
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : November 19, 2020 6:31 PM IST
प्रेग्नेंसी यानि कि गर्भावस्था में पेट में दर्द होना सामान्य बात है। महिलाओं को प्रेग्नेंसी में पेट दर्द की समस्या शुरुआत से लेकर लास्ट तक होती रहती है। लेकिन जब यह बार बार हो तो इसका मतलब है कि आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है। एक्सपर्ट और डॉक्टर्स कहते हैं कि जब महिलाओं को पेट दर्द के साथ उल्टी, बुखार, ठंड लगना और योनि से असामान्य रक्तस्राव होने लगे तो समझ जाना चाहिए कि स्थिति गंभीर है। साथ ही राउंड लिगामेंट दर्द अधिकतम कुछ मिनट के लिए ही होता है, ऐसे में यदि पेट में दर्द लगातार है तो मामला गंभीर है। इसके अलावा अगर पेटदर्द से चलना बोलना या सांस लेना भी मुश्किल हो जाए तो इसे गम्भीरता से लिया जाना चाहिए। आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी में क्यों होता है इस तरह से पेट में दर्द-
अगर आपको प्रेग्नेंसी के दौरान बार बार पेट में दर्द हो रहा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसका एक कारण पेट में पथरी भी हो सकता है। अतिरिक्त एस्ट्रोजन के कारण गर्भावस्था के दौरान पित्ताशय की पथरी एक आम समस्या है।
मूत्र मार्ग में संक्रमण भी पेट दर्द का कारण हो सकता है। यूटीआई मूत्रमार्ग, मूत्राशय और यहां तक कि गुर्दे में संक्रमण की ओर ले जाता है। इस स्थिति के साथ आने वाले लक्षणों में जननांग क्षेत्र में जलन, पेशाब करने की इच्छा, पेशाब के दौरान जलन और पीठ में दर्द शामिल हो सकते हैं। अध्ययनों के अनुसार, क्रैनबेरी के नियमित सेवन से यूटीआई को रोका जा सकता है।
प्रेग्नेंसी में बार बार पेट में दर्द होने का एक कारण गर्भपात भी हो सकता है। गर्भपात के मामलों में पेट दर्द की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर 5-20 मिनट में संकुचन, पीठ दर्द, ऐंठन के साथ या बिना रक्तस्राव, रक्तस्राव या योनि में हल्की या तेज ऐंठन, गर्भावस्था के अन्य लक्षणों में अप्रत्याशित रूप से कमी आदि गर्भपात के प्रमुख संकेत है।
गर्भावस्था के दौरान पेट में दर्द होने का एक कारण अपेंडिक्स भी हो सकता है। अपेंडिक्स के संक्रमण से गर्भावस्था में सर्जरी की स्थितियां बन जाती हैं। यह शरीर में होने वाले शारीरिक परिवर्तनों के कारण होता है। डॉक्टर्स कहते हैं कि पहली और दूसरी तिमाही में निदान करना आसान है। निचले हिस्से में दर्द, उल्टी और भूख की कमी जैसे लक्षण हैं।