इंफर्टिलिटी के कारण नहीं बन पा रही हैं मां, जानें किन कारणों से होती है यह समस्या

अगर आपकी फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक या छतिग्रस्त है, तो यह भी आपको मातृत्व के सुख से वंचित रख सकता है। एक अनुमान के मुताबिक, 35 प्रतिशत महिलाएं इस कारण से गर्भवती नहीं हो पाती हैं।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : September 4, 2018 5:18 PM IST

एक अनुमान के मुताबिक, वैश्विक रूप से 60 से 80 मिलियन विवाहित जोडे बांझपन का शिकार हैं। आईसीएमआर बुलिटेन के अनुसार, चैंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इनमें से 15 से 20 मिलियन लोग भारत में हैं। इसका मतलब हमारे देश में यह एक बड़ी समस्या है। यह बहुत निराशाजनक होता कि जब आप मातृत्व का अनुभव करना चाहती हों, तब उस स्थिति में आपके गर्भ परीक्षण का परिणाम अच्छा न आए। इससे पहले कि आप यह समझें कि अब आईवीएफ ही एक मात्र विकल्प है, यह जरूरी है कि आप बांझपन यानी इंफर्टिलिटी की कुछ महत्वपूर्ण कारणों को जान लें।

मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की आईवीएफ विशेषज्ञ डॉक्टर शोभा गुप्ता बांझपन (इंफर्टिलिटी) के पांच कारणों व उनसे बचाव के बारे में बता रही हैं।

कहीं आपके पास पर्याप्त हेल्दी एग की कमी तो नहीं

एक बच्ची तय संख्या के एग से साथ जन्म लेती है लेकिन उर्म बढ़ने के साथ स्वस्थ एग की संख्या में कमी आती है। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ रिप्रोडेक्टिव मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 30 वर्षीय एक स्वस्थ महिला में प्रत्येक माह मां बनने के चांसेज 20 प्रतिशत रह जाते हैं। अगर आप फर्टिलिटी ड्रग ले रही हैं तो एग की संख्या कम हो जाती है।

क्या करें

डॉक्टर शोभा का कहना है कि स्वस्थ एग होना बहुत आवश्यक है। यदि आप ध्रूमपान करती हैं तो मां बनने का सुख पाने के लिए उसे तुरंत छोड दें। स्वस्थ एग के लिए आईयूआई या आईवीएफ के बिना किसी भी तरह की दवा का प्रयोग न करें। एक अच्छे आईवीएफ सेंटर व विशेषज्ञ की सलाह लें और अपनी फैमिली प्लानिंग 35 साल से पहले तक कर लें।

पढ़ें- मां बनने की प्लानिंग कर रही हैं, तो ovulation पीरियड को भी जान लें

आपका साथी तो नहीं जिम्मेदार

एक तिहाई मामलों में बांझपन की समस्या पुरुषों की वजह से होती है। अगर आपके साथी का वजन ज्यादा है, वह शराब का सेवन व धूम्रपान करता है तो यह आदत आपके मां बनने के मौकों को कम कर सकती है। प्रोस्टेट ग्लैड्स में इंफेक्शन भी एक बड़ी समस्या है।

infertility in women1 25 मिलियन भारतीय महिलाएं इंडोमेट्रीओसिस से हैं पीड़ित। © Shutterstock

क्या करें

इस स्थिति में वजन कम करना व धूम्रपान छोड़ देना एक असरदार उपाय हो सकता है परंतु आपके साथी के लिए यह जरूरी है कि वह अपने शारीरिक परीक्षण के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क करे। इसके साथ ही सीमेन परीक्षण भी जरूरी होता है। समस्या पता चलने के बाद आईयूआई या आईवीएफ एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं। फलों का सेवन करें व एंडीऑक्सीडेंड फायदेमंद हो सकता है।

पढ़ें- थायराॅइड है तो अलर्ट हो जाएं, महिलाओं में बढ़ सकती है इंफर्टिलिटी की समस्या

पीसीओएस एक अनजान खतरा

पीसीओएस भी मां बनने में बहुत बड़ा रोड़ा है। इस बीमारी में मेंसुरेशन साइकल बिगड़ जाता है, साथ पुरुष हार्मोन अधिक हो जाते हैं। यह 5 से 10 फीसदी महिलाओं में होता है। इसके साथ ही यह एग के न पनप पाने का कारण होता है। महिलाएं जिनमें मेंसुरेशन साइकल सही नहीं है, चेहरे, छाती व कमर आदि पर बालों का बढ़ना पीसीओएस के लक्षण हैं। यह सामान्य से ज्यादा व कम वजन होने से, शराब व धूम्रपान के सेवन से व थायरॉइड असंतुलन से भी हो सकता है।

क्या करें

मां बनने के मौके बढ़ाने के लिए सबसे पहले स्वस्थ शरीर होना बहुत आवश्यक है। आपका वजन न बहुत कम हो और न ही बहुत ज्यादा। ऐसे लक्षण होने पर सबसे ज्यादा जरूरी है कि बिना देर किए हुए पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम मतलब पीसीओएस की जांच करवाएं। अगर आपको पता है कि आप ओव्यूलेशन नहीं कर सकतीं तो किसी अच्छे विशेषज्ञ की सहायता लें।

पढ़ें- 40 की उम्र तक नहीं बन सकी हैं मां, तो जानें कौन सी टेक्नीक करेगी आपकी मदद

इंडोमेट्रीओसिस भी है बाधक

इंडोमेट्रीओसिस एक मेडिकल समस्या है। यह समस्या वैश्विक रूप से लगभग 89 मिलियन युवा महिलाओं को है, जिनमें से 25 मिलियन महिलाएं भारतीय हैं। डॉ. शोभा ने बताया इसकी वजह से माहवारी के दौरान ज्यादा दर्द, अधिक रक्त स्त्राव के साथ-साथ यह 30 से 50 प्रतिशन महिलाओं बाझपन का भी कारण बन सकती है।

क्या करें

इंडोमेंट्रीओसिस से जूझ रही महिलाओं के लिए गर्भवती होना एक चैलेंज की तरह होता है इसलिए इसके इलाज में देर करना बड़ी समस्या बन सकता है। युवा महिलाएं जो कि इस बीमारी से पीड़ित हैं और मां बनना चाहती हैं, उनके लिए विशेष इलाज जैसे आईयूआई या आईवीएफ कारगर साबित हो सकता है।

पढ़ें- आजमाएं ये टिप्स, कम होगा डिलीवरी में लेबर पेन

फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने पर

अगर आपकी फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक या छतिग्रस्त है, तो यह भी आपको मातृत्व के सुख से वंचित रख सकता है। एक अनुमान के मुताबिक, 35 प्रतिशत महिलाएं इस कारण से गर्भवती नहीं हो पाती हैं। किसी पिछली सर्जरी के कारण भी अधिकतर महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने की शिकायत होती है।

क्या करें

यह जरूरी है कि ट्यूब्स खुली रहें वरना स्पर्म व एग में कम्यूनिकेट नहीं हो पाएगा। विशेषज्ञ आपको एक्सरे के माध्यम से इस बीमारी के बारे में बता सकता है और यदि यह समस्या आपको है तो आपके पास आईवीएफ ही एक मात्र रास्ता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source