसी स्थिति में कुछ हलीम के बीज चबाएं और बढ़ाएं दूध। जानें हलीम के बीज चबाने के 5 फायदे।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Updated : February 6, 2021 10:29 AM IST

जह बात सुपरफूड्स की होती है तो लोग अक्सर बीजों को अपनी पहली पसंद मानते हैं। और अगर आप इनकी गिनती करना शुरू करेंगे तो चिया सीड्स से लेकर आपके पास कद्दू के बीज, अलसी के बीज जैसे तमाम तरह के बीज आपके सामने आते जाएंगे। इसमें कोई दो राय नहीं कि ये सुपरफूड हमारे स्वास्थ्य के लिए कितने अच्छे और बेहतर होते हैं। लेकिन सही स्थिति में सही बीज का चयन बहुत ही जरूरी है। जी हां, अगर आप वजन कम करना चाह रहे हैं तो अलसी के बीज, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना है तो कद्दू के बीज। ठीक इसी तरह आप अगर हाल-फिलहाल में मां बनी हैं और आपका दूध नहीं उतर रहा है तो आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है। इस स्थिति में आपको देसी नुस्खा आजमाने की जरूरत है। ये नुस्खा इतना महंगा नहीं बल्कि आपको सिर्फ हलीम के बीजों का सेवन करना है और आप पाएंगी कि आपकी समस्या हल होने लगी है। आइए जानते हैं कैसे आप इस नुस्खे को आजमा सकती हैं।

ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन बढ़ाते हैं ये बीज

हलीम के बीज आयरन और प्रोटीन से समृद्ध होते हैं, जिनमें गैलेक्टागोज ( galactagogue) गुणों की क्षमता होती है, ये उन महिलाओं के लिए फायदेमंद होते हैं, जो कुछ ही दिन पहले मां बनी है या फिर जिनका दूध नहीं उतर रहा है। गैलेक्टागोज फूड का इस्तेमाल ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन बढ़ाने और उसे बनाए रखने के लिए किया जाता है। शिशु को दूध पिलाने वाली महिलाओं को रोजाना इन बीजों का सेवन करना चाहिए। आप इन्हें गोंद के लड्डू में मिलाकर भी खा सकती हैं।

खून की कमी दूर करते हैं ये बीज

जैसा कि हमने बताया कि हलीम के बीज आयरन का एक समृद्ध स्त्रोत हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं के विकास में मदद करता है और हीमोग्लोबिन लेवल को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसलिए इन्हें एनीमिया की समस्या को दूर करने में प्रभावी माना जाता है। एक चम्मच हलीम के बीज में 12 मिलीग्राम आयरन होता है। इतना ही नहीं हलीम के बीज विटामिन सी का भी एक समृद्ध स्रोत हैं और इसलिए आपको इन बीजों के साथ दूसरे बीजों का सेवन करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

मासिक धर्म को नियंत्रित करते हैं ये बीज

महिलाओं के लिए संपूर्ण स्वास्थ्य और नियमित मासिक धर्म चक्र का होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि ये उनकी प्रेगनेंसी को प्रभावित कर सकता है। हलीम के बीज में एस्ट्रोजन हार्मोन की नकल करने वाले फाइटोकेमिकल्स मौजूद होते हैं इसलिए इन बीज का सेवन हार्मोन को विनियमित करने और अनियमित मासिक धर्म चक्र को सामान्य करने में मदद करता है।

वजन घटाने में मदद करते हैं ये बीज

हलीम के बीजों में मौजूद प्रोटीन और फाइबर आपको लंबे समय तक फुल रखने में मदद करते हैं। इन बीजों के सेवन से आपको भूख को शांत रखने और जरूरत से ज्यादा खाने की समस्या से छुटकारा मिलता है, जो कि सही वजन बनाए रखने वाले लोगों के लिए हानिकारक है। इस बीज में मौजूद प्रोटीन आपको मसल्स मास और हेल्दी तरीके से वजन कम करने में मदद करता है।

इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद करता है ये बीज

हलीम के बीज में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन सी, ए, ई और फोलिक एसिड इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ये आपको कई बीमारियों और इंफेक्शन से दूर रखते हैं। इन बीजों के एंटी-माइक्रोबायल गुण आपको सर्दी, जुकाम और गले में खराश जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source