
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 19, 2025 2:44 PM IST
गर्भधारण की कोशिश कर रहे कपल्स में फर्टिलिटी पॉवर की कमी एक बड़ी समस्या हो सकती है। जहां किसी व्यक्ति की प्रजनन क्षमता या फर्टिलिटी पॉवर कम होने के पीछे कई तरह के कारण हो सकते हैं। लो-फर्टिलिटी का एक ऐसा ही कारण हैं शरीर का अधिक वजन जिसकी तरफ लोगों का ध्यान जल्दी नहीं जाता या लोग जिसे नजरअंदाज कर जाते हैं। डॉ. विद्या भट्ट (Dr. Vidya V Bhat, Medical Director, RadhaKrishna Multispeciality Hospital, Bengaluru) के अनुसार, हेल्दी वेट मेंटेन ना करने की वजह से लोगों की फर्टिलिटी कम हो सकती है। एक डॉक्टर के तौर पर मेरा यह अनुभव रहा है कि लोगों के शरीर का वजन अगर अधिक हो तो इससे भी फर्टिलिटी में समस्या आ सकती है तो वहीं, शरीर के कम वजन के कारण भी भी कंसीव करने की कोशिशों में अड़चन आ सकती है।
हमारा शरीर हार्मोन्स के स्तर को संतुलित करने और प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए लगातार मेहनत करता है। जब शरीर का वजन हेल्दी लेवल पर मेंटेन किया जाता है तो इससे हार्मोन्स का स्तर भी संतुलित रहता है। लेकिन, शरीर का वजन अगर बहुत कम या बहुत ज्यादा हो तो इससे हार्मोन्स के स्तर में भी बदलाव आ सकते हैं। विशेषकर महिलाओं को इससे हार्मोनल इम्बैलेंस की समस्या (Hormonal Imbalance), अनियमित पीरियड्स (menstrual cycles in women), ओव्युलेशन से जुड़ी समस्याएं (irregular ovulation) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, पुरुषों में अनहेल्दी की वजह से पुरुषों में लो स्पर्म काउंट (lower sperm quality in men) की समस्या हो सकती है।
डॉक्टर भट्ट के अनुसार शरीर का अतिरिक्त वजन हार्मोनल इम्बैलेंस (hormonal imbalances) की वजह बन सकता है। इससे इंसुलिन बढ़ने (increase in insulin )और एस्ट्रोजेन का लेवल बढ़ सकता है और इसके चलते इस तरह की समस्याएं हो सकती हैं-
शरीर में इंसुलिन का स्तर अधिक होने से ओव्युलेशन की प्रक्रिया पर इसका असर पड़ सकता है। मोटापे के कारण पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome) की समस्या भी हो सकती है जो इन दिनों इंफर्टिलिटी का एक बड़ा कारण है।
शरीर में जमा फैट की वजह से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है जिससे एग सेल्स को डैमेज पहुंचता है। इससे एग क्वालिटी कम हो जाती है और फर्टिलिटी कम हो सकती है।
मोटापे की वजह से गर्भपात या मिसकैरेज का भी खतरा बढ़ता है। आईवीएफ जैसे मेथड्स में प्रेगनेंसी सफल होने के चांस भी मोटापे की वजह से कम हो सकते हैं।
मोटापे की तरह ही शरीर का कम वजन भी फर्टिलिटी पॉवर कम करता है और आपको गर्भधारण में दिक्कत आ सकती है। शरीर का वजन कम होने से इस तरह की परेशानियां आ सकती हैं -
वेट लॉस हो या वेट गेन, दोनों के लिए सही तरीके की वर्कआउट पता करें। अपने ट्रेनर और डॉक्टर की सलाह के अनुसार एक्सरसाइज करें।
अपने शरीर की जरूरत को समझते हुए एक हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट प्लान बनाएं और अपनी डाइट में उन फूड्स को शामिल करें जो वजन को संतुलित रखने में मदद करें।
मानसिक तनाव का सीधा असर आपकी फिजिकल हेल्थ और फर्टिलिटी पर पड़ता है। तनाव में रहने वाले लोगों की फर्टिलिटी कम हो सकती है। ऐसे में तनाव को कंट्रोल करने के लिए सही उपाय अपनाएं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।