• हिंदी

गर्भावस्था में HIV इंफेक्शन से मां और गर्भ के बच्चे को होता है ये नुकसान, एक्सपर्ट से समझें ज़रूरी फैक्ट्स

गर्भावस्था में HIV इंफेक्शन से मां और गर्भ के बच्चे को होता है ये नुकसान, एक्सपर्ट से समझें ज़रूरी फैक्ट्स

एक्सपर्ट विद्या भट्ट बता रही हैं प्रेगनेंसी के दौरान एचआईवी संक्रमण किस तरह मां और बच्चे की हेल्थ को प्रभावित करता है।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : December 2, 2023 7:01 AM IST

HIV and Pregnancy: प्रेगनेंसी हर महिला के लिए खुशी और उत्साह का समय लेकर आती है लेकिन, अगर किसी प्रेगनेंट महिला को एचआईवी हो तो इससे उनके लिए गर्भावस्था के दौरान मुश्किले बढ़ सकती हैं। डॉ. विद्या भट्ट (Dr Vidya V Bhat, Medical Director, RadhaKrishna Multispeciality Hospital) बता रही हैं प्रेगनेंसी के दौरान एचआईवी संक्रमण किस तरह मां और बच्चे की हेल्थ को प्रभावित करता है। यहां पढ़े एचआईवी इंफेक्शन के साथ प्रेगनेंसी के क्या नुकसान हो सकते हैं। (How HIV infection affects mother and unborn baby in Hindi.)

एचआईवी संक्रमित महिला को हो सकते हैं ये नुकसान ( Impact of HIV on Maternal Health)

इम्यूनोलॉजी से जुड़ी प्रॉब्लम्स

प्रेगनेंसी की वजह से महिलाओं की इम्यून पॉवर कमजोर हो जाती है जिसका असर उनके गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ता है। वहीं, अगर मां एचआईवी संक्रमित हो तो इससे इम्यूनिटी बहुत अधिक कम हो जाती है जिससे भ्रूण को भी नुकसान पहुंच सकता है।

बढ़ सकती हैं कॉम्प्लिकेशन्स

एचआईवी से पीड़ित महिलाओं में प्रसव के समय अधिक समस्याएं ( elevated risk of obstetric complications) हो सकती है। प्रीटर्म बर्थ ( Preterm birth), लो बर्थ वेट (low birth weight) और प्रीक्लैम्प्सिया ( preeclampsia) जैसी स्थितियों का रिस्क सबसे अधिक होता है।

Also Read

More News

मेंटल हेल्थ पर पड़ता है असर

शारीरिक समस्याओं के अलावा एचआईवी संक्रमण की वजह से महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। प्रेगनेंसी में एचआईवी संक्रमण के कारण मां को मानसिक दबाव, डर और स्ट्रेस महसूस हो सकता है।

गर्भ में पल रहे बच्चे को एचआईवी यूं करता है प्रभावित ( Impact of HIV on Fetal Development)

मां से बच्चे को संक्रमण का ट्रांसमिशन ( Mother-to-Child Transmission-MTCT)

प्रेगनेंसी में मां से बच्चे में संक्रमण फैलने का खतरा और चिंता सबसे अधिक होता है। प्रेगनेंसी के दौरान मां से बच्चे में संक्रमण आसानी से पहुंच सकता है। इसी तरह जन्म के समय और दूध पिलाने से बच्चे तक संक्रमण फैल सकता है।

बच्चे की ग्रोथ पर पड़ सकता है असर

भ्रूण के विकास पर एचआईवी संक्रमण का बहुत गम्भीर प्रभाव पड़ता है। बच्चे की ग्रोथ (development of fetus) में आनेवाली समस्याओं के कारण मेडिकल सपोर्ट और मॉनिटरिंग की जरूरत पड़ेगी।

भविष्य में होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम्स

एचआईवी इंफेक्शन से पीड़ित मां के बच्चों को आगे चलकर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। एचआईवी का जल्द निदान और मेडिकल सपोर्ट की जरूरत पड़ेगी।

बरतें या सावधानियां और उपाय

प्रेगनेंसी से पहले और प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपने और बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां मिलनी चाहिए। रेग्यूलर हेल्थ चेकअप्स की मदद से एचआईवी संक्रमित मां के लिए सुरक्षित रह पाने में मदद हो सकती है। (importance of regular health checkups in pregnancy)

अपने डॉक्टर के सम्पर्क में रहें और सभी टेस्ट समय से कराएं। इससे किसी भी तरह की कॉम्प्लिकेशन का अंदाजा समय से लग जाएगा और समय पर जरूरी मेडिकल उपाय किए जा सकेंगे।

प्रेगनेंट महिला के आसपास के लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए भावनात्मक सपोर्ट देना चाहिए। यह महिलाओं के मन से डर कम करेगा और उन्हें सुरक्षित महसूस करने में मदद करेगा।