
डॉ. लिपि शर्मा
डॉ. लिपि शर्मा एक एक्सपीरियंस्ड ऑब्सटेट्रिशियन एंड गाइनेकोलॉजिस्ट हैं, जिन्हें इस फील्ड में 12 वर्षों ... Read More
Written By: Dr. Lipi Sharma | Updated : February 28, 2026 1:59 PM IST
Pregnancy Problems: पीरियड्स यानी मासिक धर्म का समय पर आना महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सी जानकारियां देता है। कई महिलाओं में देखा गया है जिन महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी अक्सर समस्याएं होती रहती हैं, उन्हें बाद में कंसीव करने यानी गर्भधारण करने में भी दिक्कत आती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मासिक धर्म नियमित रूप से सही समय पर तभी आते हैं, जब किसी महिला का हार्मोन स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही सही हो। लेकिन यह भी सच है कि अगर मानसिक स्वास्थ्य सही नहीं है तो उन्हें अन्य कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ जाता है। लेकिन समय पर मासिक धर्म आना ही सिर्फ यह संकेत नहीं है कि आने वाले समय में महिला सफलतापूर्वक गर्भधारण कर पाएगी बहुत से मामलों में यह भी देखा गया है कि महिलाएं जिन्हें समय पर पीरियड्स हो रहे हैं और पीरियड्स सही से आ रहे हैं, फिर भी उन्हें कई बार कंसीव करने में दिक्कत हो सकती है।
“बहुत सी महिलाएं यह सवाल लेकर आती हैं कि उनके पीरियड्स हर महीने समय पर आते हैं, फिर भी प्रेग्नेंसी नहीं ठहर रही। आम तौर पर यह मान लिया जाता है कि अगर मासिक धर्म नियमित है, तो गर्भधारण में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। लेकिन सच्चाई यह है कि नियमित पीरियड्स होना जरूरी शर्त है, पर्याप्त नहीं। प्रेग्नेंसी के लिए शरीर में कई प्रक्रियाओं का सही तरीके से काम करना जरूरी होता है।”
नियमित पीरियड्स का मतलब है कि मासिक धर्म 24 से 35 दिन के बीच आता हो, हर महीने लगभग एक जैसे अंतराल पर आता हो और 3–7 दिन तक रहता हो। इससे यह संकेत मिलता है कि हार्मोनल चक्र सामान्य रूप से चल रहा है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हर महीने ओव्यूलेशन (अंडा रिलीज होना) सही समय और सही गुणवत्ता के साथ हो रहा है। यह महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य की एक सामान्य प्रक्रिया है और किसी अन्य बीमारी के कारण या किसी दवा आदि के प्रभाव के कारण इस पर कुछ प्रभाव पड़ सकते हैं।
गर्भधारण करने के लिए महिलाओं के शरीर में कोई एक दो नहीं बल्कि कई अलग-अलग प्रक्रियाएं अलग-अलग समय पर काम करती हैं। यह पूरी एक सीरिज की तरह काम करती है और अगर इसमें से कोई एक भी कार्य श्रृंखला ठीक सेकाम न कर पाए तो इससे गर्भ ठहरने में दिक्कत आ सकती है। गर्भधारण के लिए कौन कौनसी प्रक्रियाएं एकसाथ काम करती हैं, इस बारे में हम आपको नीचे बताने वाले हैं -
ऊपर बताई गई ये चीजें कंसीव करने के लिए बेहद जरूरी है और अगर इनमें से कोई भी चीज सही नहीं है तो प्रेगनेंसी में दिक्कत आ सकती है। जबकि कई बार ऐसा भी हो सकता है कि ऊपरोक्त में से कोई समस्या होने के बावजूद भी महिलाओं को सामान्य रूपसे पीरियड्स आ रहे हों।
जैसा कि ज्यादातर महिलाओं को यही लगता है कि अगर उनके पीरियड्स सही समय पर आ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उनके हार्मोन सही हैं और वे भविष्य में बिना किसी तकलीफ के गर्भधारण कर सकते हैं। लेकिन जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया हर बार ऐसा नहीं होता है, क्योंकि कई बार पीरियड्स सही समय पर आने के बावजूद भी प्रेगनेंसी होने में दिक्कत हो सकती है और इसके पीछे के कुछ कारणों के बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।
कई बार पीरियड्स नियमित होने के बावजूद ओव्यूलेशन कमजोर या अनियमित हो सकता है। कुछ मामलों में अंडा तो रिलीज होता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता सही नहीं होती, जिससे फर्टिलाइजेशन नहीं हो पाता। सरल शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी स्थिति हो सकती है, जिसमें पीरियड्स् तो समय पर आते हैं, लेकिन महिलाएं कंसीव नहीं कर पाती हैं।
जब किसी महिला को हार्मोन इंबैलेंस होता है, तो उसके पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं, लेकिन जरूरी नहीं है कि हर बार ऐसा ही हो। क्योंकि थायरॉइड, प्रोलैक्टिन या इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं जिनमें हार्मोन इंबैलेंस तो रहता है, लेकिन फिर पीरियड्स सही समय पर देखे जा सकते हैं। लेकिन हार्मोन इंबैलेंस के कारण प्रेगनेंसी में दिक्कत आने लगती है। इसमें आमतौर पर निम्न समस्याएं देखी जा सकती हैं -
हाइपोथायरॉइडिज्म - गर्भधारण करने के लिए और गर्भावस्था में स्वस्थ रहने के लिए थायराइड हार्मोन का पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी होता है। लेकिन हाइपोथायरॉइडिज्म में थायराइड हार्मोन कम हो जाता है, जिससे ये रिस्क बढ़ जाते हैं।
हाई प्रोलैक्टिन - शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन का लेवल ज्यादा होने की कंडीशन को हाइपोप्रोलैक्टिनेमिया (Hyperprolactinemia) कहा जाता है, इसमें आमतौर पर ओव्यूलेशन प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है और इसके कारण गर्भधारण करने में दिक्कत आने लगती है।
पीसीओएस - पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में महिला की प्रक्रिया प्रक्रिया काफी प्रभावित हो जाती है, हार्मोन इंबैलेंस रहने लगते हैं और इस कारण से ओव्यूलेशन प्रक्रिया अनियमित हो जाती है। इसके कारण कंसीव करने में दिक्कत आती है और अगर कंसीव हो जाए तो गर्भावस्था से जुड़ी कई जटिलताएं होने लगती हैं।
फैलोपियन ट्यूब्स में ब्लॉकेज - जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया कि किसी भी महिला के शरीर में उसकी प्रजनन प्रणाली के लिए फैलोपियन ट्यूब का सही होना बेहद जरूरी होता है। अगर फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज है, तो ऐसे में देखा जाता है कि पीरियड्स तो सामान्य रूप से आते रहते हैं लेकिन गर्भधारण करने में दिक्कत आने लगती है।
ऊपर जिन भी स्थितियों के बारे में आपको बताया गया है, उनमें कई बार पीरियड्स भी प्रभावित हो जाते हैं और कई बार ऐसा होता है कि इनमें से कोई समस्या हो लेकिन पीरियड्स भी भी ठीक आ रहे हैं। लेकिन गर्भधारण करने में दिक्कत आने लगती है। यही कारण है कि महिलाओं को कई बार ऐसी स्थितियों में कन्फ्यूजन रहने लगती है।
प्रेगनेंसी को प्रभावित करे में इन्फेक्शन का भी एक बड़ा रोल हो सकता है और इसके कारण कई बार पीरियड्स प्रभावित नहीं हो पाते हैं। उदाहरण के तौर पर समझें तो इन्फेक्शन अगर शरीर के किसी भी हिस्से में विकसित हो जाता है, तो शरीर के उसी हिस्से ही कार्य प्रक्रिया प्रभावि हो जाती है और इसी तरह का प्रभाव प्रजनन प्रक्रिया पर पड़ता है। कुछ प्रकार के इन्फेक्शन हैं, जो कंसीव करने में दिक्कतें पैदा कर सकते हैं -
बच्चेदानी से जुड़ी ऐसी कई अलग-अलग समस्याएं हो सकती हैं, जिनके कारण महिलाएं कंसीव नहीं कर पा रही होती हैं लेकिन उनके पीरियड्स सामान्य रूप से आ रहे होते हैं। साथ ही यह भी देखा गया है कि कई बार गर्भ ठहरता तो है, लेकिन टिक नहीं पाता या ठहर ही नहीं पाता। इस स्थिति के भी कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिनके बारे में आप नीचे जानेंगे -
यह महिलाओं में होने वाली एक बेहद गंभीर और दर्दनाक समस्या होती है, यह एक क्रोनिक कंडीशन है और इसका कोई इलाज नहीं है। इसमें बच्चेदानी की अंदर की परत के टिश्यू बाहर की तरफ की तरफ ग्रोथ करने लगते हैं। हालांकि, दवाओं की मदद से इस कंडीशन को मैनेज किया जा सकता है। ऐसा संभव है कि जिन महिलाओं एंडोमेट्रियोसिस हो उन्हें पीरियड्स भी सामान्य आ रहे हों, लेकिन इससे अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी देखी जा सकती हैं जैसे -
फर्टिलिटी या गर्भधारण करने के लिए किसी भी महिला या पुरुष के लिए एज फैक्टर भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसी महिला की उम्र के साथ-साथ उसके अंडों की संख्या व उनकी गुणवत्ता दोनों ही कम होने लगती हैं। 30 के बाद और खासकर 35 के बाद यह असर तेजी से दिखने लगता है। पीरियड्स नियमित रहते हैं, लेकिन अंडे कमजोर हो सकते हैं।
अगर किसी महिला को सही समय पर सही पीरियड्स आ रहे हैं और उसे मासिक धर्म से जुड़ी किसी भी तरह को कोई समस्या महसूस नहीं हो पा रही है, लेकिन गर्भधारण नहीं हो पा रहा है, तो यह भी हो सकता है कि पुरुष में कोई दिक्कत हो। इनफर्टिलिटी के मामले पुरुषों में भी काफी ज्यादा पाए जाते हैं और एक रिसर्च के मुताबिक लगभग 40% मामलों में गर्भधारण न होने का कारण पुरुष से जुड़ा होता है। गर्भधारण का कारण बनने वाली पुरुषों में होने वाली समस्याएं अक्सर निम्न हो सकती हैं -
कई बार यह हो सकता है कि महिला या पुरुष दोनों का स्वास्थ्य ठीक हो लेकिन फिर भी गर्भधारण नहीं हो पा रहा है, तो इसके पीछे आमतौर पर कई अलग-अलग कारण भी हो सकते है। दरअसल, बहुत से कपल्स को ओव्यूलेशन विंडो की सही जानकारी नहीं होती। प्रेग्नेंसी के लिए सही दिन पर कंसीव करने की कोशिश करना जरूरी होता है, ओव्यूलेशन के आसपास 3–4 दिन सबसे अहम होते हैं। सही समय न होने पर गर्भधारण नहीं हो पाता।”
मानसिक तनाव प्रेगनेंसी के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक होता है और खासतौर पर अगर कोई महिला इस बात का भी स्ट्रेस ले रही है कि उसे कंसीव नहीं हो रहा है, तो स्थिति और ज्यादा गंभीर होती जाती है। दिमाग और शरीर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। सकारात्मक सोच और सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। प्रभावित करती हैं। लेकिन कई बार इससे पीरियड्स पर असर नहीं होता है और रेगुलर पीरियड्स चलते रहते हैं।
हमारे स्वास्थ्य को हर जगह से प्रभावित करने वाली अगर कोई चीज है, तो वह हमारी खराब लाइफस्टाइल ही है। क्योंकि जब जीवनशैली खराब होती है, तो शारीरिक और मानसिक तनाव बढ़ता है और साथ ही अन्य सभी कार्य प्रक्रियाएं भी धीरे-धीरे काम करना शुरु कर देती हैं। खराब जीवनशैली के कुछ उदाहरण हैं, जिनके बारे में आप इस लेख में जानेंगे -
अगर कोई दो या या तीन महिने से ही कंसीव करने की कोशिश कर रही है, जबकि उसके पीरियड्स सही समय पर आ रहे हैं तो उसे लगता है कि उसके अंदर सब कुछ सही है शायद किस्मत के कारण गर्भधारण नहीं हो पा रहा है। जबकि ऐसा नहीं है, जैसा का आप भी जान चुके होंगे की सही समय पर पीरियड्स आना इस बात की गारंटी नहीं है कि आपकी प्रजनन क्षमता ठीक है और आप गर्भधारण कर सकती हैं।
“अगर आपके पीरियड्स नियमित हैं और फिर भी प्रेग्नेंसी नहीं ठहर रही, तो खुद को दोष न दें। यह एक मेडिकल स्थिति हो सकती है, जिसका समाधान संभव है। समय पर सही जांच और इलाज से ज्यादातर महिलाएं मां बन सकती हैं। धैर्य रखें, जानकारी बढ़ाएं और विशेषज्ञ से सलाह लें।”
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।