
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 25, 2025 1:27 PM IST
Medically Verified By: Dr. Vidya V Bhat
Surge In Interest in Egg Freezing Among Women in India: एग फ्रीजिंग भारत में अभी भी एक नया कॉन्सेप्ट है, लेकिन, यह तेजी से पॉप्युलर हो रहा है। खासकर देश की मेट्रो सिटीज जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरू और हैदराबाद में महिलाओं में एग फ्रीजिंग को अपनाने का चलन बढ़ रहा है। बढ़ती उम्र और करियर बनाने की भागदौड़ के बीच महिलाएं एग फ्रीजिंग की मदद से मातृत्व से जुड़े फैसले ले रही हैं। इस तरह वे बायोलॉजिकल क्लॉक (Biological clock) में आनेवाले बदलावों के बीच खुद की फर्टिलिटी और प्रेगनेंसी से जुड़ी प्लानिंग बेहतर तरीके से कर पाती हैं। बेंगलुरू के राधाकृष्णा मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल और आईवीएफ सेंटर की मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. विद्या भट्ट (Dr. Vidya V Bhat, Medical Director, Radhakrishna Multispeciality Hospital & IVF Center in Bengaluru) के अनुसार, महिलाओं का बायोलॉजिकल क्लॉक फर्टिलिटी और गर्भधारण से जुड़ा एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। जैसा कि बढ़ती उम्र के साथ ही महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम होने लगती (Age of women and fertility ) है और गर्भधारण की संभावना भी कम होने लगती है। ऐसे में महिलाएं एग फ्रीजिंग को एक बड़ी मदद के तौर पर देखती हैं।
एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया में महिलाओं के एग्ज को स्टोर करके रखा जाता है। वर्टिफिकेशन (vitrification, ) नामक एक प्रक्रिया की मदद से महिलाओं के प्रजनन अंडों को सुरक्षित रखा जाता है। इन एग्ज का इस्तेमाल भविष्य में महिलाएं प्रजनन के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। एग फ्रीजिंग मेथड से महिलाएं कम उम्र में अपनी फर्टिलिटी को सुरक्षित रखते हुए मां बनने के फैसले देर से ले सकती हैं।
डॉ. विद्या भट्ट ने बताया कि, “बीते 5 वर्षों में हमने एग फ्रीजिंग चुनने वाली महिलाओं की संख्या में 20-25% बढ़ोतरी देखी है। वहीं, धीरे-धीरे एग फ्रीजिंग से जुड़ी पूछताछ और कंसल्टेशन करने वाली महिलाओं की संख्या भी दोगुनी हो चुकी है।
एग फ्रीजिंग करानेवाली महिलाएं अपनी पसंद से यह मेथड चुन रही हैं। महिलाओं में एग फ्रीजिंग अपनाने के पीछे सबसे बड़ी वजह यही है कि वे अपने करियर पर फोकस करना चाहती है और जल्दबाजी में शादी नहीं करना चाहती। ”
डॉक्टर के अनुसार “ हम महिलाओं को आमतौर पर 20-35 वर्ष की उम्र में ही एग फ्रीजिंग कराने (egg freezing in their late 20s to early 30s) की सलाह देते हैं। क्योंकि, इस उम्र में एग्ज की क्वालिटी बेहतर होती है और फर्टिलिटी भी बेहतर होती है। हालांकि, 35 साल पहले ही एक फ्रीजिंग करा लेने से (Freezing eggs before 35 gives the highest chance of successful pregnancy later) 35 के बाद में प्रेगनेंसी के चांसबहुत अधिक होते हैं।
35 की उम्र के बाद एग्ज की क्वालिटी में लगातार गिरावट आने लगती है। इस उम्र में भी एग फ्रीजिंग करायी जा सकती है। लेकिन, परिणाम बेहतर नहीं मिल पाते। क्योंकि, इस उम्र में जमा किए गए सभी अंडों के फर्टिलाइजेशन और इम्प्लांटेशन की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है। भले ही टेक्नोलॉजी में तेजी से सुधार हुआ है लेकिन, इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है देर से फ्रीज किए गए एग्ज की मदद से प्रेगनेंसी हो पाएगी।”
उन्होंने आगे बताया कि,“अगर एग्ज को 35 साल की उम्र से पहले फ्रीज किया जाता है तो प्रेगनेंसी का चांस 40-60% तक बढ़ सकता (the chance of achieving a live birth later with egg freezing) है। भारत के प्रमुख आईवीएफ सेंटर्स द्वारा इन एग्ज के सर्वाइवल का रेट 90% से अधिक भी बताया गया है। हालांकि, हो सकता है कि 35 से पहले एग फ्रीजिंग कराने के बाद भी पहली बार में ही प्रेगनेंसी संभव ना हो। आपको एक बार से अधिक कोशिश करनी पड़ सकती है। इसीलिए, खुद को मेंटली तैयार रखें।”
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार महिलाओं को 20 साल से 35 साल की उम्र तक एग फ्रीजिंग करानी चाहिए क्योंकि, इस उम्र में एग्ज क्वालिटी सबसे अच्छी होती है।
जी हां, बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, ईशा गुप्ता, ऋचा चड्ढा और मोना सिंह ने एग फ्रीजिंग कराने की बात स्वीकार की है।