प्रेगनेंसी में फूड प्‍वॉइजनिंग है खतरनाक हो सकता है गर्भपात, जाने बचने के उपाय

प्रेगनेंसी में फूड प्वॉइजनिंग का खतरा इसलिए भी ज्यादा होता है क्योंकि मेटाबॉलिज्म और सर्कुलेशन में बदलाव होता है जिससे शरीर में कई बदलाव होते रहते हैं।

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Written By: akhilesh dwivedi | Published : October 12, 2018 6:15 PM IST

प्रेगनेंसी में डायट का विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। अगर खान-पान में लापरवाही हुयी तो प्रेगनेंसी में फूड प्वॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु तक पोषण खान-पान से ही पहुंचता है। किसी प्रकार का खराब खान-पान भी बच्चें तक असर पहुंचता है। अगर खान-पान से फूड प्वॉइजनिंग होती है तो गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रेगनेंसी में फूड प्वॉइजनिंग का खतरा इसलिए भी ज्यादा होता है क्योंकि मेटाबॉलिज्म और सर्कुलेशन में बदलाव होता है जिससे शरीर में कई बदलाव होते रहते हैं। फूड प्वॉइजनिंग का सही समय पर उचित इलाज न मिलने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में और बचने के उपायों के बारे में।

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कैसे होती है फूड प्‍वॉइजन‍िंग?

फूड प्वॉइजनिंग तब होती है, जब कोई दूषित या खराब खाना खाने से या पेय पदार्थ पीने से बीमार हो जाते हैं। प्वाइजनिंग दो तरीके से होता है। एक विषैले एंजेंट के माध्यम से और एक संक्रमण एंजेंट के माध्यम से। ऐसा तब होता है जब भोजन में फूड बैक्टरिया या अन्य सूक्ष्म जीव होते हैं। ऐसे भोजन करने के बाद यह शरीर में संक्रमण फैला देते हैं। किसी भी फूड से नशा होने का मतलब भोजन का विषाक्त होना है। इसमें बैक्टीरियल उत्पादित एक्सोटॉक्सिन्स शामिल होते हैं।

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प्रेगनेंसी में फूड प्‍वाइजनिंग के लक्षण

फूड प्‍वाइजनिंग सामान्‍यता पेट और आंतों को सबसे ज्‍यादा प्रभावित करती है। ये अक्‍सर पेट दर्द, बुखार और बदन दर्द के साथ उभरकर सामने आता है। आइए जानते है इसके सामान्‍य लक्षण - डायरिया - उल्‍टी - पेट में मरोड़े आना। इसके अलावा आपकी इम्‍यून सिस्‍टम पर ये चीज निर्भर करती है कि वो इन विषाक्‍त विषाणुओं के खिलाफ कैसे लड़ता है। कुछ मामलों में, ये लक्षण हो सकता है आपका हल्‍के या मामूली से लगे लेकिन ये आपको अपने अजन्मे बच्चे को जोखिम में डाल सकते हैं।

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क्या रखें सावधानी 

  • कच्‍चे मांस, मछली और अंडे को खाने से बचें।
  • सी फूड न ही खाएं - जूस और साइडर के सेवन सेबचें।
  • सब्जियों का सेवन करने से पहले उन्‍हें साफ और अच्‍छे पानी से धोएं।
  • खाना बनने के बाद फ्रेश और गर्म खाना खाएं। -
  • डेमेज पैकिंग फूड खाने से बचें।
  • एक्‍सपायरी और ज्‍यादा पुराने प्रॉडक्‍ट को खरीदने से बचें।
  • खाने बनाने और खाते समय हाथ धोना न भूलें।
  • बचे हुए खाने को एक बार गर्म करके खाएं
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