
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : June 4, 2026 8:33 PM IST
Medically Verified By: Dr. Kajal Singh
bp problems in pregnancy (Image credit: chatgpt)
गर्भावस्था महिलाओं के जीवन का ऐसा समय होता है, जिस दौरान उनके शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को ही खास देखभाल की जरूरत होती है। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य को भी कई अलग-अलग बदलावों से होकर गुजरता है। यही कारण है कि इस दौरान कई बार स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसी ही एक समस्या है गर्भावस्था के दौरान बीपी बढ़ना। ग्रेटर नोएडा के NIIMS मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. काजल सिंह के अनुसार गर्भावस्था में ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ना मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वैसे तो बीपी बढ़ने से स्वास्थ्य के लिए कई समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन अगर किसी गर्भवती महिला का बीपी बढ़ता है तो उससे कुछ समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है -
यहां तक कि कुछ मामलों में एक्लेम्पसिया (दौरे पड़ना) जैसी जानलेवा जटिलता भी विकसित हो सकती है
डॉ. काजल सिंह के अनुसार प्री-एक्लेम्पसिया गर्भावस्था के 20 सप्ताह बाद होने वाली एक गंभीर समस्या है, जिसमें बीपी बढ़ जाता है और किडनी, लिवर जैसे अंग प्रभावित हो सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर मां और बच्चे दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है। वहीं प्री-एक्लेम्पसिया की अगली स्टेज को आप एक्लेम्पसिया कहा जाता है। सरल शब्दों में कहें तो अगर प्री-एक्लेम्पसिया से ग्रसित किसी महिला को दौरे भी पड़ने लगें तो इस स्थिति को फिर एक्लेम्पसिया कहा जाात है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और तुरंत अस्पताल में इलाज की आवश्यकता होती है।
गर्भावस्था के दौरान बीपी बढ़ना कई गंभीर जटिलताएं लेकर आता है और इसलिए कुछ लक्षण हैं जिन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए जैसे -
ऊपर बताए गए ये लक्षण अगर किसी गर्भवती महिला में दिख रहे हैं, तो यह एक अच्छा संकेत नहीं है और अगर किसी महिला को इनमें से कोई एक लक्षण भी दिख रहा है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान बीपी का बढ़ना कई बार गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है और इससे मां व बच्चे दोनों को खतरा हो सकता है। ऐसे में अपना बीपी कंट्रोल रखने के लिए आप निम्न तरीके अपना सकते हैं -
गर्भावस्था में अपने स्वास्थ्य को सही रखने के लिए नियमित रूप से जांच कराते रहना बेहद सही है। इसलिए याद रहे कि समय पर जांच और सही इलाज से बढ़े हुए बीपी और प्री-एक्लेम्पसिया के जोखिम को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल गर्भावस्था के दौरान बीपी बढ़ने से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।