
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
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Myths And Facts Related To Contraception: कॉन्ट्रासेप्शन (Contraception प्रेगनेंसी या गर्भधारण को रोकने का एक तरीका है। यह दवाओं, उपकरणों, सर्जरी जैसे तरीकों से किया जाता है। कॉन्ट्रासेप्टिव दवाएं (birth control pills) या बर्थ कंट्रोल पिल्स में एस्ट्रोजेन (estrogen) या प्रोजेस्टोजेन (progestogen) में या केवल प्रोजेस्टोजेन हार्मोन्स होते हैं जो गर्भधारण को रोकने का काम करते हैं। ये सेफ और उचित दामों पर उपलब्ध दवाइयां होती हैं। वहीं, दूसरी तरह गर्भनिरोधक के बारे में कई तरह की गलत जानकारियां और मिथक (various myths linked to contraception) भी हैं जो महिलाओं में कन्फ्यूजन का कारण बन सकते हैं।
डॉ. श्रुति उग्रन ( Dr. Shruti Ugran, Consultant -Gynaecologist, Gyn Endoscopist and Minimal invasive gynecologist (MIG), Motherhood Hospitals, Kharghar.) कहती हैं कि यह बहुत जरूरी है कि प्रजनन वाली उम्र में महिलाओं और पुरुषों को कॉन्ट्रासेप्शन के सभी तरीकों के बारे में सही जानकारी हो, ताकि वे सही निर्णय ले सकें।
डॉ. श्रुति कहती हैं कि, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि गर्भनिरोधक गोलियां खाने से वजन बढ़ता है क्योंकि अब तक किसी भी रिसर्च में इस बात की पुष्टि नहीं की गयी है। इसीलिए, महिलाओं को इस बात से परेशान नहीं होना चाहिए या घबराना नहीं चाहिए कि अगर वे कॉन्ट्रासेप्टिव्स खा रही हैं तो उनका मोटापा बढ़ जाएगा। किसी भी तरह की कॉन्ट्रासेप्टिव दवाएं खाने से पहले अपने डॉक्टर से अच्छी तरह सलाह-मशविरा लें और उसके बाद ही इन दवाओं का सेवन करें।
अभी तक ऐसी कोई रिसर्च या स्टडी सामने नहीं आयी जिसमें कॉन्ट्रासेप्टिव्स और इंफर्टिलिटी के बीच कोई संबंध (connection between contraception and infertility) पाया गया हो। बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करने सेआपकी प्रजनन क्षमता या फर्टिलिटी किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होगी। वहीं, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से कुछ और फायदे भी हो सकते हैं जैसे-
डॉ. श्रुति सलाह देती हैं कि किसी भी तरह की बातों पर विश्वास करने की बजाय आप अपने डॉक्टर से खुलकर चर्चा करें और सही जानकारी इकट्ठा करें।
डॉ. श्रुति उग्रम के मुताबिक एंटीबायोटिक्स दवाइयां बर्थ कंट्रोल पिल्स के प्रभाव को बिल्कुल कम नहीं करतीं और दोनों ही दवाइयों का असर पूरी तरह से होता है।
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