पुरुषों में कम फर्टिलिटी से आईवीएफ हो सकता है फेल, डॉक्टर ने बताया कैसे पुरुषों की फर्टिलिटी बनाती है IVF को सक्सेसफुल

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि अगर किसी महिला की फर्टिलिटी पॉवर कम या अच्छी है तो आईवीएफ सक्सेसफुल होगा। लेकिन, पुरुषों की फर्टिलिटी भी आईवीएफ टेक्निक से कंसीव करने के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 25, 2025 8:48 PM IST

नेचुरली गर्भधारण ना कर पाने वाले कपल्स अक्सर आईवीएफ जैसे मेथड्स की मदद से माता-पिता बनने का सुख पाने की कोशिश करते रहे हैं। इनमें से कई कपल्स का सपना पूरा भी हुआ है। आईवीएफ की बात आती है तो हमेशा से महिलाओं की फर्टिलिटी पर ही फोकस किया जाता है। लेकिन, आईवीएफ टेक्निक के सफल होने में पुरुषों या पिता की फर्टिलिटी पॉवर भी महत्वपूर्ण है। लेकिन, सच तो यह है कि पुरुषों की प्रजनन क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

फर्टिलिटी एक्सपर्ट और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. विद्या भट्ट (Dr. Vidya V Bhat, Medical Director of Radhakrishna Multispeciality Hospital in Bengaluru) कहती हैं कि दुनियाभर में हर 6 में से 1 कपल को इंफर्टिलिटी से जुड़ी समस्या है। इसमें से आधे केसेस ऐसे हैं जहां मेल पार्टनर की फर्टिलिटी या पिता बनने की कोशिश कर रहे पुरुष की प्रजनन क्षमता कमजोर है। लेकिन, सामाजिक कारणों और परपंराओं के कारण हमेशा से और अभी भी केवल महिलाओं की फर्टिलिटी पर ही अधिक बात होती रही है। आईवीएफ मेथड्स (IVF process) में भी पुरुषों के शारीरिक स्वास्थ्, लाइफस्टाइल और भावनात्मक लगाव जैसे पहलुओं पर ना तो ध्यान दिया जाता है और ना ही इसकी भूमिका पर बात की जाती है। लेकिन, आईवीएफ के सफल होने में पुरुषों के स्वास्थ्य और फर्टिलिटी की भूमिका पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।

ऐसा देखा गया है कि आईवीएफ शुरू करने से पहले बातचीत और कंसल्टेशन में पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी स्थितियों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जाता है। कई मामलों में इसका प्रभाव बहुत व्यापक और गम्भीर होता है। लेकिन, लोगों को इस विषय में अधिक जानकारी ही नहीं है।

पुरुषों की फर्टिलिटी को कम करने वाले कारण

डॉ. विद्या कहती हैं कि, इन सब कारणों के अलावा गर्मी और लैपटॉप जैसे गैजेट्स से निकलने वाली हीट के सम्पर्क में आने से भी पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है। वहीं, कुछ जिम हाउसेस में इस्तेमाल होने वाले सप्लीमेंट्स पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है कि ये सप्लीमेंट्स फर्टिलिटी पॉवर पर किस तरह असर डालती हैं।

पुरुषों में फर्टिलिटी से जुड़ी इन प्रॉब्लम्स को ना करें नजरअंदाज

आईवीएफ के दौरान महिलाएं फिजिकल टेस्ट और अलग-अलग तरह के इंवेसिव प्रोसीजर से गुजरती हैं। महिलाओं के लिए हार्मोन इंजेक्शन और एग रिट्रिवल जैसी प्रक्रियाएं हैं। वहीं, इन सबकी शुरूआत पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी (quality of sperm) के साथ होती है। अगर पुरुषों में लो स्पर्म काउंट (low count), लो स्पर्म मोटिलिटी ( poor motility) या डीएन (DNA fragmentation) से जुड़ी समस्याएं हों तो ऐसे में बहुत एडवांस टेक्निक्स की मदद से भी गर्भधारण कर पाना मुश्किल होता है।

इससे यह समझा जा सकता है कि, आईवीएफ केवल महिलाओं से जुड़ी हुई प्रक्रिया नहीं है बल्कि, यह माता और पिता दोनों की संयुक्त यात्रा है। ऐसे में जब कपल्स आईवीएफ का पर्याय चुनते हैं तब पुरुषों को तनाव, झिझक, शर्म को दरकिनार करते हुए अपनी फर्टिलिटी और फिजिकल हेल्थ से जुड़े सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए और अपने डॉक्टर से इस बारे में सभी सवाल पूछें और सही जानकारी पाने के बाद ही आईवीएफ के लिए आगे बढ़ें।

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