शादी के कई साल बाद भी नहीं कर पा रही हैं कंसीव? आयुर्वेद की मदद से महिलाएं इस तरह बढ़ाएं फर्टिलिटी

लो फर्टिलिटी पॉवर और लो एग क्वालिटी जैसे कारणों से गर्भधारण में दिक्कतें आ सकती हैं। ऐसे में फर्टिलिटी पॉवर बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में कुछ उपाय बताए गए हैं, आइए जानते हैं।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 15, 2025 4:19 PM IST

How to boost fertility with Ayurveda- महिलाओं की उम्र बढ़ने के साथ ही उनकी प्रजनन क्षमता या फर्टिलिटी कम होने लगती है। 35 की उम्र के बाद एग क्वालिटी और प्रजनन क्षमता में बहुत तेजी से गिरावट आती है। अगर आप लम्बे समय तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पा रही हैं और उम्र आपकी उम्र 35-40 से अधिक है तो हो सकता है कि इसकी वजह आपकी लो फर्टिलिटी और लो एग क्वालिटी ही हो।से में अंडे की गुणवत्ता में सुधार करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ज्यादातर महिलाएं आईवीएफ या डोनर एग का सहारा लेती हैं। लेकिन, प्राकृतिक तरीके से अंडे की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा कहती हैं कि महिलाओं को हारने या उदास होने की जरुरत नहीं है।  आयुर्वेदिक तरीके से महिलाओं के एग्ज की क्वालिटी में सुधार हो सकता है। जिससे, नेचुरली कंसीव कर पाने में भी मदद होगी। वहीं, जो महिलाएं आईवीएफ कराना चाहती हैं उन्हें भी तैयारी में यह मददगार साबित होगा।

महिलाओं की फर्टिलिटी पॉवर बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय- Natural ways to boost fertility power.

संतुलित आहार लें

अंडे की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आपको अपने खान पान का विशेष ध्यान रखना होगा क्यूंकि इसके लिए आपको अपनी डाइट में सभी पोषक तत्वों को समान रूप से शामिल करना होगा। आपको अपनी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन ए (Vitamin A), आदि की मात्रा भरपूर रखनी होगी। डाइट अच्छी होने से हॉर्मोन्स भी संतुलित होंगे और आपकी प्रजनन क्षमता भी बढ़ेगी।

वजन नियंत्रित रखें

वजन ज्यादा होने से हॉर्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है और प्रजनन क्षमता भी कम हो जाती है इसलिए कोशिश करें कि आपका वजन हमेशा नियंत्रित रहे। अगर आप अण्डों की गुणवत्ता में सुधार चाहते हैं तो नियमित व्यायाम करें। इससे वजन भी नियंत्रित रहेगा और हार्मोनल संतुलन भी बना रहेगा जिससे गर्भधारण में समस्या नहीं होगी।

स्ट्रेस कंट्रोल करें

आप जितना ज्यादा स्ट्रेस लेंगे आपके शरीर में कोर्टिसोल का स्तर उतना ही बढ़ जायेगा जिससे हॉर्मोनल संतुलन ख़राब होता है और प्रजनन क्षमता पर नाकारात्मक असर पड़ता है। अण्डों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आप नियमित योग, ध्यान या मेडिटेशन कर सकते हैं। इससे तनाव कम होता है और फोकस बढ़ता है।

पर्याप्त नींद लें

एग्ज  की गुणवत्ता अच्छी होने के लिए आपके शरीर में मेलाटोनिन हॉर्मोन का संतुलन जरुरी है जो अच्छी नींद से उत्पन्न होता है। इसलिए स्वस्थ रहने और  स्वस्थ बच्चे को कन्सीव करने के लिए आप रोजाना  कम से कम 7 घंटों की नियमित नींद लें। रात को समय से सो जाएं और सुबह 6 बजे तक जग जाएं।

स्मोकिंग और ड्रिंकिंग से परहेज करें

स्मोकिंग करने से भी प्रेगनेंसी का चांस कम होगा। क्योंकि स्मोकिंग की आदत फर्टिलिटी की गुणवत्ता तो ख़राब होती ही है साथ ही ओवेरियन रिज़र्व भी कम होने लगता है इसलिए महिलाओं को शराब, सिगरेट जैसी नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे हार्मोनल संतुलन पर भी असर होता है जिससे एग्ज की गुणवत्ता ख़राब होती है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source