प्रेगनेंसी में देसी घी खाने से होता है बच्चे का सही विकास, जानें घी खाने के अन्य फायदे

ऐसा कहा जाता है कि, घी खाने से बच्चे का जन्म यानि डिलिवरी से जुड़ी परेशानियां नहीं होतीं। लेकिन, क्‍या आप यह सच है कि प्रेगनेंसी या लेबर में घी के सेवन से कोई अंतर आता है। क्या प्रेगनेंसी में घी खाना चाहिए, क्या हैं प्रेगनेंसी में घी खाने के फायदे और नुकसान। आइए समझने की कोशिश करते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 1, 2020 1:19 AM IST

Ghee and Pregnancy:  प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को डायट का खास ख्याल रखना पड़ता है। ऐसे में हेल्दी और ऐसी चीज़ें खाने की सलाह दी जाती है। जो, बच्चे और मां दोनों की सेहत के लिए अच्छी हो। ऐसा ही एक फूड है देसी घी। गर्भावस्था में घी खाने की सलाह सभी महिलाओं की दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि, घी खाने से बच्चे का जन्म यानि डिलिवरी से जुड़ी परेशानियां नहीं होतीं। लेकिन, क्‍या आप यह सच है कि प्रेगनेंसी या लेबर में घी के सेवन से कोई अंतर आता है। क्या प्रेगनेंसी में घी खाना चाहिए, क्या हैं प्रेगनेंसी में घी खाने के फायदे और नुकसान। आइए समझने की कोशिश करते हैं। (Ghee and Pregnancy in hindi)

क्या गर्भावस्था में घी खाना चाहिए?

एक्सपर्ट्स के अनुसार हर प्रेगनेंट महिला को प्रेगनेंसी में ज़रूरी मात्रा में घी का सेवन करना चाहिए। जैसा कि घी बाकी डेयरी प्रॉडक्ट्स की तुलना में आसानी से पच जाता है। इसीलिए, प्रेगनेंसी में घी खाने के लिए सुरक्षित और हेल्दी फूड ऑप्शन है। घी खाने से मेटाबोलिज्‍म भी बढ़ता है। इसीलिए, प्रेगनेंसी में वेट मैनेजमेंट के लिए भी घी का सेवन सहायक और फायदेमंद माना जाता है। लेकिन, ​प्रेगनेंसी में घी खाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप दैनिक आधार पर 2-3 चम्‍मच घी खा रही हैं। इससे अधिक घी खाने से बचें।

क्या आप जानते हैं प्रेगनेंसी में घी खाने के फायदे?

एनर्जी मिलती है

कमज़ोरी और सुस्ती दूर कर घी गर्भवती महिलाओं को एनर्जी देता है। इससे, आपको कम थकान होती है। साथ ही घी के सेवन से मूड बूस्ट होता है। घी से बच्चे और गर्भवती महिला के शरीर का पोषण होता है।

​बेहतर डायजेशन

जैसा कि प्रेगनेंसी में इनडायजेशन और एसिडिटी होना आम बात है। जैसे-जैसे प्रेगनेंसी आगे बढ़ती है और भ्रूण का आकार बढ़ता । उसके साथ ही  गर्भाशय के आकार में भी बदलाव आता है। इन बदलावों से आंतों पर प्रेशर बढ़ने लगता है। जिससे, एसिड जूसेस का निर्माण होने लगता है और ये ऊपर की तरफ आने लगते हैं। ऐसे में अगर आप अपनी डायट में घी को भी शामिल करेंगी। तो, आपका डायजेस्टिव सिस्टम बेहतर तरीके से काम करेगा। साथ ही आंतों में एसिड लेवल कंट्रोल करने में भी मदद होती है।

बच्चे का सही विकास

विभिन्न स्टडीज़ में ऐसा साबित हुआ है कि , घी पेट मे पल रहे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करता है।  खासकर, प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे ट्राईमेस्टर्स में महिलाओं को रोज 300 अतिरिक्‍त कैलोरी की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में  घी के सेवन से यह अतिरिक्‍त कैलोरी की ज़रूरत पूरी की जा सकती है।

स्ट्रेस होता है कम

तनाव प्रेगनेंसी में एक बहुत ही कॉमन स्थिति है।  हार्मोन्स लेवल में असंतुलन, शरीर में होनेवाले विभिन्न बदलाव, मेटाबॉलिक रेट में बदलाव और लेबर पेन को लेकर डर और चिंता जैसी स्थितियों में महिलाओं को बहुत अधिक तनाव महसूस होता है। ऐसे में भोजन में घी शामिल करें। इससे, आपको तनाव से राहत मिलेगी।

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